फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Advocate Idris Murder Case

अधिवक्ता इदरीस हत्याकांडः फुटेज में कोई नहीं दिखा आसपास

Fri, 01 Nov 2019 07:35 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 01 Nov 2019 07:35 AM IST
विज्ञापन
Advocate Idris Murder Case
Advocate Idris Murder Case - फोटो : CITY DESK
करेली में वारदात, 3.13 मिनट पर बाइक से जाते दिखे थे अधिवक्ता
विज्ञापन

37 मिनट बाद पत्नी के भाई ने दी पुलिस को सूचना
प्रयागराज। करेली में अधिवक्ता मो. इदरीस की हत्या में किसी रंजिश की बात सामने न आना पुलिस के लिए परेशानी का सबब बना रहा। उधर घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज ने मामले को और उलझा दिया। इसमें 3.13 मिनट पर अधिवक्ता बाइक से घर की ओर जाते दिखे हैं लेकिन उनके आसपास कोई नजर नहीं आया। पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, घटना की सूचना पुलिस को करीब 3.50 मिनट पर मिली। मृतक का साला अशरफ थाने पहुंचा और उसने बताया कि किसी ने इदरीस की गोली मारकर हत्या कर दी है। उसका कहना था कि भोर में अचानक नींद खुलने पर वह पानी पीने उठा तो देखा कि बाहर का दरवाजा खुला हुआ था। जैसे ही वह गेट पर पहुंचा तो उसकी नजर बाहर खड़ी बाइक पर पड़ी जो उसके अधिवक्ता जीजा की थी। वह यह देखकर चौंक गया कि बगल में ही अधिवक्ता भी खून से लथपथ पड़े थे। वह भागकर मौके पर पहुंचा तो देखा कि उन्हें गोली लगी है। बहन को सूचना देने के बाद वह पास ही रहने वाले एक डॉक्टर के पास पहुंचा और उन्हें साथ चलने के लिए कहा। हालांकि डॉक्टर ने आने से इंकार कर दिया। जिसके बाद वह वापस आया और अधिवक्ता की बाइक लेकर ही थाने पहुंचा और पुलिस को घटना की सूचना दी। साले व पत्नी से पूछताछ के दौरान किसी रंजिश की बात सामने नहीं आई तो पुलिस के माथे पर बल पड़ गए।
विज्ञापन

जांच पड़ताल के दौरान पुलिस ने घर के करीब स्थित मुन्ना मस्जिद के पास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली तो उलझन और बढ़ गई। दरअसल इसमें भोर में 3.13 मिनट पर अधिवक्ता बाइक से घर की ओर जाते दिख रहे हैं। लेकिन बड़ी बात यह है कि उनके आसपास कोई नजर नहीं आया। यही नहीं आधे घंटे तक कोई उस रास्ते पर जाते भी नहीं दिखा।
विज्ञापन
विज्ञापन

...तो हत्या में कोई करीबी था शामिल
सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद इस बात की भी आशंका है कि बदमाशोें ने वारदात घात लगाकर अंजाम दी हो। हालांकि इससे यह भी तय हो जाता है कि हत्या में कोई करीबी जरूर शामिल था। क्योंकि इतनी सटीक लोकेशन किसी करीबी को ही पता हो सकती है। किसी करीबी को ही इस बात की जानकारी हो सकती है कि अधिवक्ता इतने बजे घर पहुंचने वाले हैं।
15-18 मिनट में हुई वारदात
पुलिस सूत्रों की मानें तो परिवारवालों से मिली घटनाक्रम की जानकारी व सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद यह लग रहा है कि हत्यारे 15-18 मिनट में वारदात को अंजाम देकर निकल भागे। दरअसल 3.13 मिनट पर आखिरी बार उन्हें मुन्ना मस्जिद के पास देखा गया। यहां से बमुश्किल 2-3 मिनट में वह अपने घर के बाहर पहुंच गए होंगे। मान लें कि गेट खोलने व फिर वापस बाइक तक आने में एक मिनट का समय लगा तो उस वक्त 3.16-3.17 मिनट हुए होंगे। उधर, यह भी माना जा रहा है कि घटना की सूचना 3.50 मिनट पर पुलिस को देने से पहले डॉक्टर के पास जाने, वहां से वापस आने और फिर थाने पहुंचने में मृतक के साले को कम से कम 15 मिनट का वक्त तो लगा ही होगा। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि हत्यारों ने 15 से 18 मिनट में वारदात की।
हत्या ही था मकसद, पास ही मिले दोनों मोबाइल
घटनास्थल व शव की हालत देखने के बाद यह भी कहा जा रहा है कि बदमाश अधिवक्ता की हत्या करने के ही मकसद से पहुंचे थे। इसलिए क्योंकि उसके दोनों मोबाइल शव के पास ही पड़े मिले। साथ ही पैंट की जेब में पर्स भी मिला। मृतक के पास दो मोबाइल फोन थे, जिनमें से एक कीपैड व दूसरा एंड्रॉइड हैंडसेट था। इनमें से एंड्रॉइड सेट जहां पीठ के नीचे दबा मिला वहीं कीपैड फोन हाथ में पड़ा था। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि बदमाशों का मकसद लूट या कुछ अन्य नहीं था। इसके अलावा गोली कनपटी पर सटाकर मारी गई यानी हत्यारा वारदात के वक्त अधिवक्ता के बेहद करीब था।
नहीं मिला पत्नी व साले का मोबाइल
सूत्रों की मानें तो घटना के बाद एक चौंकाने वाली बात यह भी रही कि मृतक अधिवक्ता की पत्नी व उनके साले का मोबाइल फोन नहीं मिला। पूछताछ में साले अशरफ ने बताया कि थाने जाते वक्त उसने मोबाइल फोन अपनी हाफ पैंट की जेब में रखा था। जो रास्ते में कहीं गिर गया। वहीं पत्नी भी मांगने पर मोबाइल फोन पुलिस को नहीं दिखा सकी।

ट्रक ड्राइवर को की थी आखिरी कॉल
पुलिस ने बताया कि जांच पड़ताल में पता चला कि मृतक अधिवक्ता वकालत करने के साथ ही ट्रक भी चलवाते थे। पिछले 15 दिनों से वह बालू का काम कर रहे थे। घटना वाली रात उन्होंने मोबाइल से आखिरी बार ट्रक ड्राइवर मो. शरीफ से ही बात की थी। यह कॉल रात 2.51 मिनट पर की गई थी। पुलिस ने बुलाकर पूछताछ की तो चालक ने बताया कि वह पिपरी से बालू लेकर झूंसी जा रहा था। रास्ते में र्कोई दिक्कत न हो इसके लिए अधिवक्ता उसके साथ स्टेशन तक आए। स्टेशन से उसके निकलने के कुछ देर बाद उनका फोन आया जिसमें उन्होंने बताया था कि अब वह घर जा रहे हैं। इसके बाद उनसे बात नहीं हुई। पुलिस का कहना है कि स्टेशन से घर लौटते वक्त ही उनकी हत्या कर दी गई।

Advocate Idris Murder Case

Advocate Idris Murder Case- फोटो : CITY DESK

प्रयागराज में बृहस्पतिवार को अधिवक्ता की गोली मार कर हत्या के बाद करेली स्थित वकील के मकान के बाह

प्रयागराज में बृहस्पतिवार को अधिवक्ता की गोली मार कर हत्या के बाद करेली स्थित वकील के मकान के बाह- फोटो : CITY DESK

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed