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नक्सलवाद से निपटने को हर संभव मदद
Allahabad
Updated Tue, 23 Apr 2013 05:30 AM IST
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इलाहाबाद। छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के कई राज्यों में फैले नक्सलवाद पर काबू के लिए वायुसेना ने भी ताकत झोंक दी है। उम्मीद है कि जल्द ही इस बड़ी समस्या से राहत मिलेगी। मध्य वायु कमान में कमांडरों के दो दिनी सम्मेलन में पहुंचे वायुसेनाध्यक्ष एनएके ब्राउन ने सोमवार को उद्घाटन मौके पर कहा देश के कई राज्यों में फैले नक्सलवाद से निपटने में वायुसेना अर्धसैनिक बलों को हर संभव मदद मुहैया करा रही है। इस काम में और तेजी के लिए कुछ नए स्क्वाड्रनों की स्थापना की जा रही है। किसी देश विशेष का नाम लिए बगैर कहा कि वायुसेना हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। साल दर साल हो रहे मिग हादसों को उन्होंने गंभीर माना। कहा कि 2019 तक कई चरणों में मिग विमानों को वायुसेना से बाहर कर दिया जाएगा। एयरचीफ मार्शल ब्राउन ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि वायुसेना की मारक क्षमता बढ़ाने और इसे अत्याधुनिक करने की प्रक्रिया जारी है। उन्नत युद्धक विमानों, उपकरणों की खरीद के लिए 318 रक्षा सौदे किए गए हैं। इन रक्षा सौदों के लिए एक लाख 51 हजार करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में भी 59 नए रक्षा सौदे किए गए हैं। एयरचीफ ब्राउन ने दावा किया कि 2022 तक भारतीय वायुसेना दुनिया की आधुनिकतम वायुसेनाओं में से एक होगी। रक्षा सौदों को लेकर नई निर्धारण नीति के सवाल पर कहा कि वायुसेना के स्तर पर इसकी समीक्षा की जा रही है। एयरचीफ मार्शल ने स्वीकार किया कि वायुसेना में पायलटों की कमी है। उनके मुताबिक लगभग छह सौ पायलट कम हैं। नए पायलटों की भर्ती कर इस समस्या का समाधान तलाशा जा रहा है। कहा कि पायलटों के प्रशिक्षण की सुविधाएं भी बढ़ायी जा रही हैं।
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