{"_id":"69b7baa4c0c272868508e331","slug":"after-not-getting-a-job-he-became-a-fake-rpf-inspector-arrested-by-grp-2026-03-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj : नौकरी न मिलने पर बना आरपीएफ का फर्जी दरोगा, जीआरपी ने किया गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj : नौकरी न मिलने पर बना आरपीएफ का फर्जी दरोगा, जीआरपी ने किया गिरफ्तार
Mon, 16 Mar 2026 01:39 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 16 Mar 2026 01:39 PM IST
सार
रेलवे राजकीय पुलिस (जीआरपी) व आरपीएफ की संयुक्त टीम ने रविवार को प्रयागराज जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर एक से आरपीएफ के एक फर्जी दराेगा को गिरफ्तार किया।
विज्ञापन
जीआरपी की गिरफ्त में फर्जी दरोगा।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रेलवे राजकीय पुलिस (जीआरपी) व आरपीएफ की संयुक्त टीम ने रविवार को प्रयागराज जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर एक से आरपीएफ के एक फर्जी दराेगा को गिरफ्तार किया। मूलरूप से गाजीपुर के थाना बरेसर के गांव रेंगा निवासी आरोपी दिव्यांशु कुमार (22) घरवालों को खुश करने के लिए फर्जी दरोगा बन गया। पुलिस ने आरोपी को जिला न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
जीआरपी प्रभारी अकलेश कुमार सिंह ने बताया कि उप निरीक्षक भूपेंद्र कुमार व आरपीएफ की संयुक्त टीम ने आरोपी को गिरफ्तार करते हुए उसके पास से स्टार लगी वर्दी, बैज, मोनोग्राम, बेल्ट, नीली डोरी व लाल रंग के जूते, खाकी मोजे, 650 रुपये, आधार कार्ड, डेबिट कार्ड व पर्स बरामद किया है।
विज्ञापन
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि घर वाले नौकरी का दबाव बना रहे थे। नौकरी न मिलने और ट्रेन से मुफ्त सफर करने के लिए वह फर्जी दरोगा बन गया। घर वालों को संतुष्ट करने के लिए आरपीएफ की खाकी वर्दी बनवा ली। बताया कि पिछले करीब तीन महीने से वह वर्दी पहनकर ट्रेन में बिना टिकट मुफ्त यात्रा कर रहा था।
विज्ञापन
वहीं, आरपीएफ प्रभारी अमित मीणा ने बताया कि उनकी टीम ने आरोपी को प्रयागराज जंक्शन से पकड़ा है। वह आरपीएफ की वर्दी पहने था। उससे पूछताछ की गई तो मामला संदिग्ध लगा। इसके बाद उसे जीआरपी के हवाले कर दिया गया।