{"_id":"60ef31757a09382759216fcc","slug":"after-suffering-a-loss-of-crores-for-eight-years-prayagraj-region-reached-the-top-three-in-earnings-for-the-first-time","type":"story","status":"publish","title_hn":"आठ वर्ष करोड़ों का घाटा सहने के बाद कमाई में टॉप थ्री में पहुंचा पहली बार प्रयागराज रीजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आठ वर्ष करोड़ों का घाटा सहने के बाद कमाई में टॉप थ्री में पहुंचा पहली बार प्रयागराज रीजन
Thu, 15 Jul 2021 12:18 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 15 Jul 2021 12:18 AM IST
सार
- रोडवेज के प्रयागराज रीजन को पहली बार 2.48 करोड़ का हुआ मुनाफा, मुख्यालय अफसरों ने दी बधाई
विज्ञापन
रोडवेज की बसें
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पिछले आठ वर्ष में करोड़ों रुपये का नुकसान झेलने वाले यूपी रोडवेज के प्रयागराज रीजन ने कमाई के मामले में अब लंबी छलांग लगाई है। कोरोना काल के पिछले एक वर्ष के दौरान यूपी रोडवेज का प्रयागराज रीजन कमाई के हिसाब सूबे के टॉप थ्री रीजन में शामिल हो गया है। प्रयागराज रीजन के उल्लेखनीय प्रदर्शन के लिए लखनऊ मुख्यालय ने भी बधाई दी है।
दरअसल प्रयागराज रीजन का वित्तीय वर्ष 2012-13 से कमाई के लिहाज से प्रदर्शन लगातार निराशाजनक ही रहा है। 2012-13 में जहां रीजन को 19 करोड़ का घाटा हुआ तो वहीं इसके अगले वित्तीय वर्ष 2013-14 में यह आंकड़ा 25 करोड़ तक पहुंच गया। इसके बाद 2014-15 में 19 करोड़, 2015-16 में 14 करोड़, 2016-17 में 16 करोड़, 2017-18 में 13 करोड़, 2018-19 में 24 करोड़, 2019-20 में कुंभ मेला जैसा सफल आयोजन कराने के बावजूद प्रयागराज रीजन को 12 करोड़ का नुकसान हुआ।
लगातार हो रहे घाटे के बाद वित्तीय वर्ष 2020-21 ने प्रयागराज रीजन को बड़ी राहत दी। कोरोना की वजह से पिछले वर्ष लगे लॉक डाउन के बाद भी प्रयागराज रीजन ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की। ट्रेनों में जनरल कोच में रिजर्वेशन की अनिवार्यता होने और रोडवेज द्वारा पूर्वांचल के तमाम जिलों और लंबी दूरी की सेवा बढ़ाने की वजह से आठ वर्ष के बाद प्रयागराज रीजन पहली बार फायदे में आया।
विज्ञापन
इस अवधि में प्रयागराज रीजन की कमाई 2.48 करोड़ रुपये हो गई। इतना ही नहीं सूबे में पहली बार कमाई के हिसाब से प्रयागराज रीजन टॉप थ्री में भी शामिल हो गया। इसके पूर्व प्रयागराज पहले कभी भी टॉप टेन तक में शामिल नहीं हो सका है। इस वित्तीय वर्ष के भी शुरूआती तीन माह में रोडवेज के प्रयागराज रीजन ने तकरीबन 50 लाख रुपये की कमाई कर ली है।
बस सेवाओं में लगातार सुधार हुआ है। इस वजह से यात्रियों को लोड फैक्टर बढ़ा है। घाटे में चल रहे प्रयागराज रीजन की कमाई भी बढ़ी है।- टीकेएस बिसेन, क्षेत्रीय प्रबंधक, रोडवेज प्रयागराज।
विज्ञापन
दरअसल प्रयागराज रीजन का वित्तीय वर्ष 2012-13 से कमाई के लिहाज से प्रदर्शन लगातार निराशाजनक ही रहा है। 2012-13 में जहां रीजन को 19 करोड़ का घाटा हुआ तो वहीं इसके अगले वित्तीय वर्ष 2013-14 में यह आंकड़ा 25 करोड़ तक पहुंच गया। इसके बाद 2014-15 में 19 करोड़, 2015-16 में 14 करोड़, 2016-17 में 16 करोड़, 2017-18 में 13 करोड़, 2018-19 में 24 करोड़, 2019-20 में कुंभ मेला जैसा सफल आयोजन कराने के बावजूद प्रयागराज रीजन को 12 करोड़ का नुकसान हुआ।
विज्ञापन
लगातार हो रहे घाटे के बाद वित्तीय वर्ष 2020-21 ने प्रयागराज रीजन को बड़ी राहत दी। कोरोना की वजह से पिछले वर्ष लगे लॉक डाउन के बाद भी प्रयागराज रीजन ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की। ट्रेनों में जनरल कोच में रिजर्वेशन की अनिवार्यता होने और रोडवेज द्वारा पूर्वांचल के तमाम जिलों और लंबी दूरी की सेवा बढ़ाने की वजह से आठ वर्ष के बाद प्रयागराज रीजन पहली बार फायदे में आया।
विज्ञापन
इस अवधि में प्रयागराज रीजन की कमाई 2.48 करोड़ रुपये हो गई। इतना ही नहीं सूबे में पहली बार कमाई के हिसाब से प्रयागराज रीजन टॉप थ्री में भी शामिल हो गया। इसके पूर्व प्रयागराज पहले कभी भी टॉप टेन तक में शामिल नहीं हो सका है। इस वित्तीय वर्ष के भी शुरूआती तीन माह में रोडवेज के प्रयागराज रीजन ने तकरीबन 50 लाख रुपये की कमाई कर ली है।
बस सेवाओं में लगातार सुधार हुआ है। इस वजह से यात्रियों को लोड फैक्टर बढ़ा है। घाटे में चल रहे प्रयागराज रीजन की कमाई भी बढ़ी है।- टीकेएस बिसेन, क्षेत्रीय प्रबंधक, रोडवेज प्रयागराज।