High Court : गुरु के परिवार की सामूहिक हत्या का आरोपी पहुंचा हाईकोर्ट, फांसी की सजा के खिलाफ
मामला शामली जिले के आदर्श मंडी थानाक्षेत्र का है। 30 दिसंबर 2019 की रात पंजाबी कॉलोनी में रहने वाले भजन गायक अजय पाठक, उनकी पत्नी स्नेहलता, पुत्री वसुंधरा व पुत्र भागवत को हिमांशु सैनी ने तलवार व खंजर से काट डाला था। 31 दिसंबर को जब परिजन अजय पाठक के घर पहुंचे तो उन्हें इस वारदात की जानकारी हुई, लेकिन मौके पर भागवत का शव नहीं मिला।
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पांच साल पहले अपने गुरु प्रसिद्ध भजन गायक अजय पाठक, उनकी पत्नी, पुत्री और पुत्र के सामूहिक हत्याकांड में फांसी की सजा पाए शिष्य हिमांशु सैनी ने हाईकोर्ट से राहत की गुहार लगाई है। कोर्ट ने सजा रद्द करने की अपील पर ट्रायल कोर्ट से पत्रावली तलब करते हुए अजय के बड़े भाई वादी मुकदमा हरिओम पाठक को नोटिस जारी किया है। मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति अरविंद सिंह सांगवान व न्यायमूर्ति मो.अजहर हुसैन इदरीशी की अदालत ने आरोपी की अपील को सत्र न्यायालय की ओर से सजा की पुष्टि के लिए भेजे संदर्भ के साथ 10 सितंबर को सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है।
मामला शामली जिले के आदर्श मंडी थानाक्षेत्र का है। 30 दिसंबर 2019 की रात पंजाबी कॉलोनी में रहने वाले भजन गायक अजय पाठक, उनकी पत्नी स्नेहलता, पुत्री वसुंधरा व पुत्र भागवत को हिमांशु सैनी ने तलवार व खंजर से काट डाला था। 31 दिसंबर को जब परिजन अजय पाठक के घर पहुंचे तो उन्हें इस वारदात की जानकारी हुई, लेकिन मौके पर भागवत का शव नहीं मिला।
हरिओम ने थाना आर्दश मंडी पर अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कराई। उधर, सामूहिक हत्याकांड को अंजाम देने के बाद भागवत के शव को अजय पाठक की कार की डिक्की में बंद करके, घर से गहने व नकदी लूट कर भाग निकला हिमांशु पहले दिल्ली के बुराडी स्थित संतनगर में अपने फ्लैट पर गया। इसके बाद रात में पानीपत टोल प्लाजा पर पहुंच कर कार में आग लगा दी।
पानीपत पुलिस ने कार की आग बुझाकर हिमांशु सैनी को गिरफ्तार कर आदर्श मंडी पुलिस के हवाले किया था। पुलिस ने हिमांशु सैनी से अजय के घर से लूटे गए 22 लाख के गहने, दो लाख रुपये, तलवार-खून से सना खंजर व शव बरामद किया। इसके बाद पुलिस ने हिमांशु के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया। पांच साल चले ट्रायल के बाद शामली के जिला जज की अदालत ने झारखेड़ी गांव के हिमांशु सैनी को सामूहिक हत्या का दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुना दी। साथ ही एक लाख 10 हजार का अर्थदंड भी लगाया। शामली के इतिहास में हत्या के मामले में पहली बार किसी को फांसी की सजा सुनाई गई है।