न्यायविद् हनुमान मंदिर हटाने के विरोध में अधिवक्ता लामबंद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाईकोर्ट चौराहे पर स्थित हनुमान मंदिर को वहां से हटाने के लिए दोबारा फाउंडेशन बनाए जाने के विरोध में आक्रोशित अधिवक्ताओं ने रविवार को आंदोलन की चेतावनी दी। अधिवक्ता मंदिर के सामने एकत्र हो गए और वे किसी भी कीमत पर मंदिर को न हटाने की मांग पर अड़े रहे। देर शाम हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह ने न्यायविद् हनुमान की मूर्ति की शिफ्ंिटग के लिए पीपल के पेड़ के नीचे पीडीए की ओर से दोबारा बनाए गए फाउंडेशन का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर में 15 दिन के अखंड कीर्तन का संकल्प लिया। फिलहाल इस कीर्तन के बहाने वकील मंदिर में दिन रात मौजूद रहेंगे।
अधिवक्ताओं की ओर से मंदिर हटाए जाने का विरोध शनिवार से ही चल रहा है। अधिवक्ताओं ने मंदिर शिफ्ट किए जाने के लिए पीडीए की ओर से बनाया जा रहा चबूतरा तोड़ दिया था। उस पर मूर्ति शिफ्ट करने की कोशिश की गई तो तीखा विरोध किया गया था। विरोध को देखते हुए पीडीए अफसर चले गए थे। लेकिन, रात में काम लगवाकर चबूतरे को दुबारा और बड़ा बना दिया गया।
इस पर आक्रोशित अधिवक्ता और आसपास के लोग रविवार सुबह से ही मंदिर के पास एकत्र हो गए। देर शाम होते होते उनकी संख्या अच्छी खासी हो गई। मौके पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अजय कुमार मिश्र भी पहुंच गए। कोषाध्यक्ष दुर्गेश तिवारी, डॉ प्रभु नारायण श्रीवास्तव, जेपी सिंह, डीके कश्यप, अखिलेश शर्मा, पूर्व पदाधिकारी लक्ष्मीकांत मिश्र व अन्य अधिवक्ता भी पहुंचे।
इसके बाद पखवारे भर के लिए मंदिर परिसर में कीर्तन करने का संकल्प लिया गया। फिर माइक और दरी लगाकर वकील कीर्तन करने बैठ गए। कीर्तन करने वालों में सीनियर अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी, विजय शंकर मिश्रा, अखिलेश शर्मा, प्रेमनारायण राय, हेमंत कुमार राय, धीरज कुमार यादव, शिवशंकर त्रिपाठी आदि शामिल रहे।