फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   महाकुंभ नगरी में बढ़ें पर्यटन सुविधाएं, बने एयरपोर्ट

महाकुंभ नगरी में बढ़ें पर्यटन सुविधाएं, बने एयरपोर्ट

Mon, 25 Feb 2013 05:30 AM IST
Allahabad
Allahabad Updated Mon, 25 Feb 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद। हर साल माघ मेला, छह साल में अर्द्धकुंभ और 12 साल में कुंभ के आयोजन के बाद भी संगमनगरी पर्यटन स्थली के तौर पर विकसित नहीं हो सकी। संगम छोड़ एक भी ऐसा स्थल नहीं, जहां पर्यटकों को कुछ घंटे रोका जा सके। दिल्ली से चले पर्यटक आगरा के बाद सीधे वाराणसी पहुंच जाते हैं। कोई इलाहाबाद में रुकता भी है तो संगम देख या स्नान कर आगे बढ़ जाता है। पर्यटन स्थल विकसित न होने से कारोबार भी आगे नहीं बढ़ सका।
विज्ञापन

पर्यटकों के न आने का सबसे बड़ा कारण है एयरपोर्ट की कमी। हवाई सेवा पर्याप्त नहीं है जिससे विदेशी पर्यटक इलाहाबाद आने से कतराते हैं। आनंद भवन, भारद्वाज आश्रम, मिंटो पार्क, कंपनी बाग जैसे कुछ पर्यटक स्थल हैं लेकिन न तो उनका विकास हुआ और न ही वहां तक पहुंचने का साधन मिला। इस बार महाकुंभ के दौरान ही आम बजट भी प्रस्तुत होने जा रहा है। ऐसे में इलाहाबाद के सांसदों और शहरियों को उम्मीद है कि यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, मोतीलाल नेहरू और जवाहरलाल नेहरू के इस शहर को आम बजट में कुछ ऐसा तोहफा दिलाएंगी जिस पर इलाहाबादी नाज़ कर सकेंगे।
विज्ञापन

इलाहाबाद और उसके आसपास पर्यटन को बढ़ाने के लिए पूरी संभावना है लेकिन ऐतिहासिक स्थलों का विकास नहीं हो सका। सामान्य दिनों में संगम पर भी ऐसी व्यवस्था नहीं है कि स्नान करने के बाद वहीं भोजन करना चाहें तो अच्छा भोजन या आराम करने की जगह मिल जाए। यमुना के किनारे बसे भीटा और सुजावन देव मंदिर के आसपास का दृश्य ‘ओंकारा’ फिल्म में जिसने देखा, आकर्षित हुआ लेकिन वहां पहुंचना पर्यटकों के लिए मुश्किल है। कौशाम्बी में बौद्धों और जैनियों से जुड़े कई स्थल हैं लेकिन यहां रुकने और खाने-पीने के इंतजाम तक नहीं हैं। श्रृंगवेरपुर और सीता समाहित स्थल को भी पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर पर्यटकों को लुभाया जा सकता है। पर्यटन विभाग और सरकार ने कई बार योजनाएं बनाईं लेकिन किसी पर अमल नहीं हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन

वायु सेना के बमरौली एयरपोर्ट पर इंडियन एयरलाइंस और स्पाइस जेट की उड़ानें दिल्ली पहुंचाती हैं लेकिन वहां नागरिक सुविधाएं नहीं हैं। हवाई अड्डे पर यात्रियों के लिए प्रतीक्षालय, रेस्टोरेंट और पेयजल तक नहीं है। निजी साधन न हो तो एयरपोर्ट से शहर पहुंचना ही मुश्किल हो जाता है। नागरिक उड्डयन मंत्री रहे प्रफुल्ल पटेल ने सुधार के आश्वासन दिए लेकिन एक कुर्सी तक नहीं लगी। वर्तमान मंत्री अजित सिंह ने एयरपोर्ट विस्तार की बात कही है लेकिन जमीन विवाद के कारण यह भी मुश्किल दिख रहा है। ईस्टर्न यूपी चैंबर्स ऑफ कामर्स के अध्यक्ष डॉ. जीएस दरबारी ने फाफामऊ क्षेत्र में स्थित पड़िला हवाई पट्टी के सुधार और विस्तार का मुद्दा उठाया है।

‘पड़िला में हवाई पट्टी है। इसका सुधार और विकास कर हवाई अड्डा विकसित किया जा सकता है। आम बजट में शहर के लिए इसका मुद्दा उठाया है।’ रेवतीरमण सिंह, सांसद, इलाहाबाद।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed