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Prayagraj: बाइक में टक्कर लगने के विरोध पर अधिवक्ता की पिटाई, रास्ते से खींच ले गए कारसवार

Sun, 16 Feb 2025 09:41 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 16 Feb 2025 09:41 AM IST
सार

झूंसी में बाइक व कार में टक्कर लगने के बाद जमकर हंगामा हुआ। आरोप है कि कारसवारों ने अधिवक्ता की पिटाई कर दी। साथ ही उन्हें बीच रास्तेसे गाड़ी में खींच ले गए। 

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Advocate kidnapped and beating prayagraj pared police allahabad high Court
प्रयागराज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

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झूंसी में भाई को टक्कर मारने के विरोध पर हाईकोर्ट अधिवक्ता को कार में अगवा कर लिया गया। बंधक बनाकर तीन घंटे तक चलती गाड़ी में संसी, बेत से पीटा जाता रहा। चेन, मोबाइल व पर्स लूट लिया गया। हमलावर उत्तराखंड के नंबर वाली तीन कारों में सवार थे। जानकारी पर अधिवक्ताओं ने झूंसी थाना घेर लिया। भोर में 15-16 अज्ञात हमलावरों पर जानलेवा हमला, लूट समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई।

हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंह ने बताया कि झूंसी निवासी विमलेश यादव और उनके भाई कमलेश यादव अधिवक्ता हैं। शनिवार शाम दोनों बाइक से लौट रहे थे। इसी दौरान हवेलिया के पास उत्तराखंड लिखी एक कार ने बाइक में टक्कर मार दी जिससे कमलेश नीचे जा गिरे। रोकने की कोशिश पर कारसवार भागने लगे। विमलेश ने पीछा किया तो मारपीट करते हुए उन्हें गाड़ी में खींच लिया और जमकर पीटने के बाद रास्ते में छोड़ दिया। विमलेश दक्षिणी झूंसी थाने पहुंचे तो वहां पुलिस ने कार्रवाई करने से इनकार कर दिया।

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आरोप है कि वह बाहर निकले, तभी कर सवार उन्हें फिर गाड़ी में भरकर परेड थाने ले गए। इधर घटना की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में अधिवक्ता झूंसी थाने पहुंच गए। काफी देर तक साथी की कोई जानकारी न मिलने पर उन्होंने थाने का घेराव कर दिया। पीड़ित अधिवक्ता के बेटे अंशुमान ने बताया कि उसके पिता का कुछ पता नहीं चल रहा है।
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उधर अशोक सिंह ने कहा कि अधिवक्ता को जमकर मारा पीटा गया है और बात करने पर बार-बार यही आश्वासन दिया जा रहा है कि उन्हें झूंसी थाने लाया जा रहा है। फिलहाल रात के 1:15 बजे तक उन्हें सामने नहीं लाया गया है। इस मामले में डीआईजी वैभव कृष्ण से बात की गई तो उन्होंने कहा कि प्रकरण उनके संज्ञान में नहीं है। शिकायत मिली तो जांच पड़ताल कराई जाएगी।



 

वकीलों संग एसएसपी मेला की तीखी नोकझोक के बाद रात करीब दो बजे घायलावस्था में एसएसपी मेला वकील को लेकर थाना झूंसी पहुंचे। मामला संज्ञान में नहीं होने का झूठ बोल रही पुलिस को वकीलों ने भेजा ये फोटो तब पुलिस अधिकारियों ने बात कबूली और पीड़ित अधिवक्ता को बरामद कराया। वकीलों में रात में ही रोड जाम करने की चेतावनी दी...तब जा कर पुलिस के हाथपांव फूले और घायल वकील को अधिवक्ताओं के सामने प्रस्तुत किया। इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएसन के अध्यक्ष अशोक सिंह ने मेला पुलिस अधिकारियों की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह खड़ा किया है। 

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