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कार्रवाई शुरू, अनियमितता पर नपे कीडगंज इंस्पेक्टर
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Action commences, Keedganj inspector tests on irregularities
प्रयागराज। जिले में बेलगाम हो चुके थानेदारों पर कार्रवाई की शुरुआत हो गई है। इस क्रम में सबसे पहले गाज कीडगंज इंस्पेक्टर अंजनी कुमार श्रीवास्तव पर गिरी है। नए कप्तान ने बृहस्पतिवार को उन्हें निलंबित कर दिया। उन पर लापरवाही समेत अन्य आरोपों में कार्रवाई की गई है।
हाल ही में कई मामले ऐसे आए, जिनमें शिकायत के बावजूद कीडगंज पुलिस ने लापरवाही भरा रवैया अपनाया। फिर चाहे वह बाई का बाग में मकान कब्जाने में फायरिंग का मामला हो, या फिर विवाहिता से सामूहिक दुष्कर्म। बाई का बाग मामले में पीड़ित महिला व उसकी बेटियां घर में घुसकर तोड़फोड़, दहशत फैलाने के लिए बम फोड़ने के मामले में शिकायती पत्र लेकर थाने के चक्कर काटती रहीं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा उन्हें ही धमकी दी गई। कृष्णा नगर में चोरी से लोन पर लिए गए ट्रक को कटवाए जाते वक्त रंगे हाथ पकड़ने के बावजूद पुलिस इस मामले में महीनों फाइनेंस कंपनी अधिकारियों को रिपोर्ट दर्ज करने के लिए दौड़ाती रही। इस मामले की शिकायत एडीजी तक भी पहुंची।
इसी तरह जुआ, सट्टा व अवैध वसूली की भी तमाम शिकायतें अफसरों तक पहुंचती रहीं। इसके अलावा कीडगंज इंस्पेक्टर अपनी कार्यशैली को लेकर भी चर्चा में रहे जिसके लिए उन्हें उच्चाधिकारियों से हिदायत भी मिली। नए कप्तान के आते ही सूचना उन तक भी पहुंची। साथ ही संबंधित अधिकारियों ने रिपोर्ट भी दी। जिसके आधार पर बृहस्पतिवार को कीडगंज इंस्पेक्टर निलंबित कर दिए गए। सूत्रों की मानें तो रिपोर्ट में उन पर आदेशों की अवहेलना, भ्रामक सूचना देना, घटना के बारे में पूछने पर तथ्यों को छिपाने आदि का आरोप लगाया गया है। उनकी जगह पर क्राइम ब्रांच में तैनात धाकेश्वर सिंह को कीडगंज थाने का नया प्रभारी बनाया गया है।
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कीडगंज इंस्पेक्टर पर मुख्य रूप से अभियोग पंजीकृत न करने, शिकायतों को गंभीरता से न लेेने के साथ भ्रष्टाचार के भी आरोप हैं। मामले की जांच कराई गई जिसके बाद एएसपी की रिपोर्ट पर उन पर कार्रवाई की गई। शिकायतों के आधार पर जिले के अन्य कई थानेदारेां की भी जांच कराई जा रही है।
सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज, एसएसपी
कई अन्य पर भी हो सकती है कार्रवाई
नए कप्तान के आने के बाद माना जा रहा है कि अवैध गतिविधियों में लिप्त कई अन्य थानेदारों पर भी गाज गिर सकती है। सूत्रों की मानें तो जिन क्षेत्रों में जुआ-सट्टा व स्मैक बिकवाने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, वहां के थानेदार रडार पर हैं। सूत्रों की मानें तो इनकी जांच भी शुरू करा दी गई है। जांच रिपोर्ट मिलते ही ऐसे प्रभारियों पर कार्रवाई होगी। इसके अलावा इन प्रभारियों के कारखासों पर भी अफसरों की नजर है। क्योंकि प्रभारी अपने सारे अवैध काम इन्हीं के माध्यम से कराते हैं।
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हाल ही में कई मामले ऐसे आए, जिनमें शिकायत के बावजूद कीडगंज पुलिस ने लापरवाही भरा रवैया अपनाया। फिर चाहे वह बाई का बाग में मकान कब्जाने में फायरिंग का मामला हो, या फिर विवाहिता से सामूहिक दुष्कर्म। बाई का बाग मामले में पीड़ित महिला व उसकी बेटियां घर में घुसकर तोड़फोड़, दहशत फैलाने के लिए बम फोड़ने के मामले में शिकायती पत्र लेकर थाने के चक्कर काटती रहीं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा उन्हें ही धमकी दी गई। कृष्णा नगर में चोरी से लोन पर लिए गए ट्रक को कटवाए जाते वक्त रंगे हाथ पकड़ने के बावजूद पुलिस इस मामले में महीनों फाइनेंस कंपनी अधिकारियों को रिपोर्ट दर्ज करने के लिए दौड़ाती रही। इस मामले की शिकायत एडीजी तक भी पहुंची।
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इसी तरह जुआ, सट्टा व अवैध वसूली की भी तमाम शिकायतें अफसरों तक पहुंचती रहीं। इसके अलावा कीडगंज इंस्पेक्टर अपनी कार्यशैली को लेकर भी चर्चा में रहे जिसके लिए उन्हें उच्चाधिकारियों से हिदायत भी मिली। नए कप्तान के आते ही सूचना उन तक भी पहुंची। साथ ही संबंधित अधिकारियों ने रिपोर्ट भी दी। जिसके आधार पर बृहस्पतिवार को कीडगंज इंस्पेक्टर निलंबित कर दिए गए। सूत्रों की मानें तो रिपोर्ट में उन पर आदेशों की अवहेलना, भ्रामक सूचना देना, घटना के बारे में पूछने पर तथ्यों को छिपाने आदि का आरोप लगाया गया है। उनकी जगह पर क्राइम ब्रांच में तैनात धाकेश्वर सिंह को कीडगंज थाने का नया प्रभारी बनाया गया है।
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कीडगंज इंस्पेक्टर पर मुख्य रूप से अभियोग पंजीकृत न करने, शिकायतों को गंभीरता से न लेेने के साथ भ्रष्टाचार के भी आरोप हैं। मामले की जांच कराई गई जिसके बाद एएसपी की रिपोर्ट पर उन पर कार्रवाई की गई। शिकायतों के आधार पर जिले के अन्य कई थानेदारेां की भी जांच कराई जा रही है।
सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज, एसएसपी
कई अन्य पर भी हो सकती है कार्रवाई
नए कप्तान के आने के बाद माना जा रहा है कि अवैध गतिविधियों में लिप्त कई अन्य थानेदारों पर भी गाज गिर सकती है। सूत्रों की मानें तो जिन क्षेत्रों में जुआ-सट्टा व स्मैक बिकवाने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, वहां के थानेदार रडार पर हैं। सूत्रों की मानें तो इनकी जांच भी शुरू करा दी गई है। जांच रिपोर्ट मिलते ही ऐसे प्रभारियों पर कार्रवाई होगी। इसके अलावा इन प्रभारियों के कारखासों पर भी अफसरों की नजर है। क्योंकि प्रभारी अपने सारे अवैध काम इन्हीं के माध्यम से कराते हैं।