{"_id":"610ae369c9ee3e6f450eebba","slug":"ac-bogies-will-increase-in-more-than-a-dozen-trains-including-sarnath","type":"story","status":"publish","title_hn":"सारनाथ समेत एक दर्जन से ज्यादा ट्रेनों में बढ़ेगी एसी बोगियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सारनाथ समेत एक दर्जन से ज्यादा ट्रेनों में बढ़ेगी एसी बोगियां
Thu, 05 Aug 2021 12:28 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 05 Aug 2021 12:28 AM IST
सार
ट्रेनों के एसी कोच में बढ़ रही यात्रियों की संख्या को देखते हुए रेलवे ने कई ट्रेनों में एसी कोच बढ़ाने की तैयारी की है। इसकी शुरुआत छपरा-दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस से होने जा रही है।
विज्ञापन
एसी कोच
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ट्रेनों के एसी कोच में बढ़ रही यात्रियों की संख्या को देखते हुए रेलवे ने कई ट्रेनों में एसी कोच बढ़ाने की तैयारी की है। इसकी शुरुआत छपरा-दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस से होने जा रही है। आने वाले दिनों में सारनाथ एक्सप्रेस में एसी कोच की संख्या दस या उससे ज्यादा रहेगी। इस दौरान प्रयागराज जंक्शन और प्रयागराज छिवकी से गुजरने वाली कई अन्य ट्रेनों में भी एसी कोच बढ़ाए जाएंगे।
कुछ ट्रेनों में रेल कोच फैक्टरी कपूरथला में बने ज्यादा बर्थ वाले एसी इकोनॉमी कोच भी लगाए जाएंगे। ऐसे 15 कोच उत्तर मध्य रेलवे प्रशासन को भेजे गए हैं। कुछ यहां पहुंच भी गए हैं। दरअसल, लंबी दूरी की ट्रेनों में एसी कोच में यात्रियों की अमूमन लंबी प्रतीक्षा सूची ही रहती है। इसी वजह से रेलवे लंबे समय से मंथन कर रहा है कि लंबी दूरी की ट्रेनों में एसी कोच बढ़ाया जाए।
बताया जा रहा है कि इसकी शुरूआत सारनाथ एक्सप्रेस से होगी। इसमें एसी कोच की संख्या 10 से 11 कोच तक रहेगी। वर्तमान समय इसमें स्लीपर कोच की संख्या नौ है, इसे अब पांच तक किया जा सकता है। इसके अलावा तकरीबन दर्जन भर अन्य ट्रेनों में भी एसी कोच लगाए जाने की तैयारी रेलवे ने की है। रेलवे की इस व्यवस्था से जहां एसी कोच में सफर करने वाले यात्रियों को सहूलियत तो मिलेगी, लेकिन स्लीपर में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए जरूर बर्थ की संख्या कम हो जाएगी।
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि प्रयागराज जंक्शन और छिवकी से बंगलूरू, चेन्नई, एर्णाकुलम आदि शहरों की तरफ जाने वाली ट्रेनों में पहले चरण में एसी कोच बढ़ाए जा सकते हैं। उधर रेलव अफसरों का कहना है कि हाल में ही लांच किए गए थर्ड एसी इकोनॉमी कोच को स्लीपर कोच की जगह लगाया जाएगा। नार्मल एसी थ्री कोच में बर्थ की संख्या 72 रहती है, जबकि एसी इकोनॉमी कोच में 83 बर्थ रहेगी।
इस वित्तीय वर्ष में 806 इकोनॉमी कोच मिल सकते हैं रेलवे को
रेलवे के एसी इकोनॉमी कोच को तैयार करने की शुरुआत हो चुकी है। इस वित्तीय वर्ष में 806 एसी इकोनॉमी कोच तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में 344, रेल कोच फैक्ट्री में 177 और मॉडर्न कोच फैक्ट्री में 285 कोच बनाए जा रहे हैं। ऐसे 15 कोच एनसीआर को भेजे गए हैं। इसमें कुछ कोच यहां प्रयागराज पहुंच भी चुके हैं।
विज्ञापन
कुछ ट्रेनों में रेल कोच फैक्टरी कपूरथला में बने ज्यादा बर्थ वाले एसी इकोनॉमी कोच भी लगाए जाएंगे। ऐसे 15 कोच उत्तर मध्य रेलवे प्रशासन को भेजे गए हैं। कुछ यहां पहुंच भी गए हैं। दरअसल, लंबी दूरी की ट्रेनों में एसी कोच में यात्रियों की अमूमन लंबी प्रतीक्षा सूची ही रहती है। इसी वजह से रेलवे लंबे समय से मंथन कर रहा है कि लंबी दूरी की ट्रेनों में एसी कोच बढ़ाया जाए।
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि इसकी शुरूआत सारनाथ एक्सप्रेस से होगी। इसमें एसी कोच की संख्या 10 से 11 कोच तक रहेगी। वर्तमान समय इसमें स्लीपर कोच की संख्या नौ है, इसे अब पांच तक किया जा सकता है। इसके अलावा तकरीबन दर्जन भर अन्य ट्रेनों में भी एसी कोच लगाए जाने की तैयारी रेलवे ने की है। रेलवे की इस व्यवस्था से जहां एसी कोच में सफर करने वाले यात्रियों को सहूलियत तो मिलेगी, लेकिन स्लीपर में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए जरूर बर्थ की संख्या कम हो जाएगी।
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि प्रयागराज जंक्शन और छिवकी से बंगलूरू, चेन्नई, एर्णाकुलम आदि शहरों की तरफ जाने वाली ट्रेनों में पहले चरण में एसी कोच बढ़ाए जा सकते हैं। उधर रेलव अफसरों का कहना है कि हाल में ही लांच किए गए थर्ड एसी इकोनॉमी कोच को स्लीपर कोच की जगह लगाया जाएगा। नार्मल एसी थ्री कोच में बर्थ की संख्या 72 रहती है, जबकि एसी इकोनॉमी कोच में 83 बर्थ रहेगी।
इस वित्तीय वर्ष में 806 इकोनॉमी कोच मिल सकते हैं रेलवे को
रेलवे के एसी इकोनॉमी कोच को तैयार करने की शुरुआत हो चुकी है। इस वित्तीय वर्ष में 806 एसी इकोनॉमी कोच तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में 344, रेल कोच फैक्ट्री में 177 और मॉडर्न कोच फैक्ट्री में 285 कोच बनाए जा रहे हैं। ऐसे 15 कोच एनसीआर को भेजे गए हैं। इसमें कुछ कोच यहां प्रयागराज पहुंच भी चुके हैं।