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लखपतियों ने हथिया लिए लोहिया आवास, जांच में फंसे
Allahabad
Updated Sun, 03 Aug 2014 05:30 AM IST
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इलाहाबाद। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों की लोहिया आवास के लिए सरकारी दफ्तरों की चौखट पर लंबी लाइन लगी है लेकिन कुछ प्रभावशाली और लखपति लोग उनका आवास और हक हथियाने में लगे हुए हैं। हंडिया तहसील में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां झोपड़ी की फर्जी फोटो और फर्जी आय प्रमाणपत्र लगाकर लोकसभा चुनाव प्रत्याशी की पत्नी को पात्र घोषित करा लिया गया और पहली किस्त के रूप में पचास हजार रुपये भी जारी कर दिए गए। मजेदार बात यह कि लाभार्थी को लगा कि जब वह इस मामले में फंस सकता है तो उसने खुद ही शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पर सीडीओ ने जांच कराई और इस गड़बड़ी में लाभार्थी सहित दो अन्य अपात्र भी पकड़े गए। मामले में तीनों अपात्रों से वसूली करने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही तहसील से फर्जी आय प्रमाणपत्र जारी होने के मामले की भी जांच शुरू करा दी गई है।
धूनपुर ब्लॉक में दमगढ़ा लोहिया ग्राम के रहने वाले अनीस अहमद उर्फ गुड्डू अंसारी इस बार लोकसभा चुनाव में पीस पार्टी से प्रत्याशी थे। अपने शपथ पत्र में उन्होंने 44 लाख रुपये की संपत्ति घोषित की थी। उनके पास पक्का मकान और क्वालिस एवं इनोवा जैसे लग्जरी वाहन हैं। इसके बावजूद उनकी पत्नी रोजीबानो को लोहिया आवास आवंटित कर दिया गया। सीडीओ ने अटल कुमार राय ने बताया कि रोजीबानो के खाते में पहली किस्त के रूप में भेजे गए 50 हजार रुपये भी निकाल लिए गए। जब दूसरी किस्त आई तो लाभार्थी ने पैसा नहीं निकला। पैसा तभी निकाला जा सकता था, जब लोहिया आवास का निर्माण शुरू होनेकी फोटो बतौर सुबूत दिखाई जाती लेकिन लाभार्थी को तो लोहिया आवास बनाना ही नहीं था। उन्होंने नोटिस जारी किया तो अनीस ने हड़बड़ी में खुद ही शिकायत दर्ज करा दी कि ग्राम प्रधान ने उन्हें फंसाने के लिए पत्नी के नाम लोहिया आवास आवंटित करा दिया है। इस पर जांच शुरू हुई तो सामने आया कि रोजीबानो को लाभार्थियों की सूची में शामिल करने के लिए एक झोपड़ी की फर्जी फोटो लगाई गई। उसके बाद रोजीबानी ने अपने बैंक खाते से लोहिया आवास के लिए पहली किस्त के रूप में आए 50 हजार रुपये भी निकाल लिए। रोजीबानो का फर्जी आय प्रमाणपत्र भी लगाया गया। ऐसे में यह बात कहीं से भी नहीं पचती कि लाभार्थी को इस फर्जीवाड़े की कोई जानकारी नहीं थी। जांच के बाद उन्हें और गांव के ही दो अन्य लोगों को अपात्र घोषित कर दिया गया है। तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और पहली किस्त के रूप में दी गई रकम की वसूली भी उनसे की जाएगी। साथ ही ब्लॉक, तहसील एवं जिला स्तर पर तीनों जांचकर्ता अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। मामले में डीएम पी. गुरुप्रसाद ने तहसील से जारी फर्जी आय प्रमाण के मामले में भी जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। उधर, अनीस का आरोप है कि उनकी पत्नी से धोखे से दस्तावेजों पर दस्तखत कराए गए ताकि चुनाव में उन्हें नुकसान पहुंचाया जा सके। बैंक से जो रकम निकाली थी, उसे खाते में वापस जमा कराया जा चुका है।
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धूनपुर ब्लॉक में दमगढ़ा लोहिया ग्राम के रहने वाले अनीस अहमद उर्फ गुड्डू अंसारी इस बार लोकसभा चुनाव में पीस पार्टी से प्रत्याशी थे। अपने शपथ पत्र में उन्होंने 44 लाख रुपये की संपत्ति घोषित की थी। उनके पास पक्का मकान और क्वालिस एवं इनोवा जैसे लग्जरी वाहन हैं। इसके बावजूद उनकी पत्नी रोजीबानो को लोहिया आवास आवंटित कर दिया गया। सीडीओ ने अटल कुमार राय ने बताया कि रोजीबानो के खाते में पहली किस्त के रूप में भेजे गए 50 हजार रुपये भी निकाल लिए गए। जब दूसरी किस्त आई तो लाभार्थी ने पैसा नहीं निकला। पैसा तभी निकाला जा सकता था, जब लोहिया आवास का निर्माण शुरू होनेकी फोटो बतौर सुबूत दिखाई जाती लेकिन लाभार्थी को तो लोहिया आवास बनाना ही नहीं था। उन्होंने नोटिस जारी किया तो अनीस ने हड़बड़ी में खुद ही शिकायत दर्ज करा दी कि ग्राम प्रधान ने उन्हें फंसाने के लिए पत्नी के नाम लोहिया आवास आवंटित करा दिया है। इस पर जांच शुरू हुई तो सामने आया कि रोजीबानो को लाभार्थियों की सूची में शामिल करने के लिए एक झोपड़ी की फर्जी फोटो लगाई गई। उसके बाद रोजीबानी ने अपने बैंक खाते से लोहिया आवास के लिए पहली किस्त के रूप में आए 50 हजार रुपये भी निकाल लिए। रोजीबानो का फर्जी आय प्रमाणपत्र भी लगाया गया। ऐसे में यह बात कहीं से भी नहीं पचती कि लाभार्थी को इस फर्जीवाड़े की कोई जानकारी नहीं थी। जांच के बाद उन्हें और गांव के ही दो अन्य लोगों को अपात्र घोषित कर दिया गया है। तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और पहली किस्त के रूप में दी गई रकम की वसूली भी उनसे की जाएगी। साथ ही ब्लॉक, तहसील एवं जिला स्तर पर तीनों जांचकर्ता अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। मामले में डीएम पी. गुरुप्रसाद ने तहसील से जारी फर्जी आय प्रमाण के मामले में भी जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। उधर, अनीस का आरोप है कि उनकी पत्नी से धोखे से दस्तावेजों पर दस्तखत कराए गए ताकि चुनाव में उन्हें नुकसान पहुंचाया जा सके। बैंक से जो रकम निकाली थी, उसे खाते में वापस जमा कराया जा चुका है।
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