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राम मंदिर पर गठित होने वाले ट्रस्ट में भाईचारा कायम करने पर अखाड़ा परिषद ने जताया एतराज
Tue, 12 Nov 2019 09:01 PM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Tue, 12 Nov 2019 09:01 PM IST
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अखाड़ा परिषद (फाइल फोटो)
- फोटो : self
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राम मंदिर निर्माण के लिए केंद्र सरकार की ओर से भाईचारा की तर्ज पर गठित होने वाले ट्रस्ट में मुस्लिम या किसी दूसरे धर्म के व्यक्ति को शामिल करने पर अखाड़ा परिषद ने एतराज जताया है। साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गोरक्ष पीठाधीश्वर के रूप में इस ट्रस्ट में शामिल करने की आवाज अखाड़ा परिषद ने उठाई है।
उन्होंने ट्रस्ट में चारों पीठों के शंकराचार्यों, चारों रामानंदाचार्यों समेत अखाड़ा परिषद के पदेन अध्यक्ष और महामंत्री को भी इस ट्रस्ट में शामिल करने की मांग प्रमुखता से उठाई। देव दीपावली के उत्सव पर अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए गठित होने वाले ट्रस्ट में सनातनी धर्म संस्कृति की छाप होनी चाहिए।
बताया कि राम मंदिर आंदोलन में गोरक्षनाथ पीठ के महंत और सीएम योगी के गुरु रहे महंत अवैद्यनाथ का बड़ा योगदान रहा है। ऐसे में योगी आदित्यनाथ को सीएम के रूप में नहीं, बल्कि गोरक्षनाथ पीठ के पीठाधीश्वर के तौर पर राम मंदिर ट्रस्ट में जगह दी जानी चाहिए। महंत नरेंद्र गिरि ने राम मंदिर ट्रस्ट में सनानत धर्म के अलावा किसी दूसरे धर्मावलंबी को सदस्य बनाए जाने पर आपत्ति जताई है।
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उनका कहना है कि लंबे समय बाद अयोध्या विवाद का सुप्रीम कोर्ट से सर्वसम्मति से फैसला आया है। ऐसे में इस ट्रस्ट में किसी मुस्लिम या अन्य धर्मावलंबी को शामिल करना कतई उचित नहीं होगा। ऐसा हुआ तो आने वाले समय में नए सिरे से तकरार की नौबत आ सकती है। इसके साथ ही राम मंदिर आंदोलन से जुड़े दूसरे साधु संतों को भी ट्रस्ट में जगह देने की वकालत की है।
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उन्होंने ट्रस्ट में चारों पीठों के शंकराचार्यों, चारों रामानंदाचार्यों समेत अखाड़ा परिषद के पदेन अध्यक्ष और महामंत्री को भी इस ट्रस्ट में शामिल करने की मांग प्रमुखता से उठाई। देव दीपावली के उत्सव पर अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए गठित होने वाले ट्रस्ट में सनातनी धर्म संस्कृति की छाप होनी चाहिए।
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बताया कि राम मंदिर आंदोलन में गोरक्षनाथ पीठ के महंत और सीएम योगी के गुरु रहे महंत अवैद्यनाथ का बड़ा योगदान रहा है। ऐसे में योगी आदित्यनाथ को सीएम के रूप में नहीं, बल्कि गोरक्षनाथ पीठ के पीठाधीश्वर के तौर पर राम मंदिर ट्रस्ट में जगह दी जानी चाहिए। महंत नरेंद्र गिरि ने राम मंदिर ट्रस्ट में सनानत धर्म के अलावा किसी दूसरे धर्मावलंबी को सदस्य बनाए जाने पर आपत्ति जताई है।
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उनका कहना है कि लंबे समय बाद अयोध्या विवाद का सुप्रीम कोर्ट से सर्वसम्मति से फैसला आया है। ऐसे में इस ट्रस्ट में किसी मुस्लिम या अन्य धर्मावलंबी को शामिल करना कतई उचित नहीं होगा। ऐसा हुआ तो आने वाले समय में नए सिरे से तकरार की नौबत आ सकती है। इसके साथ ही राम मंदिर आंदोलन से जुड़े दूसरे साधु संतों को भी ट्रस्ट में जगह देने की वकालत की है।