High Court : सीएम योगी के खिलाफ दाखिल मुकदमे की पैरवी करने वाले एके संड बने शासकीय अधिवक्ता
न्याय विभाग के विशेष सचिव निकुंज मित्तल की ओर से जारी सूची में शासकीय अधिवक्ता संड समेत 273 अपर शासकीय अधिवक्ताओं की नियुक्ति को स्वीकृति दी गई है। इसमें 65 अपर शासकीय अधिवक्ता प्रथम और 207 अपर शासकीय अधिवक्ता शामिल हैं। इस सूची में जातीय संतुलन का ध्यान रखते हुए हर वर्ग को साधा गया है।
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शासन ने मंगलवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में बहुप्रतीक्षित सरकारी वकीलों की दूसरी सूची जारी कर दी। चुनावी वर्ष में सरकारी वकीलों की जारी यह सूची राजनीतिक मायने में काफी अहम मानी जा रही है। सरकार ने इस सूची में नए वकीलों को जगह देने के साथ ही जातीय समीकरण को भी साधा है। इस सूची में 2017 में परवेज परवाज की ओर से दाखिल मुकदमे में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ की ओर से पैरवी कर चुके आशुतोष कुमार संड को शासकीय अधिवक्ता बनाया गया है।
न्याय विभाग के विशेष सचिव निकुंज मित्तल की ओर से जारी सूची में शासकीय अधिवक्ता संड समेत 273 अपर शासकीय अधिवक्ताओं की नियुक्ति को स्वीकृति दी गई है। इसमें 65 अपर शासकीय अधिवक्ता प्रथम और 207 अपर शासकीय अधिवक्ता शामिल हैं। इस सूची में जातीय संतुलन का ध्यान रखते हुए हर वर्ग को साधा गया है।
बीते 25 - 26 मई को भी सरकारी वकीलों की सूची जारी हुई थी। उस सूची में शामिल नामों को लेकर भाजपा और संघ से जुड़े कार्यकर्ताओं में नाराजगी पैदा होने की बात सामने आई थी। इस सूची में उन्हें संतुष्ट करने की कोशिश की गई है।
शासकीय अधिवक्ता नियुक्त किए जाने के बाद संड ने महाधिवक्ता कार्यालय पहुंचकर कार्यभार ग्रहण कर लिया। 1977 में वकालत की शुरुआत करने वाले संड आपराधिक मामलों के ख्याति प्राप्त अधिवक्ता हैं। वर्ष 1997 से लगातार अपर शासकीय अधिवक्ता के रूप में प्रदेश सरकार के फौजदारी मामलों की पैरवी कर रहे हैं। 2017 में समाजसेवी परवेज परवाज की ओर से सीएम योगी के खिलाफ दाखिल मुकदमे में प्रभावी पैरवी करने का उनको फायदा मिलने की बात कही जा रही है।
माना जा रहा है कि राज्य सरकार ने संड के पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए शासकीय अधिवक्ता की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। संड को अब इलाहाबाद उच्च न्यायालय में फौजदारी मामलों के शीघ्र निवारण के साथ ही, शासकीय अधिवक्ता कार्यालय की प्रशासनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन भी करना होगा।