रोडवेज : यूपीटीईटी परीक्षा निरस्त होने के बाद ट्रेनों और बसों में उमड़ी भीड़, फ्री में सफर को लेकर जमकर हुई किचकिच
प्रयागराज के कई केंद्रों में सुबह ही परीक्षा निरस्त होने की खबर आ गई। इसके बाद अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए अभ्यर्थी बस स्टेशन और रेलवे स्टेशन पहुंचने लगे। दूसरे शहरों से परीक्षा देने पहुंचे हजारों परीक्षार्थी घर वापसी के लिए ट्रेनों और बसों की राह ताकते नजर आए।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा 2021 (टीईटी) परीक्षा निरस्त हो जाने के बाद वापसी करने वाले अभ्यर्थियों की ट्रेनों और बसों में खूब भीड़ उमड़ी। दूसरे शहरों से प्रयागराज पहुंचे अभ्यर्थियों की घर वापसी की वजह से सिविल लाइंस और जीरोरोड बस स्टेशन पर बसें कम पड़ गई। बसों में चढ़ने के लिए अभ्यर्थियों के बीच खूब धक्का मुक्की हुई। इस दौरान बसों में फ्री सफर को लेकर अभ्यर्थियों की रोडवेज अफसरों से भी बहस हुई।
प्रयागराज के कई केंद्रों में सुबह ही परीक्षा निरस्त होने की खबर आ गई। इसके बाद अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए अभ्यर्थी बस स्टेशन और रेलवे स्टेशन पहुंचने लगे। दूसरे शहरों से परीक्षा देने पहुंचे हजारों परीक्षार्थी घर वापसी के लिए ट्रेनों और बसों की राह ताकते नजर आए। प्रयागराज जंक्शन के पूछताछ कांउटर पर ट्रेनों के आगमन-प्रस्थान को लेकर दिन में काफी लंबी लाइन लग गई।
कोरोना प्रोटोकाल होने की वजह से सिर्फ आरक्षण कराने वाले यात्रियों को ही यात्रा की अनुमति दिए जाने के नियम से भी काफी अभ्यर्थी परेशान रहे, लेकिन सफर का कोई विकल्प न मिलता देख ढेरों अभ्यर्थी ट्रेनों की आरक्षित बोगियों में घुस गए। प्रयागराज जंक्शन पर आने वाली हावड़ा-जोधपुर, मुरी एक्सप्रेस, सियालदाह-अजमेर, सारनाथ एक्सप्रेस की आरक्षित बोगियों में काफी संख्या में अभ्यर्थी सवार हो गए।
यही स्थिति शाम को जंक्शन से मेरठ जाने वाली संगम एक्सप्रेस की भी रही। प्रयागराज संगम रेलवे स्टेशन पर ऊंचाहार, नौचंदी एक्सप्रेस आदि ट्रेनों से भी खूब भीड़ गई। परीक्षा देने आए गोपीगंज के मनीष सारस्वत ने बताया कि वह एक दिन पहले ही प्रयागराज आ गए थे, लेकिन वापस जाने के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। उधर सिविल लाइंस बस स्टेशन पर दोपहर 12 बजे के बाद से ही अभ्यर्थियों की भीड़ जमा होना शुरू हो गई।
इस दौरान बसें भी कम पड़ गई। सूचना पाकर क्षेत्रीय प्रबंधक टीकेएस बिसेन मौके पर पहुंचे। इस दौरान वाराणसी, कानपुर रूट पर अतिरिक्त बसें लगाई गई। क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि देर शाम तक विभिन्न रूटों के लिए 370 बसों का संचालन किया जा चुका था।
फ्री में सफर को लेकर खूब हुई किचकिच
परीक्षा निरस्त हो जाने के बाद सोशल मीडिया के माध्यम से अभ्यर्थियों को संदेश मिला कि वह अपना प्रवेश पत्र दिखाकर रोडवेज बसों में फ्री सफर कर सकते हैं। हालांकि रोडवेज प्रशासन को ऐसा कोई आदेश शासन से नहीं मिला था। इस वजह से तमाम अभ्यर्थियों की एआरएम सिविल लाइंस और बसों के कंडक्टर से खूब नोंकझोंक हुई। वाराणसी से परीक्षा देने आई रविता केसरवानी ने बताया कि सिविल लाइंस डिपो की बस में वह सवार हुई, लेकिन कंडक्टर ने फ्री सफर से इंकार कर दिया।
इसी तरह मिर्जापुर से आई शिखा रस्तोगी फ्री में सफर करने की अनुमति न मिलने से निराश हुई। इस बारे में रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक टीकेएस बिसेन ने कहा कि शासन की ओर से जो ट्वीट किया गया है उसमें स्पष्ट कहा गया कि अगले एक माह के अंदर यह परीक्षा एक बार फिर से होगी। तब परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों से आने-जाने का यूपी रोडवेज किराया नहीं लेगा।