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फालतू दवाओं से रहो दूर, होगी सेहत भरपूर
Allahabad
Updated Thu, 27 Jun 2013 05:30 AM IST
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इलाहाबाद। हल्के दर्द में भी बार बार दवा लेने के आदती लोगों को इसके नुकसान से बचाने की मुहिम चल पड़ी है। विशेषज्ञों के साथ ही सामाजिक संगठनों ने भी दवाओं के नुकसान को लेकर जागरूकता अभियान छेड़ा है। विश्व औषधि निषेध दिवस पर बुधवार को विभिन्न संगठनों की ओर से रैली निकाल लोगों को जागरूक किया गया। साथ ही चिकित्सा शिविरों का भी आयोजन किया गया।
विश्व औषधि निषेध दिवस के मौके पर सिविल लाइंस स्थित जगोत्तम आयुर्वेद पंचकर्म केंद्र पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। आयुर्वेदाचार्य डा. एसके राय ने पंचकर्म चिकित्सा पद्घति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दर्द के तीन कारण हैं, शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक। आयुर्वेद की पंचकर्म चिकित्सा में इसका प्रभावकारी निदान है। डा. राय ने बताया कि पंचकर्म क्रिया शरीर शोधन की क्रिया है जो आयुर्वेद चिकित्सा की रीढ़ है। इस चिकित्सा पद्घति से जहां मरीजों को बेहद लाभ मिलता है वहंी स्वस्थ व्यक्ति इस क्रिया करके भविष्य की परेशानियों से बच सकता है। मद्य निषेध विभाग और सामाजिक संस्था ग्रामोत्थान जनसेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में सिविल लाइंस इलाके में जागरूकता रैली निकाली गई। महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। रैली के दौरान समाजसेवी राजेंद्र तिवारी के माध्यम से नशा विरोधी सचल प्रदर्शनी विशेष रूप से सराहनीय रही। रैली में क्षेत्रीय मद्य निषेध एवं ग्रामोत्थान अधिकारी जलज मिश्र, समाजसेवी गिरजेश श्रीवास्तव, रामचंद्र वर्मा उपक्षेत्रीय मद्य निषेध अधिकारी, रमेश कुमार जिला मद्यनिषेध अधिकारी, परियोजना निदेशक शीलू केसरवानी, अजरा सुल्ताना, मंजू सिंह, अनीता पटेल, सरिता तिवारी, समेत कई लोग उपस्थित थे। विभाग की ओर से विचार संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया। जिसमें वक्ताओं ने मादक पदार्थो के दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। सेमिनार के दौरान वाद विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसमें छात्र छात्राओं को पुरस्कार वितरित किया गया।
विश्व औषधि निषेध दिवस के मौकेपर एक चिकित्सा शिविर का आयोजन सृजन अस्पताल में किया गया जिसमें 65 मरीजों का फिजियोथेरेपी के माध्यम से इलाज किया गया। शिविर का उद्घाटन करते हुए अस्पताल के निदेशक डा. बीबी अग्रवाल ने कहा कि तुरंत आराम लेने की मानसिकता के कारण पेन किलर्स का प्रयोग तेजी से बढ़ा है जो बेहद घातक है। शिविर में मौजूद फिजियोथेरेपिस्ट डा. राकेश चंद्रा ने मरीजों को पेन किलर्स से तौबा करने की सलाह देते हुए फिजियोथेरेपी से इलाज कराने की सलाह दी। डा. चंद्रा ने बताया कि लेजर थेरेपी से कमर दर्द, सियाटिका, सरवाइकल स्पॉडिलाइटिस, आर्थराइटिस में बहुत जल्द स्थाई आराम मिलता है। शिविर में डा. जयप्रकाश, डा. आशुल, डा. मधुलिका, ने मरीजों की जांच की।
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विश्व औषधि निषेध दिवस के मौके पर सिविल लाइंस स्थित जगोत्तम आयुर्वेद पंचकर्म केंद्र पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। आयुर्वेदाचार्य डा. एसके राय ने पंचकर्म चिकित्सा पद्घति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दर्द के तीन कारण हैं, शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक। आयुर्वेद की पंचकर्म चिकित्सा में इसका प्रभावकारी निदान है। डा. राय ने बताया कि पंचकर्म क्रिया शरीर शोधन की क्रिया है जो आयुर्वेद चिकित्सा की रीढ़ है। इस चिकित्सा पद्घति से जहां मरीजों को बेहद लाभ मिलता है वहंी स्वस्थ व्यक्ति इस क्रिया करके भविष्य की परेशानियों से बच सकता है। मद्य निषेध विभाग और सामाजिक संस्था ग्रामोत्थान जनसेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में सिविल लाइंस इलाके में जागरूकता रैली निकाली गई। महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। रैली के दौरान समाजसेवी राजेंद्र तिवारी के माध्यम से नशा विरोधी सचल प्रदर्शनी विशेष रूप से सराहनीय रही। रैली में क्षेत्रीय मद्य निषेध एवं ग्रामोत्थान अधिकारी जलज मिश्र, समाजसेवी गिरजेश श्रीवास्तव, रामचंद्र वर्मा उपक्षेत्रीय मद्य निषेध अधिकारी, रमेश कुमार जिला मद्यनिषेध अधिकारी, परियोजना निदेशक शीलू केसरवानी, अजरा सुल्ताना, मंजू सिंह, अनीता पटेल, सरिता तिवारी, समेत कई लोग उपस्थित थे। विभाग की ओर से विचार संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया। जिसमें वक्ताओं ने मादक पदार्थो के दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। सेमिनार के दौरान वाद विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसमें छात्र छात्राओं को पुरस्कार वितरित किया गया।
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विश्व औषधि निषेध दिवस के मौकेपर एक चिकित्सा शिविर का आयोजन सृजन अस्पताल में किया गया जिसमें 65 मरीजों का फिजियोथेरेपी के माध्यम से इलाज किया गया। शिविर का उद्घाटन करते हुए अस्पताल के निदेशक डा. बीबी अग्रवाल ने कहा कि तुरंत आराम लेने की मानसिकता के कारण पेन किलर्स का प्रयोग तेजी से बढ़ा है जो बेहद घातक है। शिविर में मौजूद फिजियोथेरेपिस्ट डा. राकेश चंद्रा ने मरीजों को पेन किलर्स से तौबा करने की सलाह देते हुए फिजियोथेरेपी से इलाज कराने की सलाह दी। डा. चंद्रा ने बताया कि लेजर थेरेपी से कमर दर्द, सियाटिका, सरवाइकल स्पॉडिलाइटिस, आर्थराइटिस में बहुत जल्द स्थाई आराम मिलता है। शिविर में डा. जयप्रकाश, डा. आशुल, डा. मधुलिका, ने मरीजों की जांच की।
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