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अल्लापुर, कीडगंज में घर के अंदर घुसा सीवर का पानी और मल
Allahabad
Updated Thu, 15 Aug 2013 05:34 AM IST
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इलाहाबाद। घरों में आठ से दस फीट तक पानी, उसमें उतराता मल और भीषण गंदगी! 50-55 लाख के आलीशान मकान लेकिन निचले तल पर छह-सात फिट तक भरा बदबूबार पानी! यह हाल बाढ़ पीड़ित इलाकों का नहीं, अल्लापुर के बड़े इलाके का है जहां बुधवार सुबह बारिश के बाद हालात बेहद खराब हो गए। बुधवार भोर में हुई जोरदार बारिश से अल्लापुर का करीब साठ फीसदी इलाका जलमग्न हो गया। सड़क, गलियों के साथ घरों में एकाएक पानी भरने से लोगों को संभलने तक मौका नहीं मिला। कई घरों में फ्रिज, टीवी, पलंग सहित कीमती सामान पानी में डूब गया। सबसे खराब हाल शिवाजी नगर, कैलाशपुरी, एलएल कॉन्वेंट एवं भैसा पांडे नाला के पास और खजूर लाइन के पास रहा। यहां घरों में दस फीट तक पानी भर गया। इन इलाकों में नाव चलाने की नौबत आ गई। सुबह छह बजे से बिजली कटने से यहां स्थिति काफी खराब हो गई। इन मोहल्लों में इतना ज्यादा पानी भरा है कि बृहस्पतिवार शाम से पहले निकलना मुश्किल है।
भोर में शुरू हुई बारिश ने अल्लापुर के लोगों के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी। तकरीबन तीन घंटे हुई जोरदार बारिश से कैलाशपुरी, शिवाजी नगर, बाघम्बरी गद्दी रोड, बाघम्बरी हाउसिंग स्कीम, डंडिया, मटियारा रोड और उससे जुड़ी गलियां, अमिताभ बच्चन रोड, सर्वोदय नगर, पूरा दलेल, संजय नगर, सोहबतियाबाग, न्यू सोहबतियाबाग, अलोपीबाग, बाई का बाग, तुलारामबाग, जार्जटाउन, टैगोर टाउन में देखते ही देखते काफी पानी लग गया। बाढ़ की वजह से बक्शी बांध स्थित स्लूज गेट और त्रिवेणी बांध स्थित मोरी गेट बंद है सो पानी पंपों के जरिए निकाला जा रहा है लेकिन पंपों के पूरी क्षमता से काम न करने के कारण स्थिति ज्यादा गंभीर हो गई।
तेज बारिश के कारण सीवर लाइन बैक फ्लो हो गई, जिसकी वजह से पानी के साथ मल घरों में प्रवेश कर गया। घरों के निचले हिस्सों में रहने वाले लोग आनन-फानन में कुछ जरूरी सामान लेकर ऊपरी तल पर भागे। कैलाशपुरी में सपा जिलाध्यक्ष पंधारी यादव के घर में तकरीबन छह फीट पानी भर गया। यहां सुनील द्विवेदी, आरके सक्सेना के मकान सहित आसपास के सैकड़ों घरों में भयंकर जलभराव हो गया। शिवाजी नगर में अनिल मालवीय, पार्षद विनय मिश्रा, अवधेश सिंह, पंकज मिश्रा, साकेत पांडेय, राजेश श्रीवास्तव सहित सैकड़ों घरों में आठ फीट तक पानी भर गया। इसकी वजह से घरों के निचले हिस्से में रखा कीमती सामान, गाड़ियां पानी में डूब गई।
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बक्शी बांध स्थित स्लूज गेट और त्रिवेणी रोड स्थित स्लूज गेट पर लगे पंपों के पूरी क्षमता से काम न करने के कारण अल्लापुर, सोहबतियाबाग, अलोपीबाग, जार्जटाउन, टैगोर टाउन आदि इलाकों में भयंकर जलभराव हुआ। भोर में तेज बारिश के बाद जलभराव शुरू हुआ तो पार्षद शिव सेवक सिंह, विनय मिश्रा एवं पूर्व पार्षद कमलेश सिंह मोरी गेट, बक्शी बांध पहुंचे। मोरी गेट पर बिजली न होने से सभी पंप बंद पड़े थे, जबकि डीजल वाले पंप चल रहे थे। बक्शी बांध पर 30-30 क्यूसेक के दो तथा 10-10 क्यूसेक के आठ पंप चल रहे थे। काफी पुराने हो चुके पंपों के पूरी क्षमता से काम न करने के कारण पानी काफी धीमी गति से निकाला, जिसकी वजह से परेशानी बढ़ी।
दिन में करीब साढ़े बारह डीएम राजशेखर अफसरों की फौज लेकर बक्शी बांध पहुंचे। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने डीएम को घेर लिया। बार-बार मांग करने के बावजूद पंपिंग स्टेशन पर नए पंपों के साथ समय पर बांध पर अतिरिक्त पंपों की व्यवस्था न होने से भड़के लोगों ने डीएम को जमकर खरी-खोटी सुनाई। लोगों का कहना था कि बाढ़ की वजह से पिछले 15 दिनों से स्लूज गेट बंद है। इसके पहले से यहां अतिरिक्त पंप लगाने की मांग की जा रही है लेकिन उसे गंभीरता से नहीं लिया गया। बाद में डीएम ने वहां नाव लगवाने, पेयजल की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया।
अल्लापुर में भीषण जलभराव के कारण लोग घरों में कैद हो गए। घरों के निचले हिस्से में मलयुक्त पानी के कारण दैनिक क्रिया में परेशानी हुई। बिजली गुल होने के कारण जलापूर्ति भी बंद हो गई। डीएम ने पानी का टैंकर और नाव भेजने का निर्देश दिया लेकिन देर शाम तक कोई व्यवस्था नहीं हुई।
त्रिवेणी बांध स्थित मोरी गेट का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के कारण गंगा का पानी बैकफ्लो होकर परेड मैदान की तरफ आ रहा है। पूर्व पार्षद कमलेश सिंह का कहना है कि बाढ़ आने के काफी पहले से इस गेट की मरम्मत की मांग की जा रही थी लेकिन अफसर नहीं जागे। अब जब बाढ़ का पानी खतरे के निशान को पार कर चुका है तो वह मोरी गेट से होकर अंदर की तरफ आ रहा है। इसकी वजह से स्थिति खतरनाक हो गई है।
बुधवार सुबह हुई घनघोर बारिश से कीडगंज का बड़ा इलाका जलमग्न हो गया। तकरीबन तीन घंटे की तेज बारिश की वजह से पूरावल्दी, खलासी लाइन, चौखंडी रोड, गेट नंबर नौ एवं 13 की गली, काटजू की गली, विनोद चाटवाली गली, पूराधातु, त्रिपाठीजी की बगिया वाली गली, शंकर लाल भार्गव रोड, मनोहर दास भार्गव रोड, नेता नगर, आर्य समाज के सामने सड़क, गलियों में तीन से चार फीट तक पानी भर गया। गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई ने तम्बाकू वाली गली तथा रामकिशोर गली में सीवर की मुख्य लाइन की मरम्मत के नाम पर बोरी लगा दी, जिसकी वजह से पानी पूरे प्रवाह से नहीं निकल पा रहा था। पार्षद रमेश मिश्रा ने इस संबंध में इकाई, जल निगम और जलकल विभाग के अभियंताओं से बात की। इसके बाद दिन में करीब 12 बजे जलकल विभाग के अभियंता मौके पर पहुंचे और चोक नाला खुलवाया। साथ ही नई बस्ती चरही के पास लाइन साफ कराई। इसके अलावा गेट नंबर नौ एवं 13 पर पंप चालू कराए गए। यहां नाले का तावा भी खोला गया। इसके बाद दोपहर तीन बजे के बाद यहां स्थिति सामान्य हुई। उधर, दरियाबाद कोहराना, बलुआघाट तिलक नगर में भी सड़क और घरों में कई फीट तक पानी भर गया। गऊघाट पंपिंग स्टेशन पर सभी पंपों को चालू करने पर दोपहर बाद यहां जलभराव की समस्या खत्म हो सकी।
सुलेम सराय स्थित भोला का पुरवा में जलभराव का संकट झेल रहे लोगों का सब्र जवाब दे गया। बुधवार की बारिश में यहां जबरदस्त जलभराव के बाद महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा और तीन दर्जन से अधिक महिलाओं ने दिन में नगर निगम पहुंचकर मुख्य अभियंता कैलाश नाथ को घेर लिया। इस दौरान महिलाओं ने कहा कि यहां जलभराव की समस्या के समाधान के लिए अफसरों से कई बार गुहार की जा चुकी है लेकिन अब तक कुछ नहीं किया गया। चेतावनी दी कि समस्या का तत्काल निस्तारण न हुआ तो और अधिक महिलाओं के साथ नगर निगम का घेराव किया जाएगा। महिलाओं की चेतावनी के बाद मुख्य अभियंता ने समस्या के समाधान के लिए अवर अभियंता राकेश पांडेय को तत्काल मौके पर भेजा।
लूकरगंज में सेंट मॉर्क्स पब्लिक स्कूल के सामने जलभराव के कारण बच्चों के लिए समस्या खड़ी हो गई है। यहां पीडब्ल्यूडी ने छह माह पहले इंटरलॉकिंग का काम शुरू कराया लेकिन स्कूल के सामने तकरीबन 70 मीटर तक इंटरलॉकिंग नहीं कराई गई। अधूरे छोड़े गए काम के कारण वहां बारिश के दौरान जलभराव हो रहा है। बुधवार सुबह यहां काफी अधिक पानी भरने के कारण स्कूल बंद करना पड़ा। पीडब्ल्यूडी के अधीशासी अभियंता एके द्विवेदी का कहना है कि इसकी जांच कराके काम जल्द पूरा कराया जाएगा।
अल्लापुर सहित शहर के बड़े इलाके में जलभराव की समस्या को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान एसीएम प्रथम को ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शन के दौरान जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। मांग की गई कि अल्लापुर, बघाड़ा, सलोरी, बेली गांव, सदियापुर, राजापुर आदि इलाकों में अतिरिक्त पंपों की व्यवस्था की जाए, ताकि बस्तियों से पानी बाहर निकाला जा सके।
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भोर में शुरू हुई बारिश ने अल्लापुर के लोगों के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी। तकरीबन तीन घंटे हुई जोरदार बारिश से कैलाशपुरी, शिवाजी नगर, बाघम्बरी गद्दी रोड, बाघम्बरी हाउसिंग स्कीम, डंडिया, मटियारा रोड और उससे जुड़ी गलियां, अमिताभ बच्चन रोड, सर्वोदय नगर, पूरा दलेल, संजय नगर, सोहबतियाबाग, न्यू सोहबतियाबाग, अलोपीबाग, बाई का बाग, तुलारामबाग, जार्जटाउन, टैगोर टाउन में देखते ही देखते काफी पानी लग गया। बाढ़ की वजह से बक्शी बांध स्थित स्लूज गेट और त्रिवेणी बांध स्थित मोरी गेट बंद है सो पानी पंपों के जरिए निकाला जा रहा है लेकिन पंपों के पूरी क्षमता से काम न करने के कारण स्थिति ज्यादा गंभीर हो गई।
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तेज बारिश के कारण सीवर लाइन बैक फ्लो हो गई, जिसकी वजह से पानी के साथ मल घरों में प्रवेश कर गया। घरों के निचले हिस्सों में रहने वाले लोग आनन-फानन में कुछ जरूरी सामान लेकर ऊपरी तल पर भागे। कैलाशपुरी में सपा जिलाध्यक्ष पंधारी यादव के घर में तकरीबन छह फीट पानी भर गया। यहां सुनील द्विवेदी, आरके सक्सेना के मकान सहित आसपास के सैकड़ों घरों में भयंकर जलभराव हो गया। शिवाजी नगर में अनिल मालवीय, पार्षद विनय मिश्रा, अवधेश सिंह, पंकज मिश्रा, साकेत पांडेय, राजेश श्रीवास्तव सहित सैकड़ों घरों में आठ फीट तक पानी भर गया। इसकी वजह से घरों के निचले हिस्से में रखा कीमती सामान, गाड़ियां पानी में डूब गई।
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बक्शी बांध स्थित स्लूज गेट और त्रिवेणी रोड स्थित स्लूज गेट पर लगे पंपों के पूरी क्षमता से काम न करने के कारण अल्लापुर, सोहबतियाबाग, अलोपीबाग, जार्जटाउन, टैगोर टाउन आदि इलाकों में भयंकर जलभराव हुआ। भोर में तेज बारिश के बाद जलभराव शुरू हुआ तो पार्षद शिव सेवक सिंह, विनय मिश्रा एवं पूर्व पार्षद कमलेश सिंह मोरी गेट, बक्शी बांध पहुंचे। मोरी गेट पर बिजली न होने से सभी पंप बंद पड़े थे, जबकि डीजल वाले पंप चल रहे थे। बक्शी बांध पर 30-30 क्यूसेक के दो तथा 10-10 क्यूसेक के आठ पंप चल रहे थे। काफी पुराने हो चुके पंपों के पूरी क्षमता से काम न करने के कारण पानी काफी धीमी गति से निकाला, जिसकी वजह से परेशानी बढ़ी।
दिन में करीब साढ़े बारह डीएम राजशेखर अफसरों की फौज लेकर बक्शी बांध पहुंचे। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने डीएम को घेर लिया। बार-बार मांग करने के बावजूद पंपिंग स्टेशन पर नए पंपों के साथ समय पर बांध पर अतिरिक्त पंपों की व्यवस्था न होने से भड़के लोगों ने डीएम को जमकर खरी-खोटी सुनाई। लोगों का कहना था कि बाढ़ की वजह से पिछले 15 दिनों से स्लूज गेट बंद है। इसके पहले से यहां अतिरिक्त पंप लगाने की मांग की जा रही है लेकिन उसे गंभीरता से नहीं लिया गया। बाद में डीएम ने वहां नाव लगवाने, पेयजल की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया।
अल्लापुर में भीषण जलभराव के कारण लोग घरों में कैद हो गए। घरों के निचले हिस्से में मलयुक्त पानी के कारण दैनिक क्रिया में परेशानी हुई। बिजली गुल होने के कारण जलापूर्ति भी बंद हो गई। डीएम ने पानी का टैंकर और नाव भेजने का निर्देश दिया लेकिन देर शाम तक कोई व्यवस्था नहीं हुई।
त्रिवेणी बांध स्थित मोरी गेट का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के कारण गंगा का पानी बैकफ्लो होकर परेड मैदान की तरफ आ रहा है। पूर्व पार्षद कमलेश सिंह का कहना है कि बाढ़ आने के काफी पहले से इस गेट की मरम्मत की मांग की जा रही थी लेकिन अफसर नहीं जागे। अब जब बाढ़ का पानी खतरे के निशान को पार कर चुका है तो वह मोरी गेट से होकर अंदर की तरफ आ रहा है। इसकी वजह से स्थिति खतरनाक हो गई है।
बुधवार सुबह हुई घनघोर बारिश से कीडगंज का बड़ा इलाका जलमग्न हो गया। तकरीबन तीन घंटे की तेज बारिश की वजह से पूरावल्दी, खलासी लाइन, चौखंडी रोड, गेट नंबर नौ एवं 13 की गली, काटजू की गली, विनोद चाटवाली गली, पूराधातु, त्रिपाठीजी की बगिया वाली गली, शंकर लाल भार्गव रोड, मनोहर दास भार्गव रोड, नेता नगर, आर्य समाज के सामने सड़क, गलियों में तीन से चार फीट तक पानी भर गया। गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई ने तम्बाकू वाली गली तथा रामकिशोर गली में सीवर की मुख्य लाइन की मरम्मत के नाम पर बोरी लगा दी, जिसकी वजह से पानी पूरे प्रवाह से नहीं निकल पा रहा था। पार्षद रमेश मिश्रा ने इस संबंध में इकाई, जल निगम और जलकल विभाग के अभियंताओं से बात की। इसके बाद दिन में करीब 12 बजे जलकल विभाग के अभियंता मौके पर पहुंचे और चोक नाला खुलवाया। साथ ही नई बस्ती चरही के पास लाइन साफ कराई। इसके अलावा गेट नंबर नौ एवं 13 पर पंप चालू कराए गए। यहां नाले का तावा भी खोला गया। इसके बाद दोपहर तीन बजे के बाद यहां स्थिति सामान्य हुई। उधर, दरियाबाद कोहराना, बलुआघाट तिलक नगर में भी सड़क और घरों में कई फीट तक पानी भर गया। गऊघाट पंपिंग स्टेशन पर सभी पंपों को चालू करने पर दोपहर बाद यहां जलभराव की समस्या खत्म हो सकी।
सुलेम सराय स्थित भोला का पुरवा में जलभराव का संकट झेल रहे लोगों का सब्र जवाब दे गया। बुधवार की बारिश में यहां जबरदस्त जलभराव के बाद महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा और तीन दर्जन से अधिक महिलाओं ने दिन में नगर निगम पहुंचकर मुख्य अभियंता कैलाश नाथ को घेर लिया। इस दौरान महिलाओं ने कहा कि यहां जलभराव की समस्या के समाधान के लिए अफसरों से कई बार गुहार की जा चुकी है लेकिन अब तक कुछ नहीं किया गया। चेतावनी दी कि समस्या का तत्काल निस्तारण न हुआ तो और अधिक महिलाओं के साथ नगर निगम का घेराव किया जाएगा। महिलाओं की चेतावनी के बाद मुख्य अभियंता ने समस्या के समाधान के लिए अवर अभियंता राकेश पांडेय को तत्काल मौके पर भेजा।
लूकरगंज में सेंट मॉर्क्स पब्लिक स्कूल के सामने जलभराव के कारण बच्चों के लिए समस्या खड़ी हो गई है। यहां पीडब्ल्यूडी ने छह माह पहले इंटरलॉकिंग का काम शुरू कराया लेकिन स्कूल के सामने तकरीबन 70 मीटर तक इंटरलॉकिंग नहीं कराई गई। अधूरे छोड़े गए काम के कारण वहां बारिश के दौरान जलभराव हो रहा है। बुधवार सुबह यहां काफी अधिक पानी भरने के कारण स्कूल बंद करना पड़ा। पीडब्ल्यूडी के अधीशासी अभियंता एके द्विवेदी का कहना है कि इसकी जांच कराके काम जल्द पूरा कराया जाएगा।
अल्लापुर सहित शहर के बड़े इलाके में जलभराव की समस्या को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान एसीएम प्रथम को ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शन के दौरान जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। मांग की गई कि अल्लापुर, बघाड़ा, सलोरी, बेली गांव, सदियापुर, राजापुर आदि इलाकों में अतिरिक्त पंपों की व्यवस्था की जाए, ताकि बस्तियों से पानी बाहर निकाला जा सके।