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एडीएम सिटी को इलाहाबाद से हटाया
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 22 Apr 2016 02:07 AM IST
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गजरौला के ब्रजघाट पर पूर्णिमा पर स्नान का नजारा ।
- फोटो : amar ujala
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मेरठ के कमिश्नर की मां को सरकारी खर्च पर इलाहाबाद की सैर कराने के मामले में फंसे एडीएम सिटी गंगाराम गुप्ता का बृहस्पतिवार को तबादला कर दिया गया। उन्हें बांदा भेजा गया है और उनकी जगह विशाल सिंह को इलाहाबाद का एडीएम सिटी बनाया गया है। मामले में डीएम संजय कुमार एडीएम सिटी से स्पष्टीकरण तलब कर चुके हैं। वहीं, मुख्य सचिव ने भी इलाहाबाद के कमिश्नर कमिश्नर राजन शुक्ला को पत्र भेजकर मामले में जानकारी मांगी है।
मेरठ कमिश्नर आलोक सिन्हा की मां के इलाहाबाद आने पर उन्हें संगम एवं अन्य स्थानों पर भ्रमण कराने के लिए एडीएम सिटी ने लिखापढ़ी में जिला प्रशासन के दो अफसरों की ड्यूटी लगा दी थी जबकि यह कार्यक्रम पूरी तरह से निजी था। इसके अलावा इलाहाबाद में उनके घूमने के लिए प्रशासन की ओर से कार एवं संगम भ्रमण के लिए मोटरबोट की व्यवस्था की गई। साथ ही मेला प्रशासन के कुछ कर्मचारियों की भी ड्यूटी लगा दी गई। इस मामले को ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से उठाया तो प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। कार्रवाई से बचने के लिए अफसर रास्ता ढूंढने लगे। हालांकि मुख्य सचिव आलोक रंजन तब तक यह स्पष्ट कर चुके थे कि इस तरह के निजी दौरे पर सरकारी अफसरों की ड्यूटी लगाना और सरकार का पैसा खर्च करना गलत है।
उन्होंने मामले में कार्रवाई के लिए भी कहा था। वहीं, मामला सामने आने के बाद डीएम संजय कुमार ने भी एडीएम सिटी से स्पष्टीकरण तलब कर लिया। अब मुख्य सचिव ने भी इलाहाबाद के कमिश्नर को पत्र जारी कर इस बारे में पूछताछ की है। हालांकि कमिश्नर शहर से बाहर हैं। उनका कहना है कि उन्होंने अभी पत्र नहीं देखा है। फिलहाल विवादों में फंसे एडीएम सिटी गंगाराम गुप्ता को इलाहाबाद से हटा दिया गया है। उन्हें बांदा का वित्त एवं राजस्व के पद पर तैनात कर उनकी जगह बुलंदशहर के एडीएम प्रशासन रहे विशाल सिंह को इलाहाबाद का एडीएम सिटी बनाया गया है।
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मेरठ कमिश्नर आलोक सिन्हा की मां के इलाहाबाद आने पर उन्हें संगम एवं अन्य स्थानों पर भ्रमण कराने के लिए एडीएम सिटी ने लिखापढ़ी में जिला प्रशासन के दो अफसरों की ड्यूटी लगा दी थी जबकि यह कार्यक्रम पूरी तरह से निजी था। इसके अलावा इलाहाबाद में उनके घूमने के लिए प्रशासन की ओर से कार एवं संगम भ्रमण के लिए मोटरबोट की व्यवस्था की गई। साथ ही मेला प्रशासन के कुछ कर्मचारियों की भी ड्यूटी लगा दी गई। इस मामले को ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से उठाया तो प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। कार्रवाई से बचने के लिए अफसर रास्ता ढूंढने लगे। हालांकि मुख्य सचिव आलोक रंजन तब तक यह स्पष्ट कर चुके थे कि इस तरह के निजी दौरे पर सरकारी अफसरों की ड्यूटी लगाना और सरकार का पैसा खर्च करना गलत है।
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उन्होंने मामले में कार्रवाई के लिए भी कहा था। वहीं, मामला सामने आने के बाद डीएम संजय कुमार ने भी एडीएम सिटी से स्पष्टीकरण तलब कर लिया। अब मुख्य सचिव ने भी इलाहाबाद के कमिश्नर को पत्र जारी कर इस बारे में पूछताछ की है। हालांकि कमिश्नर शहर से बाहर हैं। उनका कहना है कि उन्होंने अभी पत्र नहीं देखा है। फिलहाल विवादों में फंसे एडीएम सिटी गंगाराम गुप्ता को इलाहाबाद से हटा दिया गया है। उन्हें बांदा का वित्त एवं राजस्व के पद पर तैनात कर उनकी जगह बुलंदशहर के एडीएम प्रशासन रहे विशाल सिंह को इलाहाबाद का एडीएम सिटी बनाया गया है।
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