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Prayagraj News: लोक रंग, माटी के संग लोक संस्कृति उत्सव में दिखी यूपी की लोक परंपराओं की झलक
Mon, 07 Sep 2026 02:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Mon, 07 Sep 2026 02:06 AM IST
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एनसीजेडसीसी में आर्ट एंड कल्चर सोसाइटी की ओर से संस्कृति उत्सव में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद म
उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनसीजेडसीसी) में रविवार को तीन दिवसीय ‘उत्तर प्रदेश लोक संस्कृति उत्सव’ का शुभारंभ हुआ। ‘लोक रंग, माटी के संग’ थीम पर आयोजित उत्सव का उद्घाटन मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान उन्होंने ‘संगीत सप्तरंग’ पुस्तिका का विमोचन भी किया।
नई पीढ़ी को लोक संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के उद्देश्य से छह से आठ सितंबर तक व्यंजना आर्ट एंड कल्चर सोसाइटी और संस्कृति मंत्रालय की ओर से उत्सव आयोजित किया जा रहा है। उद्घाटन अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने संस्था की संस्थापक मधुरानी शुक्ला, सदस्यों और लोक कलाकारों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि लोक कलाकार अपनी कला और शब्दों के माध्यम से लोगों को प्रभावित करते हैं। डबल इंजन की सरकार लोक कलाओं को जीवंत रखने, उनके संरक्षण-संवर्धन और विलुप्त होती कलाओं को बचाने के लिए संकल्पित है।
उन्होंने एनसीजेडसीसी के निदेशक सुदेश शर्मा को लोक कलाओं के संरक्षण और बड़े आयोजनों के लिए पांच हजार दर्शक क्षमता वाले ऑडिटोरियम परिसर की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अच्छे कार्यों के लिए बजट की कमी नहीं है।
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लोकगीत और धोबिया नृत्य ने बांधा समां
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की शुरुआत व्यंजना आर्ट एंड कल्चर सोसाइटी के बच्चों ने ‘सोना झरल’, ‘बामन बनगयो कृष्ण मुरारी’ और ‘ऐसे बरखा मां बदरिया घनघोर’ लोकगीतों से की। बच्चों ने ‘बरसन लगी बजरिया’ पर लोकनृत्य प्रस्तुत किया। वृंदावन की गायिका आस्था गोस्वामी ने ब्रज और अवधी की प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। इसके बाद गाजीपुर से आए जीवन राम और सहयोगी कलाकारों ने ऊर्जावान धोबिया नृत्य प्रस्तुत किया। पहले सत्र में लोकगीत और चित्रकला समेत विभिन्न प्रतियोगिताएं भी हुईं। विजेताओं को पुरस्कार दिए गए। कार्यक्रम में पूजा पाल, अवधेश गुप्ता, अनीता त्रिपाठी, राजेश शुक्ला सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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नई पीढ़ी को लोक संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के उद्देश्य से छह से आठ सितंबर तक व्यंजना आर्ट एंड कल्चर सोसाइटी और संस्कृति मंत्रालय की ओर से उत्सव आयोजित किया जा रहा है। उद्घाटन अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने संस्था की संस्थापक मधुरानी शुक्ला, सदस्यों और लोक कलाकारों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि लोक कलाकार अपनी कला और शब्दों के माध्यम से लोगों को प्रभावित करते हैं। डबल इंजन की सरकार लोक कलाओं को जीवंत रखने, उनके संरक्षण-संवर्धन और विलुप्त होती कलाओं को बचाने के लिए संकल्पित है।
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उन्होंने एनसीजेडसीसी के निदेशक सुदेश शर्मा को लोक कलाओं के संरक्षण और बड़े आयोजनों के लिए पांच हजार दर्शक क्षमता वाले ऑडिटोरियम परिसर की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अच्छे कार्यों के लिए बजट की कमी नहीं है।
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लोकगीत और धोबिया नृत्य ने बांधा समां
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की शुरुआत व्यंजना आर्ट एंड कल्चर सोसाइटी के बच्चों ने ‘सोना झरल’, ‘बामन बनगयो कृष्ण मुरारी’ और ‘ऐसे बरखा मां बदरिया घनघोर’ लोकगीतों से की। बच्चों ने ‘बरसन लगी बजरिया’ पर लोकनृत्य प्रस्तुत किया। वृंदावन की गायिका आस्था गोस्वामी ने ब्रज और अवधी की प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। इसके बाद गाजीपुर से आए जीवन राम और सहयोगी कलाकारों ने ऊर्जावान धोबिया नृत्य प्रस्तुत किया। पहले सत्र में लोकगीत और चित्रकला समेत विभिन्न प्रतियोगिताएं भी हुईं। विजेताओं को पुरस्कार दिए गए। कार्यक्रम में पूजा पाल, अवधेश गुप्ता, अनीता त्रिपाठी, राजेश शुक्ला सहित अन्य लोग मौजूद रहे।