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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Achieved third place in the state in paddy productivity, produced 95 quintals of paddy in one hectare.

प्रयागराज : धान की उत्पादकता में प्रदेश में हासिल किया तीसरा स्थान, एक हेक्टेयर में पैदा किया 95 कुंतल धान

Sun, 24 Dec 2023 03:07 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 24 Dec 2023 03:07 PM IST
सार

किसान दिवस पर शनिवार को लोक भवन, लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने प्रदेश के सबसे अधिक उत्पादन करने वाले किसानों को सम्मानित किया। गेहूं, धान और तिलहन की फसलों के लिए अलग-अलग पुरस्कार दिए गए।

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Achieved third place in the state in paddy productivity, produced 95 quintals of paddy in one hectare.
धान उत्पादन में प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले बद्री प्रसाद मौर्य। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

धान की प्रति हेक्टेयर पैदावार के मामले में प्रयागराज के किसान ने प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया है। हंडिया तहसील के धनूपुर विकास खंड के अंतर्गत आने वाले गांव नोनरा के बद्री प्रसाद मौर्य ने जिले के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। उन्होंने एक हेक्टेयर में 95 कुंतल धान की पैदावार की है।

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किसान दिवस पर शनिवार को लोक भवन, लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने प्रदेश के सबसे अधिक उत्पादन करने वाले किसानों को सम्मानित किया। गेहूं, धान और तिलहन की फसलों के लिए अलग-अलग पुरस्कार दिए गए।

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बातचीत में बद्री प्रसाद मौर्य ने बताया कि वे 30 वर्षों से खेती ही कर रहे हैं। इसके पहले भी उनकी फसलों का उत्पादन अच्छा रहता था, लेकिन इस योजना की जानकारी नहीं थी। इस बार पहले से ही मन बना लिया था कि सरकार से क्रॉप कटिंग करवाएंगे और देखेंगे कि कैसी पैदावार रही। भागदौड़ और सरकारी योजनाओं की सहयता से यह हो पाया है। पूरे प्रदेश में नाम होने से बहुत खुशी हो रही है। पुरस्कार में 50,000 रुपये का चेक और प्रमाण पत्र मिला है।

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धान की रोपाई से लेकर कटाई तक अन्य किसानों की तुलना में उन्होंने क्या अलग किया। यह पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि फसल को खाद और पानी का सही समय पर मिलना सबसे जरूरी है। मैंने डीएपी और यूरिया का बहुत सीमित मात्रा में इस्तेमाल किया। घर में ही तैयार की हुई गोबर की खाद (वर्मी कंपोस्ट) का प्रयोग किया। सिंचाई की कोई समस्या नहीं थी। खेतों के बगल से ही नहर गुजरती है। धान की MTU7029 प्रजाति का बीज बोया था। इसे तैयार होने में अन्य से अधिक समय लगता है। यह पांच महीने में तैयार होती है और सामान्य तौर पर भी अधिक उत्पादन देती है।

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