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सौ परिवारों पर बेघर होने का खतरा
Allahabad
Updated Mon, 09 Jun 2014 05:30 AM IST
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। राजापुर स्थित 26 म्योर रोड पर रहने वाले करीब सौ परिवार बेघर होने की कगार पर हैं। तकरीबन 13 हजार वर्गमीटर इस जमीन को लेकर एडीए और वहां रहने वाले परिवारों के बीच न्यायालय में मामला विचाराधीन था, जहां से फैसला एडीए के पक्ष में हो गया है। वैसे एडीए फैसला आने के पहले ही यहां के लोगों को जमीन खाली करने का फरमान जारी कर चुका है। आशियाना छिनने के डर से यहां के लोग बेहद परेशान हैं और घरों में मातम पसरा है।
म्योर रोड स्थित यह नजूल भूमि एडीए ने तकरीबन 24 वर्ष पहले अधिग्रहीत की थी। 13 हजार वर्गमीटर के इस भूखंड पर करीब सौ परिवार बरसों से रह रहे हैं। इनमें से कुछ के मकान पक्के हैं तो काफी लोग छप्पर, टिन की छतों के नीचे गुजर बसर कर रहे हैं। भूखंड के अगले हिस्से में जिनका कब्जा है, ऐसे दर्जनभर से अधिक लोगों ने जनरल स्टोर, कपड़े आदि की दुकानें भी खोल ली हैं। यह रहने वाले ज्यादातर लोग गरीब तबके के हैं, जिनके पास शहर में रहने का कोई और ठिकाना नहीं हैं। एडीए की योजना इस जमीन पर बहुमंजिला आवास योजना बनाने की है। हालांकि इस पर फैसला जमीन पर कब्जा मिलने के बाद होगा। करीब 10 दिन पहले एडीए के अफसरों ने यहां पहुंचकर लोगों को चेतावनी दी थी।
इसके अगले दिन यहां सुशीला नाम की एक महिला की मौत हो गई। यहां के लोगों ने मौत के लिए एडीए को जिम्मेदार ठहराते हुए हंगामा भी किया था। बहरहाल अब फैसला एडीए के पक्ष में आ चुका है सो अगले कुछ दिनों में यहां कार्रवाई की भी संभावना है। इस दौरान हंगामा होने के भी आसार हैं। एडीए अफसरों का कहना है कि पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के बाद ही जमीन खाली कराई जाएगी।
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म्योर रोड स्थित यह नजूल भूमि एडीए ने तकरीबन 24 वर्ष पहले अधिग्रहीत की थी। 13 हजार वर्गमीटर के इस भूखंड पर करीब सौ परिवार बरसों से रह रहे हैं। इनमें से कुछ के मकान पक्के हैं तो काफी लोग छप्पर, टिन की छतों के नीचे गुजर बसर कर रहे हैं। भूखंड के अगले हिस्से में जिनका कब्जा है, ऐसे दर्जनभर से अधिक लोगों ने जनरल स्टोर, कपड़े आदि की दुकानें भी खोल ली हैं। यह रहने वाले ज्यादातर लोग गरीब तबके के हैं, जिनके पास शहर में रहने का कोई और ठिकाना नहीं हैं। एडीए की योजना इस जमीन पर बहुमंजिला आवास योजना बनाने की है। हालांकि इस पर फैसला जमीन पर कब्जा मिलने के बाद होगा। करीब 10 दिन पहले एडीए के अफसरों ने यहां पहुंचकर लोगों को चेतावनी दी थी।
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इसके अगले दिन यहां सुशीला नाम की एक महिला की मौत हो गई। यहां के लोगों ने मौत के लिए एडीए को जिम्मेदार ठहराते हुए हंगामा भी किया था। बहरहाल अब फैसला एडीए के पक्ष में आ चुका है सो अगले कुछ दिनों में यहां कार्रवाई की भी संभावना है। इस दौरान हंगामा होने के भी आसार हैं। एडीए अफसरों का कहना है कि पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के बाद ही जमीन खाली कराई जाएगी।
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