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मनमानी की शिकायत पर घबराया था प्रतीक

Sat, 22 Feb 2014 05:30 AM IST
Allahabad
Allahabad Updated Sat, 22 Feb 2014 05:30 AM IST
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इलाहाबाद। परिवार के लोगों से बातचीत के बाद अनुमान है कि ग्यारहवीं के छात्र प्रतीक श्रीवास्तव की आत्महत्या के पीछे स्कूल प्रशासन द्वारा उसके घर में शिकायत किया जाना है। शनिवार को एक वार्डन ने उसे जमकर फटकारा भी था। कॉलेज के वार्डन से फोन पर उसकी मनमानी की शिकायत मिलने के बाद शुक्रवार दोपहर प्रतीक के फुफेरे भाई सर्वेश ने हॉस्टल जाकर उससे मुलाकात की थी। उसे काफी देर तक समझाया था। मां-बाप से भी उसकी बात कराई थी। उनके लौटने के कुछ ही देर बाद छात्र ने हॉस्टल के अपने कमरे में जाकर फांसी लगा ली थी।
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प्रतीक की मौत की खबर पाकर आए परिवार के लोग कई घंटे तक रोते-बिलखते रहे। थोड़ा संयत होने पर उन्होंने अमर उजाला संवाददाता से बात की। प्रतीक के फुफेरे भाई सर्वेश श्रीवास्तव यहीं बेली कॉलोनी के पास स्टेनली रोड पर रहते हैं। उन्होंने अमर उजाला को बताया-‘शुक्रवार सुबह फतेहपुर से मामा प्रतिभान (प्रतीक के पिता) ने मुझे फोन किया। बताया कि प्रतीक के हॉस्टल और स्कूल के लोगों ने फोन पर शिकायत की है कि वह मनमानी करता है। बिना अनुमति लिए हॉस्टल से बाहर चला जाता है। कई बार उसे चेतावनी दी गई लेकिन वह सुधर नहीं रहा है। इस वजह से स्कूल प्रशासन ने माता-पिता को 25 फरवरी को बुलाया है। मामा के कहने पर मैं दोपहर करीब दो बजे स्कूल जाकर प्रतीक से मिला। उसे कक्षा से बुलाकर करीब आधे घंटे तक बात की। प्रतीक का कहना था कि वह तो समोसा खाने के लिए पास की दुकान पर जाता है, बस। मैंने उससे कहा कि हॉस्टल के वार्डन से पूछकर निकला करो। उसने बोला कि आइंदा बिना पूछे बाहर नहीं जाएगा। फिर फोन पर उसने मम्मी-पापा से बात की थी। उसे क्लास में जाने के लिए कहकर मैं घर लौट गया। मगर घर तक पहुंचा ही था कि करीब चार बजे हॉस्टल से फोन आ गया कि प्रतीक ने फांसी लगा ली है। मैं हॉस्टल पहुंचा, फिर अपने मामा को फोन से यह दुखद जानकारी दी। शायद प्रतीक घर में शिकायत किए जाने से बहुत डर गया था। उसने बड़ी नादानी कर दी।’ फुफुरे भाई सर्वेश के मुताबिक, उन्होंने हॉस्टल के वार्डन से भी बात की। पता चला कि हॉस्टल के एक वार्डन गुलाम ने बार-बार मनाही करने पर भी मनमानी करने पर प्रतीक को बृहस्पतिवार शाम खूब डांटा-फटकारा था। इसके बाद फतेहपुर में उसके पिता से फोन पर कम्प्लेन कर दी गई थी।
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ग्यारहवीं के छात्र प्रतीक श्रीवास्तव की आत्महत्या से उसके परिजनों, रिश्तेदारों, दोस्तों हर किसी को आघात पहुंचा है। मां-बाप तो गहरे सदमे में हैं। दोपहर में ही मां पम्मी और पिता प्रतिभान ने बेटे से फोन पर बात की थी। फिर दो घंटे बाद ही उन्हें ऐसी खबर मिली कि कलेजा फट सा गया। रात करीब साढ़े सात बजे माता-पिता समेत कई रिश्तेदार फतेहपुर से एसआरएन अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। शव को वे बाहर उठा लाए। प्रतीक की मां पम्मी शव से लिपटकर रोने-कलपने लगी। वह विलाप करते हुए कह रही थीं- हाय मेरा प्रीतू, क्यों छोड़ गया मुझे। अब कैसे जी सकूंगी मैं, यहीं मेरी भी जान ले लो भगवान। पिता प्रतिभान भी फफक कर रो रहे थे। बमुश्किल उन्हें हटाकर शव को अंदर रखा गया।
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