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अब नहीं रुकेगी दस फीसदी गेच्युटी
Allahabad
Updated Fri, 15 Mar 2013 05:30 AM IST
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इलाहाबाद। केंद्रीय कर्मचारी पर किसी भी तरह का बकाया हो लेकिन रिटायरमेंट के वक्त उसकी ग्रेच्युटी नहीं रोकी जाएगी। कर्मचारी के रिटायर होने से आठ माह पहले उसके वेतन से बकाये की कटौती कर ली जाएगी। अगर किसी कारणवश इस दौरान बकाये के बारे में जानकारी नहीं मिलती है तो बकाये की रकम रिटायरमेंट के वक्त ग्रेच्युटी से काट ली जाएगी लेकिन ग्रेच्युटी रोकी नहीं जाएगी। इस बाबत केंद्र के पेंशन एवं पेंशनर्स कल्याण विभाग ने सभी केंद्रीय विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
रिटायरमेंट के वक्त अक्सर कर्मचारियों की 10 फीसदी ग्रेच्युटी सिर्फ इसलिए रोक ली जाती है, क्योंकि रिटायरमेंट के समय कर्मचारी जिस सरकारी आवास में निवास कर रहा था, उसका किराया जमा नहीं किया गया। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि इस बारे में डायरेक्टरेट ऑफ स्टेट की तरफ से लिखित रूप से कुछ नहीं मिलता है तो कर्मचारी को पूरी ग्रेच्युटी का भुगतान कर दिया जाए। अगर लिखित रूप से अवगत कराया जाता है तो वेतन से कटौती की जाए। समय कम है तो ग्रेच्युटी से बकाये की रकम काट ली जाए लेकिन रिटायरमेंट के वक्त कर्मचारी की ग्रेच्युटी न रोकी जाए। अन्य प्रकार के बकाये में भी यही प्रक्रिया अपनाई जाए। कोशिश यही की जाए कि कर्मचारी के रिटायर होने से आठ माह पहले उसपर बकाये से संबंधित सभी मसले निपटा लिए जाएं। अगर किसी मामले में देर से जानकारी मिलती है तो ग्रेच्युटी से कटौती कर ली जाए और शेष ग्रेच्युटी का पूरा भुगतान रिटायरमेंट के समय कर दिया जाए। कर्मचारी नेता हरिशंकर तिवारी ने इस आदेश का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे रिटायर कर्मचारियों को काफी राहत मिलेगी, क्योंकि सेवानिवृत्त कर्मचारी के लिए सबसे बड़ी पूंजी ग्रेच्युटी होती है।
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रिटायरमेंट के वक्त अक्सर कर्मचारियों की 10 फीसदी ग्रेच्युटी सिर्फ इसलिए रोक ली जाती है, क्योंकि रिटायरमेंट के समय कर्मचारी जिस सरकारी आवास में निवास कर रहा था, उसका किराया जमा नहीं किया गया। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि इस बारे में डायरेक्टरेट ऑफ स्टेट की तरफ से लिखित रूप से कुछ नहीं मिलता है तो कर्मचारी को पूरी ग्रेच्युटी का भुगतान कर दिया जाए। अगर लिखित रूप से अवगत कराया जाता है तो वेतन से कटौती की जाए। समय कम है तो ग्रेच्युटी से बकाये की रकम काट ली जाए लेकिन रिटायरमेंट के वक्त कर्मचारी की ग्रेच्युटी न रोकी जाए। अन्य प्रकार के बकाये में भी यही प्रक्रिया अपनाई जाए। कोशिश यही की जाए कि कर्मचारी के रिटायर होने से आठ माह पहले उसपर बकाये से संबंधित सभी मसले निपटा लिए जाएं। अगर किसी मामले में देर से जानकारी मिलती है तो ग्रेच्युटी से कटौती कर ली जाए और शेष ग्रेच्युटी का पूरा भुगतान रिटायरमेंट के समय कर दिया जाए। कर्मचारी नेता हरिशंकर तिवारी ने इस आदेश का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे रिटायर कर्मचारियों को काफी राहत मिलेगी, क्योंकि सेवानिवृत्त कर्मचारी के लिए सबसे बड़ी पूंजी ग्रेच्युटी होती है।
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