{"_id":"8-54779","slug":"Allahabad-54779-8","type":"story","status":"publish","title_hn":"फेसबुक फ्रेंड ने कॉलेज में किया छात्रा पर हमला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फेसबुक फ्रेंड ने कॉलेज में किया छात्रा पर हमला
Allahabad
Updated Tue, 11 Nov 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इलाहाबाद। फाफामऊ स्थित बीबीएस इंजीनियरिंग कॉलेज की एक छात्रा पर कानपुर से आए फेसबुक फ्रेंड ने कॉलेज परिसर में हमला कर दिया। यह युवक कानपुर में कपड़े की दुकान चलाता है। वह अपने नौकर के साथ आया था। छात्रा का आरोप है कि वह उससे बात नहीं करना चाहती इसलिए उसने आकर उसे चांटा मारा और तेजाब डालकर जिंदगी तबाह करने की धमकी दी। कॉलेज के छात्रों और शिक्षकों ने हमलावर फेसबुक फ्रेंड को उसके नौकर सहित पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। छात्रा से तहरीर लेकर पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ रिपोर्ट लिखी है।
आजमगढ़ की पारुल (नाम काल्पनिक) यहां फाफामऊ स्थित बीबीएस इंजीनियर कॉलेज में एमबीए प्रथम वर्ष की छात्रा है। तीन माह पहले ही वह इलाहाबाद आई है। सोमवार दोपहर वह कॉलेज परिसर में थी तभी एक युवक उसके पास आया। पारुल ने पुलिस को दी लिखित शिकायत में कहा है कि यह युवक कानपुर का रहने वाला हसन वारसी है। उसने 2009 में समीर सिंह नाम से उससे फेसबुक पर दोस्ती की थी। वे दोनों फोन पर भी बात करने लगे। बाद में पता चला कि उसका असली नाम हसन वारसी है। कानपुर में उसकी कपड़े की दुकान है। पारुल के मुताबिक, उसने असलियत जानने के बाद फेसबुक पर दोस्ती खत्म करने के साथ ही फोन पर भी बातचीत बंद कर दी। इस पर वह बौखला गया। पारुल का आरोप है कि कॉलेज में आकर हसन ने उसे चांटा मारा और बदसलूकी की। धमकी दी कि तेजाब डालकर चेहरा जला देगा। हसन के साथ उसके दुकान का नौकर भी था। छात्रों ने उन दोनों को घेरकर पुलिस को खबर दी। पुलिस ने हसन और उसके नौकर को गिरफ्तार कर फाफामऊ चौकी की हवालात में डाल दिया। चौकी प्रभारी फाफामऊ दुर्विजय सिंह ने बताया कि आरोपी हसन कानपुर नगर में मूलगंज इलाके की रोटी वाली गली का रहने वाला है।
बीबीएस इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में पकड़े गए छात्रा के फेसबुक फ्रेंड हसन वारसी ने पारुल के आरोप को गलत ठहराया। उसने पुलिस को बताया कि वह पारुल से कई बार आजमगढ़ जाकर मिल चुका है। इलाहाबाद में भी तीन महीने में दो बार आकर मिला है। आज भी उसके ही बुलावे पर आया था। वे दोनों कॉलेज की कैंटीन में बैठे बातचीत कर रहे थे तभी छात्रों और शिक्षकों ने आकर पूछताछ की। शिक्षकों ने गुस्सा जताया तब पारुल ने यह आरोप लगा दिया। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट लिखकर असलियत का पता लगाया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
आजमगढ़ की पारुल (नाम काल्पनिक) यहां फाफामऊ स्थित बीबीएस इंजीनियर कॉलेज में एमबीए प्रथम वर्ष की छात्रा है। तीन माह पहले ही वह इलाहाबाद आई है। सोमवार दोपहर वह कॉलेज परिसर में थी तभी एक युवक उसके पास आया। पारुल ने पुलिस को दी लिखित शिकायत में कहा है कि यह युवक कानपुर का रहने वाला हसन वारसी है। उसने 2009 में समीर सिंह नाम से उससे फेसबुक पर दोस्ती की थी। वे दोनों फोन पर भी बात करने लगे। बाद में पता चला कि उसका असली नाम हसन वारसी है। कानपुर में उसकी कपड़े की दुकान है। पारुल के मुताबिक, उसने असलियत जानने के बाद फेसबुक पर दोस्ती खत्म करने के साथ ही फोन पर भी बातचीत बंद कर दी। इस पर वह बौखला गया। पारुल का आरोप है कि कॉलेज में आकर हसन ने उसे चांटा मारा और बदसलूकी की। धमकी दी कि तेजाब डालकर चेहरा जला देगा। हसन के साथ उसके दुकान का नौकर भी था। छात्रों ने उन दोनों को घेरकर पुलिस को खबर दी। पुलिस ने हसन और उसके नौकर को गिरफ्तार कर फाफामऊ चौकी की हवालात में डाल दिया। चौकी प्रभारी फाफामऊ दुर्विजय सिंह ने बताया कि आरोपी हसन कानपुर नगर में मूलगंज इलाके की रोटी वाली गली का रहने वाला है।
विज्ञापन
बीबीएस इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में पकड़े गए छात्रा के फेसबुक फ्रेंड हसन वारसी ने पारुल के आरोप को गलत ठहराया। उसने पुलिस को बताया कि वह पारुल से कई बार आजमगढ़ जाकर मिल चुका है। इलाहाबाद में भी तीन महीने में दो बार आकर मिला है। आज भी उसके ही बुलावे पर आया था। वे दोनों कॉलेज की कैंटीन में बैठे बातचीत कर रहे थे तभी छात्रों और शिक्षकों ने आकर पूछताछ की। शिक्षकों ने गुस्सा जताया तब पारुल ने यह आरोप लगा दिया। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट लिखकर असलियत का पता लगाया जा रहा है।
विज्ञापन