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Prayagraj News: राजूपाल हत्याकांड में उम्रकैद के खिलाफ आबिद और जावेद की अपील मंजूर
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विधायक राजू पाल हत्याकांड के आरोपी जावेद और आबिद की आजीवन कारावास की सजा के खिलाफ आपराधिक अपील मंजूर कर ली है। अपील में सीबीआई की विशेष अदालत लखनऊ की ओर से 29 मार्च 2024 को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा को निलंबित करने तथा जमानत पर रिहा करने की मांग की गई है। कोर्ट ने सीबीआई और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति एसडी सिंह तथा न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है।
सीबीआई के वरिष्ठ अधिवक्ता ज्ञान प्रकाश व सुमित केसरवानी ने आबिद और जावेद की जमानत का विरोध किया। धूमनगंज थानाक्षेत्र में 25 जनवरी 2005 को बसपा विधायक रहे राजू पाल की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पूर्व सांसद अतीक अहमद, पूर्व विधायक मोहम्मद अशरफ उर्फ खालिद अजीम सहित इस गिरोह के दर्जन भर से अधिक शूटरों को आरोपी बनाया गया था। पुलिस चार्जशीट के बाद मामला सीबीआई को सौंप दिया गया था। सीबीआई की विशेष अदालत ने इस मामले में छह आरोपियों को सजा सुनाई।
आरोपियों का कहना है कि चश्मदीद गवाह ने उनकी मौजूदगी मौके पर नहीं बताई है। संदेहजनक साक्ष्यों के आधार पर उन्हें फंसाया गया है। बिना किसी पुख्ता सबूत के अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश सीबीआई ने सजा सुनाई है, जिसे रद्द किया जाना चाहिए।
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सीबीआई के वरिष्ठ अधिवक्ता ज्ञान प्रकाश व सुमित केसरवानी ने आबिद और जावेद की जमानत का विरोध किया। धूमनगंज थानाक्षेत्र में 25 जनवरी 2005 को बसपा विधायक रहे राजू पाल की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पूर्व सांसद अतीक अहमद, पूर्व विधायक मोहम्मद अशरफ उर्फ खालिद अजीम सहित इस गिरोह के दर्जन भर से अधिक शूटरों को आरोपी बनाया गया था। पुलिस चार्जशीट के बाद मामला सीबीआई को सौंप दिया गया था। सीबीआई की विशेष अदालत ने इस मामले में छह आरोपियों को सजा सुनाई।
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आरोपियों का कहना है कि चश्मदीद गवाह ने उनकी मौजूदगी मौके पर नहीं बताई है। संदेहजनक साक्ष्यों के आधार पर उन्हें फंसाया गया है। बिना किसी पुख्ता सबूत के अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश सीबीआई ने सजा सुनाई है, जिसे रद्द किया जाना चाहिए।
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