{"_id":"8-38227","slug":"Allahabad-38227-8","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘फैटी लीवर’ को किया नजरअंदाज तो होगी मुसीबत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘फैटी लीवर’ को किया नजरअंदाज तो होगी मुसीबत
Allahabad
Updated Wed, 11 Dec 2013 05:41 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इलाहाबाद (ब्यूरो)। इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन की ओर से संगोष्ठी का आयोजन संघ के प्रांगण भवन में आयोजित किया गया जिसमें मेदांता द मेडिसिटी के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. राजेश पुरी ने गैस्ट्रोलॉजी से जुड़े तमाम पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। डॉ. पुरी ने बताया कि मोटापा बढ़ने के साथ ही लीवर में बसा जमा हो जाता है जिसका इलाज न किया जाए तो लीवरसिरोसिस बीमारी हो जाती है। डॉ. पुरी ने बताया कि विटामिन युक्त ई युक्त भोजन, वजन को नियंत्रित करके, शराब से परहेज कर तमाम परेशानियों से बचा जा सकता है। सेमिनार के दौरान डॉ. पुरी ने डॉक्टरों को सलाह दी कि वे पेट एवं फेफ ड़े में होने वाले रोगों के इलाज में इंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड का प्रयोग करें, कारण कि सीटी स्कैन या एमआरआई बीमारी से जुड़ी तमाम जानकारियां नहीं दे पाते हैं। संगोष्ठी में उपस्थित मोतीलाल नेहरू मेडिकल कालेज की लीवर रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीषा द्विवेदी ने बताया कि लीवर रोगों के इलाज में इस तकनीक का प्रयोग मेडिकल कालेज में बखूबी हो रहा है। संगोष्ठी में आइएमए सचिव डॉ. बीके मिश्रा, वैज्ञानिक सचिव डॉ. मनोज माथुर, पीआरओ डॉ. युगांतर पांडे समेत कई डाक्टर उपस्थित थे। संगोष्ठी की अध्यक्षता आइएमए अध्यक्ष डॉ. वीके मिश्रा ने की, संचालन डॉ. मनोज माथुर ने किया।
विज्ञापन