Prayagraj : 19 घंटे की मशक्कत के बाद मलबे से निकाला गया शव, शनिवार को गिर गया था जर्जर मकान
शाहगंज इलेक्ट्रॉनिक मार्केट के पास स्थित जर्जर मकान ढह गया। इस दौरान वहां दो मजदूर काम कर रहे थे। इनमें से एक तो मिल गया लेकिन दूसरे का पता नहीं चला। मलबे में दबे होने की आशंका में देर रात तक एसडीआरएफ व फायरब्रिगेड तलाश में लगी रहीं।
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शाहगंज इलेक्ट्रॉनिक मार्केट के पास जर्जर मकान के मलबे में दबे मजदूर विजय कुमार (35) का शव 19 घंटे बाद बाहर निकाला जा सका। शनिवार शाम पांच बजे शुरू हुआ सर्च अभियान रविवार दोपहर 12 बजे खत्म हुआ। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर गाजीपुर के लिए रवाना हो गए।
विजय गाजीपुर के मुस्तफाबाद का रहने वाला था। वह यहां पिछले कुछ महीनों से रहकर ठेकेदार संतोष गुप्ता के लिए मजदूरी का काम करता था। उसके साथ उसके ही गांव का रहने वाला रूदल भी काम करता था। शनिवार शाम मकान ढहने के दौरान रूदल तो भाग निकला था, लेकिन विजय मलबे में दब गया था। घटना के बाद से ही पुलिस मलबा हटवाने में लगी रही। रात में फायर ब्रिगेड व एसडीआरएफ भी बुला ली गई।
मजदूरों को लगाकर मलबा हटवाया जा रहा था। लेकिन मलबा बहुत ज्यादा था। देर रात जेसीबी मंगवाई गई, जिससे मकान की आगे के हिस्से की चहारदीवारी तोड़ी गई और फिर जेसीबी से मलबा हटवाने का काम शुरू हुआ। रात के बाद सुबह भी काम चलता रहा। आखिरकार दोपहर 12 बजे के करीब मजदूर का शव बाहर निकाल लिया गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। उधर तब तक सूचना पर परिजन भी आ गए। शाम को पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर रवाना हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जर्जर मकान के अगले हिस्से में मार्केट के निर्माण के लिए काम चल रहा था। इसके लिए उस हिस्से को भी तोड़ा भी जा रहा था। लेकिन सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए थे। काम में लगे मजदूरों को भी सुरक्षा उपकरण नहीं दिए गए थे। हालांकि फिलहाल देर शाम तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। थानाध्यक्ष शाहगंज अश्वनी कुमार सिंह ने बताया कि मृतक के परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है।