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पुरानी प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद नये सत्र में हो प्रवेश
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) प्रशासन के्रट के लिए जून में आवेदन की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रहा है। वहीं, वाणिज्य विभाग में पिछले सत्र में क्रेट में सफल हुए अभ्यर्थियों को अब तक पीएचडी में दाखिला नहीं मिला। चयनित अभ्यर्थियों ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय और कुलपति को पत्र लिखकर मांग की है कि पहले पुराने प्रवेश की प्रक्रिया पूरी की जाए और इसके बाद नए प्रवेश लिए जाएं।
छात्रों का कहना है कि पिछले सत्र की प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो पाई है और विश्वविद्यालय प्रशासन आगामी सत्र के लिए पीएचडी प्रवेश की प्रक्रिया जून से शुरू करने की तैयारी में है। ऐसे में छात्र-छात्राओं के बीच असमंजस की स्थिति है। पीएचडी की सीटें शोध पर्यवेक्षकों की उपलब्धता के आधार पर तय होती हैं और शोध पर्यवेक्षकों की उपलब्धता उनके निर्देशन में नामांकित शोध छात्रों की संख्या के आधार पर तय होती है। ऐसे में पिछले सत्र की प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण किये बिना आगामी सत्र के लिए सीटों का निर्धारण कैसे किया जा सकता है और बिना सीट निर्धारण के नए सत्र में प्रवेश के लिए आवेदन कैसे लिए जा सकते हैं। छात्रों ने कुलपति से पिछले सत्र की प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद ही आगामी सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया है और इस संदर्भ में मानव संसाधन विकास मंत्री को भी ईमेल से पत्र भेजा है।
एक सप्ताह पहले होगी मौसम की सटीक भविष्यवाणी
ईसीसी के भौतिक विभाग की ओर से आयोजित अंतर्राष्ट्रीय वेबिनार के चौथे दिन की शुरुआत आईआईटीएम पुणे के परियोजन निदेशक डॉ. अतुल कुमार के व्याख्यान से हुई। उन्होंने कृषि उत्पादकता पर जलवायु परिवर्तन से होने वाले प्रभाव के बारे में बताया और कहा कि उनका विभाग एक ऐसा सिस्टम तैयार कर रहा है जो एक सप्ताह पहले मौसम की सटीक भविष्यवाणी कर देगा।
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प्रथम सत्र के दूसरे व्याख्यान में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. रामेंद्र कुमार सिंह ने कोरोना वायरस के वैक्सीन के संबंध में चर्चा की। दूसरे सत्र में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के बायोकेमिस्ट्री विभाग के अध्यक्ष प्रो. अभय कुमार पांडेय ने कोरोना वायरस की संरचना एवं उससे बचाव के तरीकों के बारे में बताया। ईसीसी के डॉ अजिन रे एवं डॉ सोनाली चतुर्वेदी ने ग्रामीण भारत पर कोरोना के प्रभाव के बारे में बात की। अंतिम सत्र में ईसीसी के भौतिकी विभाग के डॉ. अशोक कुमार पाठक ने लेजर एवं अंतरराष्ट्रीय प्रकाश दिवस पर व्याख्यान दिया। ईसीसी के पूर्व प्राचार्य डॉ. राम प्रकाश सिंह ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए। वेबिनार के संयोजक डॉ. अनिल कुमार सिंह ने बताया कि वेबिनार में रविवार को पांच व्याख्यान होंगे। संचालन डॉ. प्रेम प्रकाश सिंह एवं शिवम श्रीवास्तव ने किया।
इविवि में प्रवेश के लिए 25 हजार से अधिक आवेदन
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) और संघटक महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए 25 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर ली है। शनिवार शाम तक कुल 66438 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया और इनमें से 25834 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन शुल्क जमा करते हुए आवेदन की प्रक्रिया पूरी की। आईपीएस के विभन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 8530 एवं 383, बीएएलएलबी के लिए 3858 एवं 2045, एलएलबी के लिए 5486 एवं 2691, स्नातक के लिए 31840 एवं 15685, परास्नातक के लिए 13622 एवं 3292, बीएड के लिए 1251 एवं 640, एमएड के लिए 328 एवं 177, एमबीए/एमबीएआरडी के लिए 475 एवं 242 और एलएलएम के लिए 1048 एवं 679 क्रमश: रजिस्ट्रेशन एवं आवेदन हुए हैं।
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छात्रों का कहना है कि पिछले सत्र की प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो पाई है और विश्वविद्यालय प्रशासन आगामी सत्र के लिए पीएचडी प्रवेश की प्रक्रिया जून से शुरू करने की तैयारी में है। ऐसे में छात्र-छात्राओं के बीच असमंजस की स्थिति है। पीएचडी की सीटें शोध पर्यवेक्षकों की उपलब्धता के आधार पर तय होती हैं और शोध पर्यवेक्षकों की उपलब्धता उनके निर्देशन में नामांकित शोध छात्रों की संख्या के आधार पर तय होती है। ऐसे में पिछले सत्र की प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण किये बिना आगामी सत्र के लिए सीटों का निर्धारण कैसे किया जा सकता है और बिना सीट निर्धारण के नए सत्र में प्रवेश के लिए आवेदन कैसे लिए जा सकते हैं। छात्रों ने कुलपति से पिछले सत्र की प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद ही आगामी सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया है और इस संदर्भ में मानव संसाधन विकास मंत्री को भी ईमेल से पत्र भेजा है।
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एक सप्ताह पहले होगी मौसम की सटीक भविष्यवाणी
ईसीसी के भौतिक विभाग की ओर से आयोजित अंतर्राष्ट्रीय वेबिनार के चौथे दिन की शुरुआत आईआईटीएम पुणे के परियोजन निदेशक डॉ. अतुल कुमार के व्याख्यान से हुई। उन्होंने कृषि उत्पादकता पर जलवायु परिवर्तन से होने वाले प्रभाव के बारे में बताया और कहा कि उनका विभाग एक ऐसा सिस्टम तैयार कर रहा है जो एक सप्ताह पहले मौसम की सटीक भविष्यवाणी कर देगा।
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प्रथम सत्र के दूसरे व्याख्यान में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. रामेंद्र कुमार सिंह ने कोरोना वायरस के वैक्सीन के संबंध में चर्चा की। दूसरे सत्र में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के बायोकेमिस्ट्री विभाग के अध्यक्ष प्रो. अभय कुमार पांडेय ने कोरोना वायरस की संरचना एवं उससे बचाव के तरीकों के बारे में बताया। ईसीसी के डॉ अजिन रे एवं डॉ सोनाली चतुर्वेदी ने ग्रामीण भारत पर कोरोना के प्रभाव के बारे में बात की। अंतिम सत्र में ईसीसी के भौतिकी विभाग के डॉ. अशोक कुमार पाठक ने लेजर एवं अंतरराष्ट्रीय प्रकाश दिवस पर व्याख्यान दिया। ईसीसी के पूर्व प्राचार्य डॉ. राम प्रकाश सिंह ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए। वेबिनार के संयोजक डॉ. अनिल कुमार सिंह ने बताया कि वेबिनार में रविवार को पांच व्याख्यान होंगे। संचालन डॉ. प्रेम प्रकाश सिंह एवं शिवम श्रीवास्तव ने किया।
इविवि में प्रवेश के लिए 25 हजार से अधिक आवेदन
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) और संघटक महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए 25 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर ली है। शनिवार शाम तक कुल 66438 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया और इनमें से 25834 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन शुल्क जमा करते हुए आवेदन की प्रक्रिया पूरी की। आईपीएस के विभन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 8530 एवं 383, बीएएलएलबी के लिए 3858 एवं 2045, एलएलबी के लिए 5486 एवं 2691, स्नातक के लिए 31840 एवं 15685, परास्नातक के लिए 13622 एवं 3292, बीएड के लिए 1251 एवं 640, एमएड के लिए 328 एवं 177, एमबीए/एमबीएआरडी के लिए 475 एवं 242 और एलएलएम के लिए 1048 एवं 679 क्रमश: रजिस्ट्रेशन एवं आवेदन हुए हैं।