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अवैध प्लाटिंग करने वालों के लिए खतरे की घंटी

Wed, 27 Nov 2019 12:39 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 27 Nov 2019 12:39 AM IST
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action against illegal ploting and construction
action against illegal ploting and construction - फोटो : CITY DESK
प्रोजेक्ट प्लान, लेआउस पास नहीं है तो पीडीए करेगा कार्रवाई
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प्रयागराज। प्रशासन ने मंगलवार को जिस तरह आक्रामक ढंग से कार्रवाई शुरू की है, वह शहर के बाहरी इलाकों में दुकान लगाए बैठे तमाम अवैध बिल्डरों के लिए खतरे की घंटी है। प्रशासन का रुख अगर इसी तरह सख्त रहा तो आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में ऐेसे बिल्डरों का सफाया हो जाएगा।
पीडीए की हर दिन की जा रही कार्रवाई के बाद भी अवैध प्लाटिंग पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। भूमाफिया निजी ही नहीं सरकारी जमीन पर भी बेहिचक अतिक्रमण कर रहे हैं। शहर के झलवा, कालिंदीपुरम, सूबेदारगंज, बम्हरौली, नैनी, चाका, रामपुर, अरैल, फाफामऊ और झूंसी इलाके में अवैध प्लाटिंग का अवैध कारोबार किया जा रहा है।
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बीते एक साल में प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने इन इलाकों में अभियान चलाकर अवैध प्लाटिंग उजाड़ी। अफसरों का दावा है कि 500 बीघा से अधिक क्षेत्रफल की भूमि से अवैध प्लाटिंग उजाड़ी गई। झलवा, नैनी और झूंसी इलाके में बिना ले आउट प्लान स्वीकृत कराई गई जमीन पर बने मकान भी तोड़े गए। हाल यह है कि एक तरफ कार्रवाई होती है तो दूसरी तरफ जमीन का अवैध कारोबार जोर पकड़ने लगता है।
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प्लाटिंग करने वालों को भी लेआउट प्लान की स्वीकृति लेना है जरूरी
पीडीए के अफसरों के मुताबिक किसानों की जमीन पर बिना भू परिवर्तन निर्माण कराना अवैध है। नियमों के तहत भू परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी कराने के बाद ले आउट प्लान स्वीकृत कराना जरूरी है। मल्टी स्टोरी बिल्डिंग के लिए प्रोजेक्ट प्लान और जमीन के लिए ले आउट पास नहीं है तो उसे अवैध माना जाएगा।
0 शहर और बाहरी इलाकों में बिल्डर बना रहे 1000 से अधिक फ्लैट
शहर के सिविल लाइंस, अशोक नगर, जार्जटाउन इलाके में निजी बिल्डरों की आवासीय योजनाएं निर्माणाधीन हैं। इन पॉश इलाकों में तैयार फ्लैटों की संख्या करीब 400 है। वहीं बाहरी इलाकों में सुलेम सराय, बम्हरौली, सुबेदारगंज, झलवा, मुंडेरा के साथ नैनी और झूंसी क्षेत्र में बिल्डर फ्लैट बना रहे हैं। सभी योजनाएं रेरा में पंजीकृत हैं। विभिन्न योजनाओं में निजी बिल्डरों द्वारा बनाए जा रहे फ्लैटों की संख्या एक हजार से अधिक है। नियमों के मुताबिक 500 मीटर वर्गमीटर भूमि और आठ नग फ्लैट निर्माण के लिए रेरा में पंजीकरण जरूरी है। इन बिल्डरों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। बिल्डिंग प्लान में गड़बड़ी या ग्राहक के हितों की अनदेखी करने पर उनसे योजना की लागत का दस फीसदी पेनाल्टी वसूल किए जाने का प्रावधान है।

शहर के सुनियोजित विकास के लिए प्लाट या बिल्डिंग का लेआउट प्लान और निजी भवन के निर्माण में मानचित्र की स्वीकृति जरूरी है। नियम विपरीत बिना अनुमति निर्माण या प्लाटिंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अवैध निर्माण ध्वस्त किए जाएंगे, कार्रवाई जारी रहेगी।- टीके शिबू, उपाध्यक्ष पीडीए
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