‘रोक’ पर गरमाई राजनीति, 23 को आएंगे अखिलेश
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के वार्षिकोत्सव में शामिल होने से रोके जाने तथा सपा कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज का मामला शांत होने के बजाय और तुल पकड़ता दिख रहा है। इस घटना के बाद सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 23 फरवरी को प्रयागराज आ रहे हैं। पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता ऋचा सिंह तथा अन्य घायलों से मुलाकात करके वह कार्यकर्ताओं की नाराजगी जानेंगे तो अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि से मिलकर संतों का साथ पाने की सियासत को भी धार देंगे।
मंगलवार को छात्रसंघ के वार्षिकोत्सव में अखिलेश यादव को शामिल होना था लेकिन, विरोध के बाद उन्हें लखनऊ में ही रोक लिया गया। पूर्व मुख्यमंत्री को बाघम्बरी गद्दी में आयोजित कार्यक्रम में भी आमंत्रित किया गया था लेकिन, वह उसमें शामिल नहीं हो पाए थे।
इससे नाराज सपा कार्यकर्ताओं ने बवाल मचाया। लाठीचार्ज में तीन सांसदों समेत अनेक नेता और कार्यकर्ता घायल हो गए। इसमें ऋचा सिंह, जिलाध्यक्ष कृष्ण मूर्ति यादव समेत कई नेता शामिल हैं। ऐसे में बुधवार और बृहस्पतिवार को चर्चा रही कि घायलों से मिलने के लिए अखिलेश आ रहे हैं। अब उनका प्रयागराज आने का कार्यक्रम तय हो गया है।
पूर्व महानगर अध्यक्ष केके श्रीवास्तव ने बताया कि वह 23 फरवरी को आएंगे। उनका हेलीकॉप्टर दिन में पौने बारह बजे बमरौली एयरपोर्ट पर उतरेगा। वहां से वह तेलियरगंज स्थित ऋचा सिंह के आवास पर जाएंगे और हालचाल लेंगे। वहां से वह जार्जटाउन स्थिति पार्टी कार्यालय आएंगे और कार्यकर्ताओं से मिलेंगे।
करीब ढाई बजे वह बड़े हनुमान मंदिर पहुंचेंगे और महंत नरेंद्र गिरि से मिलेंगे। बुधवार को यहां आए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष तथा अन्य संतों से मुलाकात की थी। स्वामी नरेंद्र गिरि की अखिलेश यादव के साथ करीबी को लेकर भाजपा नेताओं ने हास-परिहास भी किया था।
इसके अलावा विश्व हिंदू परिषद की घोषणा से इतर स्वामी नरेंद्र गिरि ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए अलग आंदोलन की रणनीति बनाई है। ऐसे में महंत नरेंद्र गिरि और अखिलेश यादव की इस बहुप्रतिक्षित मुलाकात के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।