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अबकी गुरु पूर्णिमा पर बनेगा चंद्रग्रहण का अद्भुत संयोग
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Ago will be formed on the full moon, a wonderful combination of lunar eclipse
अबकी गुरुपूर्णिमा पर बनेगा चंद्रग्रहण का अद्भुत योग
0 कुल 2.59 घंटे का खग्रास चंद्रग्रहण रात 1.31 बजे से
प्रयागराज। आषाढ़ शुक्लपक्ष पूर्णिमा अर्थात गुरुपूर्णिमा पर अबकी चंद्रग्रहण का अद्भुत संयोग बनेगा। 16 एवं 17 जुलाई की रात में खग्रास चंद्रग्रहण लगेगा जो पूरे भारत में दिखाई देगा। इसका स्पर्श रात 1.31 बजे आरंभ होगा। इसका मध्य 3.01 बजे जबकि चंद्र ग्रहण का मोक्ष 4.30 बजे होगा। ग्रहण की कुल अवधि 2.59 घंटे होगी। ज्योतिर्विद पं दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली के मुताबिक रात 1.31 बजे से मोक्षकाल 4.30 बजे तक का चंद्रग्रहण धार्मिक और ग्रहीय दोनों ही दृष्टियों से महत्वपूर्ण है।
ज्योतिर्विद डॉ.गिरिजाशंकर शास्त्री कहते हैं, अबकी पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र मित्र योग में धन और मकर की संधि राशि में महापूर्णिमा है, जिसे मंत्रसिद्धि के लिए अच्छा योग माना जाता है। ऐसे में सूतक काल शाम पांच बजे से लग जाएगा। मान्यता है कि इस काल में घर में अन्न और जल में तुलसीदल, कुशा डालनी चाहिए। इस दौरान गुरु के मंत्र, गायत्री मंत्र, मृत्युंजय मंत्र, नम: शिवाय आदि का जाप फलदायी होता है।
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0 कुल 2.59 घंटे का खग्रास चंद्रग्रहण रात 1.31 बजे से
प्रयागराज। आषाढ़ शुक्लपक्ष पूर्णिमा अर्थात गुरुपूर्णिमा पर अबकी चंद्रग्रहण का अद्भुत संयोग बनेगा। 16 एवं 17 जुलाई की रात में खग्रास चंद्रग्रहण लगेगा जो पूरे भारत में दिखाई देगा। इसका स्पर्श रात 1.31 बजे आरंभ होगा। इसका मध्य 3.01 बजे जबकि चंद्र ग्रहण का मोक्ष 4.30 बजे होगा। ग्रहण की कुल अवधि 2.59 घंटे होगी। ज्योतिर्विद पं दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली के मुताबिक रात 1.31 बजे से मोक्षकाल 4.30 बजे तक का चंद्रग्रहण धार्मिक और ग्रहीय दोनों ही दृष्टियों से महत्वपूर्ण है।
ज्योतिर्विद डॉ.गिरिजाशंकर शास्त्री कहते हैं, अबकी पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र मित्र योग में धन और मकर की संधि राशि में महापूर्णिमा है, जिसे मंत्रसिद्धि के लिए अच्छा योग माना जाता है। ऐसे में सूतक काल शाम पांच बजे से लग जाएगा। मान्यता है कि इस काल में घर में अन्न और जल में तुलसीदल, कुशा डालनी चाहिए। इस दौरान गुरु के मंत्र, गायत्री मंत्र, मृत्युंजय मंत्र, नम: शिवाय आदि का जाप फलदायी होता है।
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