{"_id":"8-46312","slug":"Allahabad-46312-8","type":"story","status":"publish","title_hn":"न्यायिक सुधारों केलिए आंदोलन जरूरी : रायानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
न्यायिक सुधारों केलिए आंदोलन जरूरी : रायानी
Allahabad
Updated Mon, 19 May 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इलाहाबाद (ब्यूरो)। अदालतों में लंबित मुकदमों की संख्या में कमी लाने, आम आदमी को त्वरित, सस्ता और सुलभ न्याय दिलाने केलिए फोरम फॉर फास्ट जस्टिम देश भर में आंदोलन की शुरूआत करेगा। प्रीतम नगर स्थित लार्ड बुद्धा स्कूल में आयोजित संगोष्ठी में फोरम के अध्यक्ष और संस्थापक भगवानी जी रायानी ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि देश में न्यायिक सुधार की आवश्यकता है। फोरम इस दिशा में काफी समय से सक्रिय है। अदालतों में लंबित मुकदमों की संख्या करोड़ों का आंकड़ा पार कर चुकी है। फोरम ने राजनीतिक दलों से भी अपील की है कि वह घोषणा पत्रों में न्यायिक सुधारों को उचित स्थान दें तथा इनको प्रचार का मुद्दा बनाएं। फोरम ने इसे लेकर वर्ष 2005 में आंदोलन प्रारंभ किया है। न्यायिक सुधारों को लेकर एक जनहित याचिका भी दाखिल की गई है जिसमें जजों की संख्या बढ़ाने, अधीनस्थ अदालतों में न्यायाधीशों केरिक्त भरने जैसे मांगे की गई हैं।
उन्होंने बताया कि फोरम की भविष्य की योजना है कि वह अपना आंदोलन गांधीवादी तरीके से आक्रामक बनाएगी। रोड शो, रैलियों और धरना प्रदर्शन के माध्यम से जनता को जागरूक किया जाएगा। संगोष्ठी को वरिष्ठ अधिवक्ता योगेश कुमार सक्सेना और प्रो. राजेंद्र पांडेय सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि फोरम की भविष्य की योजना है कि वह अपना आंदोलन गांधीवादी तरीके से आक्रामक बनाएगी। रोड शो, रैलियों और धरना प्रदर्शन के माध्यम से जनता को जागरूक किया जाएगा। संगोष्ठी को वरिष्ठ अधिवक्ता योगेश कुमार सक्सेना और प्रो. राजेंद्र पांडेय सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया।
विज्ञापन