{"_id":"67f9765a047d11f510032460","slug":"a-unique-gift-of-motherhood-in-the-police-line-a-babys-laughter-in-the-foster-home-allahabad-news-c-358-1-pr11004-123640-2025-04-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj News: पुलिस लाइन में मातृत्व की अनूठी सौगात,पालन गृह में किलकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj News: पुलिस लाइन में मातृत्व की अनूठी सौगात,पालन गृह में किलकारी
विज्ञापन
कंधे पर राइफल लेकर सुरक्षा में मुस्तैद रहने वाली महिला पुलिस कर्मियों के लिए पुलिस लाइन में मातृत्व की अनूठी सौगात दी गई है। शिशुओं को जन्म देने वाली महिला पुलिस कर्मियों की लिए कमिश्नरेट की तरफ से पालन गृह खोल दिया गया है। पुलिस लाइन में के छोटे बच्चों की देखभाल के लिए पालन गृह मिसाल बन गया हैै। इसमें बच्चों के लिए खाने-पीने, खेलने के साथ पढ़ाई के संसाधनों की व्यवस्था की गई है।
बच्चों की देखभाल के लिए 24 घंटे दो महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती भी की गई है।
पुलिस विभाग में कई बार सड़कों, दफ्तरों में महिला पुलिस कर्मी अपने छोटे बच्चे के साथ ड्यूटी करती नजर आती रही हैं। सुरक्षा ड्यूटी के साथ बच्चे को संभालना उनके लिए बहुत ही चुनौती पूर्ण होता है। इन्हीं मातृ शक्तियों की चुनौतियों को कम करने के लिए कमिश्नरेट की तरफ से पुलिस लाइन के एमसीआर बिल्डिंग के प्रथम तल पर पालन गृह बनाया गया है। इसमें महिला पुलिस कर्मी अपने बच्चों को साथ में न ले जाकर पालन गृह में छोड़कर ड्यूटी पर जा सकती हैं। इस पालन गृह को आकर्षक चीजों से सजाया गया है।
पुलिस लाइन प्रभारी एसीपी राजकुमार मीणा ने बताया कि एक बड़े हाल में पालन गृह बनाया गया है, ताकि बच्चे आसानी से मनोरंजन के साथ उसमें अपना समय बिता सकें। पालन गृह की फर्श को रंगीन प्लास्टिक की मदद से ट्रैकनुमा बनाया गया है। साथ ही जगह-जगह कार्टून भी बनाए गए हैं। इसकी वजह से बच्चे खेल-खेल में रंगों की भी पहचान करेंगे। इतना ही नहीं बच्चाें की उम्र के हिसाब से खिलौनों की व्यवस्था की गई है। उन्हें बेसिक शिक्षा की जानकारी देने के लिए अलग-अलग विषयों की किताबें रखी गई हैं। इसके साथ हर विषय के चार्ट को दीवार पर लगाया गया है। वहीं बच्चों के खाने के लिए टॉफी-चाॅकलेट की भी व्यवस्था की गई है, ताकि उनके रोने पर इसे देकर शांत कराया जा सके।
विज्ञापन
महिला पुलिस कर्मी बेफिक्र होकर करेंगी ड्यूटी
एसीपी राजकुमार मीणा ने बताया कि, पालन गृह बनने से महिला पुलिस कर्मियों को काफी सहूलियत मिलेगा। जिन महिलाओं को बच्चों को लेकर ड्यूटी करना पड़ता था, अब वह बिना किसी चिंता के अपने बच्चों को पालन गृह में छोड़कर ड्यूटी कर सकेंगी। बच्चों की देखभाल के लिए दो महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। इनकी 12-12 घंटे की शिफ्ट होगी।
विज्ञापन
बच्चों की देखभाल के लिए 24 घंटे दो महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती भी की गई है।
पुलिस विभाग में कई बार सड़कों, दफ्तरों में महिला पुलिस कर्मी अपने छोटे बच्चे के साथ ड्यूटी करती नजर आती रही हैं। सुरक्षा ड्यूटी के साथ बच्चे को संभालना उनके लिए बहुत ही चुनौती पूर्ण होता है। इन्हीं मातृ शक्तियों की चुनौतियों को कम करने के लिए कमिश्नरेट की तरफ से पुलिस लाइन के एमसीआर बिल्डिंग के प्रथम तल पर पालन गृह बनाया गया है। इसमें महिला पुलिस कर्मी अपने बच्चों को साथ में न ले जाकर पालन गृह में छोड़कर ड्यूटी पर जा सकती हैं। इस पालन गृह को आकर्षक चीजों से सजाया गया है।
विज्ञापन
पुलिस लाइन प्रभारी एसीपी राजकुमार मीणा ने बताया कि एक बड़े हाल में पालन गृह बनाया गया है, ताकि बच्चे आसानी से मनोरंजन के साथ उसमें अपना समय बिता सकें। पालन गृह की फर्श को रंगीन प्लास्टिक की मदद से ट्रैकनुमा बनाया गया है। साथ ही जगह-जगह कार्टून भी बनाए गए हैं। इसकी वजह से बच्चे खेल-खेल में रंगों की भी पहचान करेंगे। इतना ही नहीं बच्चाें की उम्र के हिसाब से खिलौनों की व्यवस्था की गई है। उन्हें बेसिक शिक्षा की जानकारी देने के लिए अलग-अलग विषयों की किताबें रखी गई हैं। इसके साथ हर विषय के चार्ट को दीवार पर लगाया गया है। वहीं बच्चों के खाने के लिए टॉफी-चाॅकलेट की भी व्यवस्था की गई है, ताकि उनके रोने पर इसे देकर शांत कराया जा सके।
विज्ञापन
महिला पुलिस कर्मी बेफिक्र होकर करेंगी ड्यूटी
एसीपी राजकुमार मीणा ने बताया कि, पालन गृह बनने से महिला पुलिस कर्मियों को काफी सहूलियत मिलेगा। जिन महिलाओं को बच्चों को लेकर ड्यूटी करना पड़ता था, अब वह बिना किसी चिंता के अपने बच्चों को पालन गृह में छोड़कर ड्यूटी कर सकेंगी। बच्चों की देखभाल के लिए दो महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। इनकी 12-12 घंटे की शिफ्ट होगी।