कोविड की तीसरी लहर से निपटने के लिए प्रशासन ने तैयार किया खाका
- बच्चों के 105 आईसीयू बेड तैयार
- भगवतपुर सीएचसी में नया वार्ड 30 जून तक शुरू हो जाएगा। ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण शुरू
- मांडा, रामनगर-उरुवा, फूलपुर और कोटवां सीएचसी एल-वन हॉस्पिटल होंगे
- निजी अस्पतालों में भी लगेंगे ऑक्सीजन प्लांट, बच्चों के इलाज की होगी सुविधा
- तकनीकी रूप से दक्ष युवा किए जाएंगे प्रशिक्षित। आईटीआई को जिम्मेदारी, मांगे आवेदन
विस्तार
कोविड संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इस बार ऑक्सीजन के अलावा बच्चों के वार्ड पर विशेष जोर है। स्वरूपरानी (एसआरएन) और बेली अस्पताल में तो आईसीयू सुविधा वाले 105 बेड तैयार भी हो गए हैं।
कोरोना का दूसरी लहर अभी गई नहीं है कि तीसरी की आहट सुनाई देनी लगी है। चूंकि दूसरे चरण में ऑक्सीजन और बेड की वजह से कई लोगों की जान चली गई। इसलिए बेड की संख्या बढ़ाने और ऑक्सीजन प्लांट पर ज्यादा फोकस है। बेली, काल्वीन समेत अन्य अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट को मंजूरी मिल गई है।
इसके अलावा तीसरी लहर में बच्चों को अधिक खतरा बताया जा रहा है। इसलिए बच्चों के इलाज को लेकर विशेष तैयारी की जा रही है। इसी क्रम में स्वरूपरानी अस्पताल में बच्चों का एक विशेष वार्ड होगा। इसमें 85 आईसीयू बेड होंगे। डीएम भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि सभी बेड तैयार भी हैं। इनके अलावा बेली और काल्विन में 40 -40 बेड के आईसीयू वार्ड होंगे। बेली में 20 बेड तैयार हैं। सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति पाइपलाइन से होगी।
पोस्ट कोविड मरीजों के लिए होगा टीबी अस्पताल
तेलियरगंज स्थित टीबी अस्पताल पोस्ट कोविड मरीजों के लिए होगा। वहां 150 मरीजों को भर्ती करने की सुविधा होगी। इस लिहाज से उसे विकसित किया जा रहा है। ऑक्सीजन प्लांट लगाने की भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
हर सीएचसी में होगा अपना ऑक्सीजन प्लांट
कोविड की दूसरी लहर से सबक लेते हुए सामुदायिक (सीएचसी) एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी चिकित्सीय सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। जिले के 21 सीएचसी में ऑक्सीजन प्लांट भी लगाए जाएंगे। इसके लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से सर्वे का काम भी शुरू हो गया है। सीएचसी में 700 से अधिक मरीजों के इलाज की सुविधा होगी। ऑक्सीजन की आपूर्ति पाइपलाइन से होगी।