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Prayagraj News: पिता की हत्या के बाद एक बेटे वकील को फोन कर पूछा - अब तो पैसे नहीं देने पड़ेंगे
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प्रयागराज। पुलिस छानबीन में पता चला है कि
घटना के बाद एक बेटे ने उस अधिवक्ता से संपर्क किया, जो भरण-पोषण के मुकदमे की पैरवी कर रहे थे। बातचीत के दौरान कथित तौर पर पूछा गया कि अब तो पैसे नहीं देने पड़ेंगे। पुलिस का कहना है कि यह फोन कॉल मामले की अहम कड़ी साबित हो सकता है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बातचीत किस परिस्थिति में हुई और उसका हत्या से कोई संबंध है या नहीं। कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। ब्यूरो
मकान रामदुलारे के नाम पर, संपत्ति जांच के घेरे में
पुलिस जांच में यह तथ्य भी आया है कि लाला की सराय में रामदुलारे का मकान उनके नाम पर ही दर्ज है। इससे बाद संपत्ति विवाद की आशंका भी गहराने लगी है। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या के पीछे केवल भरण-पोषण विवाद था या इसके पीछे संपत्ति को लेकर कोई बड़ी साजिश भी शामिल है।
एक ही मकान में रहते थे सभी बेटे, जितेंद्र से ही बेहतर संबंध
बुजुर्ग के सभी छह बेटे उनके मकान में अलग-अलग कमरों में रहते थे। मामला न्यायालय में होने के कारण बेटों की बेदखली को लेकर भी चर्चा थी जिससे परिवार में तनाव और बढ़ गया था। रामदुलारे का केवल एक बेटे जितेंद्र से ही बेहतर संबंध थे।
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वह वृद्धाश्रम से घर आते थे, तो अधिकतर समय जितेंद्र के कमरे में ही रुकते थे। पुलिस बेदखली के पहलू पर भी जांच कर रही है। वहीं सरेआम हत्या के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
घटना के बाद एक बेटे ने उस अधिवक्ता से संपर्क किया, जो भरण-पोषण के मुकदमे की पैरवी कर रहे थे। बातचीत के दौरान कथित तौर पर पूछा गया कि अब तो पैसे नहीं देने पड़ेंगे। पुलिस का कहना है कि यह फोन कॉल मामले की अहम कड़ी साबित हो सकता है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बातचीत किस परिस्थिति में हुई और उसका हत्या से कोई संबंध है या नहीं। कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। ब्यूरो
मकान रामदुलारे के नाम पर, संपत्ति जांच के घेरे में
पुलिस जांच में यह तथ्य भी आया है कि लाला की सराय में रामदुलारे का मकान उनके नाम पर ही दर्ज है। इससे बाद संपत्ति विवाद की आशंका भी गहराने लगी है। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या के पीछे केवल भरण-पोषण विवाद था या इसके पीछे संपत्ति को लेकर कोई बड़ी साजिश भी शामिल है।
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एक ही मकान में रहते थे सभी बेटे, जितेंद्र से ही बेहतर संबंध
बुजुर्ग के सभी छह बेटे उनके मकान में अलग-अलग कमरों में रहते थे। मामला न्यायालय में होने के कारण बेटों की बेदखली को लेकर भी चर्चा थी जिससे परिवार में तनाव और बढ़ गया था। रामदुलारे का केवल एक बेटे जितेंद्र से ही बेहतर संबंध थे।
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वह वृद्धाश्रम से घर आते थे, तो अधिकतर समय जितेंद्र के कमरे में ही रुकते थे। पुलिस बेदखली के पहलू पर भी जांच कर रही है। वहीं सरेआम हत्या के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।