Maha Kumbh Mela: महाकुंभ मेले में श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा है। संगम जाने वाले सभी मार्ग भीड़ से पट गए हैं। मौनी अमावस्या पर स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी बढ़ गई है कि पैदल चलने वाले भी रेंग रहे हैं। वह पैर तक पूरी तरह आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं। त्रिवेणी मार्ग, काली मार्ग के साथ शास्त्री ब्रिज, नाग वासुकि रोड, झूंसी रोड सभी मार्गों पर भयंकर भीड़ संगम की ओर बढ़ रही है। सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक बंदोबस्त किए गए हैं।
Mahakumbh 2025: अब तक 15 करोड़ से अधिक ने लगाई डुबकी, मौनी अमावस्या से एक दिन पहले महास्नान के लिए उमड़ा रेला
Mauni Amavasya 2025 : मौनी अमावस्या महास्नान के मद्देनजर करोड़ों श्रद्धालुओं का रेला संगम तट पर पहुंच गया है। शहर से लेकर संगम तक सिर्फ सिर पर गठरी और श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दे रही है। दो पहिया वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से रोक दिया गया है।
मेला क्षेत्र बना नो व्हीकल जोन, व्यापक तैयारियां
मेला प्रशासन और कुंभ पुलिस ने अमृत स्नान पर्व को देखते हुए व्यापक तैयारियां की हैं। पूरे मेला क्षेत्र को नो व्हीकल जोन घोषित किया गया है। संगम तटों पर बैरिकेडिंग का कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है, ताकि भीड़ नियंत्रण में रहे। श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए हर सेक्टर और जोन में विशेष व्यवस्था की गई है। इस दौरान किसी भी तरह का प्रोटोकॉल लागू नहीं होगा।
आई ट्रिपलसी से भीड़ प्रबंधन पर नजर
संगम नोज पर अत्यधिक भीड़ जमा न हो, इसके लिए (इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर) मॉनिटरिंग करेगा। भीड़ वाले इलाकों में त्वरित कदम उठाने के लिए विशेष दल तैनात किए गए हैं। प्रमुख मार्गों पर खास निगरानी की जा रही है। साथ ही, अराजक और संदिग्ध लोगों पर भी नजर रखी जा रही है।
महाकुंभ में मौनी अमावस्या स्नान को देखते हुए मंगलवार से पांच हजार अतिरिक्त बल तैनात किया जाएगा। यह पुलिस बल विभिन्न चौराहों के अलावा शहर की सीमाओं पर तैनात रहेगा। इसमें यातायात पुलिस से लेकर सिविल पुलिसकर्मी शामिल हैं। बता दें कि शहर की सीमाओं पर लगभग 10 हजार पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
मौनी अमावस्या स्नान पर्व को लेकर बड़ी संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु दो दिन पहले से ही मेले में पहुंच रहे हैं। पिछले दो दिन के मुकाबले सोमवार को शाम से अचानक भीड़ बढ़ गई। भीड़ पर नियंत्रण पाने के लिए बैरिकेडिंग लगाई गई है। भीड़ इतनी ज्यादा बढ़ गई कि पुलिस असमर्थ दिखी।
वहीं, सिविल पुलिस के लगभग चार हजार अतिरिक्त कर्मियों को लगाया जा रहा है। ये पुलिसकर्मी मेला पुलिस के लिए आउटर कॉर्डन का काम करेंगे। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, एयरपोर्ट और अन्य मार्गों से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित मेला क्षेत्र तक पहुंचाने के लिए जगह-जगह इनकी तैनाती होगी। इसके साथ ही पैरामिलिट्री फोर्स, पीएसी, बम निरोधक दस्ता और अन्य विंग की अतिरिक्त फोर्स लगाई जा रही है।