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बवाल के बाद बदली निविदा की प्रक्रिया
Allahabad
Updated Tue, 04 Feb 2014 02:24 PM IST
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इलाहाबाद। पिछले दिनों टेंडर को लेकर हुए बवाल और मारपीट के बाद इलाहाबाद विकास प्राधिकरण (एडीए) ने टेंडर की प्रक्रिया में परिवर्तन कर दिया है। नई व्यवस्था में अब किसी भी कार्य की निविदा सप्ताह में दो दिन मंगलवार और शुक्रवार को डाली जाएगी। इस दौरान सहायक अभियंता भी मौजूद रहेंगे।
शांतिपुरम आवास योजना में सड़कों की मरम्मत आदि के लिए चार करोड़ रुपये के काम के लिए एडीए में 15 जनवरी को निविदा आमंत्रित की गई थी। सचिव कक्ष में निविदा डालने के दौरान दो ठेकेदारों में झड़प हो गई थी। एक-दूसरे पर निविदा डालने से रोकने का आरोप लगाते हुए ठेकेदारों में मारपीट भी हो गई थी। उपाध्यक्ष अजय कुमार सिंह, सचिव अमर नाथ उपाध्याय सहित अन्य अफसरों ने बीच-बचाव कर मामला संभाला। एक ठेकेदार ने अफसरों पर पक्षपात का भी आरोप लगाया। ठेकेदार ने इस मामले में कमिश्नर से भी शिकायत की लेकिन इतना सब होने के बावजूद एडीए ने निविदा निरस्त नहीं की।
इसके बाद इतना जरूर किया कि आगे बवाल न हो, इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया में परिवर्तन कर दिया गया। सचिव ने आदेश दिया है कि निविदा डालने केदौरान अभियंत्रण खंड के सहायक अभियंता और पुलिस चौकी के सिपाही मौजूद रहेंगे। ठेकेदार या उनके अधिकृत प्रतिनिधि को ही निविदा डालने की अनुमति होगी और निर्धारित समय पर एक्सईएन एवं एई की उपस्थिति में बॉक्स सील किया जाएगा। निविदा खुलने के समय संबंधित निविदादाताओं की उपस्थिति अनिवार्य होगी।
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शांतिपुरम आवास योजना में सड़कों की मरम्मत आदि के लिए चार करोड़ रुपये के काम के लिए एडीए में 15 जनवरी को निविदा आमंत्रित की गई थी। सचिव कक्ष में निविदा डालने के दौरान दो ठेकेदारों में झड़प हो गई थी। एक-दूसरे पर निविदा डालने से रोकने का आरोप लगाते हुए ठेकेदारों में मारपीट भी हो गई थी। उपाध्यक्ष अजय कुमार सिंह, सचिव अमर नाथ उपाध्याय सहित अन्य अफसरों ने बीच-बचाव कर मामला संभाला। एक ठेकेदार ने अफसरों पर पक्षपात का भी आरोप लगाया। ठेकेदार ने इस मामले में कमिश्नर से भी शिकायत की लेकिन इतना सब होने के बावजूद एडीए ने निविदा निरस्त नहीं की।
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इसके बाद इतना जरूर किया कि आगे बवाल न हो, इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया में परिवर्तन कर दिया गया। सचिव ने आदेश दिया है कि निविदा डालने केदौरान अभियंत्रण खंड के सहायक अभियंता और पुलिस चौकी के सिपाही मौजूद रहेंगे। ठेकेदार या उनके अधिकृत प्रतिनिधि को ही निविदा डालने की अनुमति होगी और निर्धारित समय पर एक्सईएन एवं एई की उपस्थिति में बॉक्स सील किया जाएगा। निविदा खुलने के समय संबंधित निविदादाताओं की उपस्थिति अनिवार्य होगी।
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