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किसी भी कंपनी का हो मल्टीपल गैस कनेक्शन, पकड़े जाएंगे
Allahabad
Updated Thu, 13 Dec 2012 05:30 AM IST
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इलाहाबाद। गैस उपभोक्ताओं के लिए नया साल नई मुसीबतें लेकर आ सकता है। संभावना जताई जा रही है कि गैस कंपनियों के नए सॉफ्टवेयर पर जनवरी से कार्य शुरू हो सकता है। दावा किया जा रहा है कि अभी ‘एक रसोई एक कनेक्शन’ की जांच एजेंसी दर एजेंसी की जा रही है। अगले चरण में इससे आगे बात बढ़ने जा रही है। कंपनियों का मानना है कि बड़ी संख्या ऐसे ग्राहकों की है जिन्होंने कई एजेंसियों से कनेक्शन लेे रखा है। ऐसे ग्राहकों की भी कमी नहीं है जिन्होंने अलग-अलग कंपनियों से कनेक्शन ले रखा है। ऐसे ग्राहक अभी छूट वाले कई सिलेंडरों का फायदा उठा रहे हैं। नया सॉफ्टवेयर ऐसे ग्राहकों की छंटनी करेगा, भले ही वह दूसरी एजेंसी या कंपनी के ग्राहक हों। छंटनी के बाद इन कनेक्शनों पर रोक लगाई जाएगी।
ऑयल कंपनियां रसोई गैस ग्राहकों को किसी भी तरह छूट देने को तैयार नहीं हैं। कंपनियों की कोशिश है कि ग्राहक किसी भी रूप में सब्सिडी की छूट का बेजा इस्तेमाल न कर सकें। आईओसी अफसरों के मुताबिक शहर में भी करीब पांच से सात फीसदी ऐसे ग्राहक हैं जो एक कंपनी के ग्राहक तो हैं लेकिन उनके गैस कनेक्शन दो या तीन गैस एजेंसियों पर चल रहे हैं। तीन से चार फीसदी ग्राहक दो कंपनियों की एजेंसियों से रसोई गैस ले रहे हैं। ऐसे ग्राहक सामान्य उपभोक्ताओं से ज्यादा सब्सिडी वाले सिलेंडर उठा रहे हैं। शहर में विभिन्न एजेंसियों पर तीन हजार ग्राहक ऐसे चिह्नित हैं लेकिन अभी कंपनियों के लिए इन्हें रोकना संभव नहीं हो पा रहा है।
सूत्र बता रहे हैं कि तीनों कंपनियों ने एक निजी आईटी कंपनी से साझा सॉफ्टवेयर तैयार कराया है। इसके फीचर सब्सिडी वाले सिलेंडरों की ‘लीकेज’ रोकने में कारगर बताए जा रहे हैं। इसके जरिए कंपनियां ऐसे ग्राहकों की छंटनी कर लेंगी। साथ ही उनके गैस कनेक्शन ठीक उसी तरह लॉक किए जाएंगे, जैसे अभी एक-एक एजेंसी के ग्राहकों के मल्टीपल कनेक्शन रोके गए हैं। अफसरों का दावा है कि नए सॉफ्टवेयर से सब्सिडी वाले सिलेंडरों की अवैध बिक्री पर लगाम लगेगी। फिलहाल, गैस एजेंसियों के संचालक इसे लेकर परेशान हैं।
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ऑयल कंपनियां रसोई गैस ग्राहकों को किसी भी तरह छूट देने को तैयार नहीं हैं। कंपनियों की कोशिश है कि ग्राहक किसी भी रूप में सब्सिडी की छूट का बेजा इस्तेमाल न कर सकें। आईओसी अफसरों के मुताबिक शहर में भी करीब पांच से सात फीसदी ऐसे ग्राहक हैं जो एक कंपनी के ग्राहक तो हैं लेकिन उनके गैस कनेक्शन दो या तीन गैस एजेंसियों पर चल रहे हैं। तीन से चार फीसदी ग्राहक दो कंपनियों की एजेंसियों से रसोई गैस ले रहे हैं। ऐसे ग्राहक सामान्य उपभोक्ताओं से ज्यादा सब्सिडी वाले सिलेंडर उठा रहे हैं। शहर में विभिन्न एजेंसियों पर तीन हजार ग्राहक ऐसे चिह्नित हैं लेकिन अभी कंपनियों के लिए इन्हें रोकना संभव नहीं हो पा रहा है।
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सूत्र बता रहे हैं कि तीनों कंपनियों ने एक निजी आईटी कंपनी से साझा सॉफ्टवेयर तैयार कराया है। इसके फीचर सब्सिडी वाले सिलेंडरों की ‘लीकेज’ रोकने में कारगर बताए जा रहे हैं। इसके जरिए कंपनियां ऐसे ग्राहकों की छंटनी कर लेंगी। साथ ही उनके गैस कनेक्शन ठीक उसी तरह लॉक किए जाएंगे, जैसे अभी एक-एक एजेंसी के ग्राहकों के मल्टीपल कनेक्शन रोके गए हैं। अफसरों का दावा है कि नए सॉफ्टवेयर से सब्सिडी वाले सिलेंडरों की अवैध बिक्री पर लगाम लगेगी। फिलहाल, गैस एजेंसियों के संचालक इसे लेकर परेशान हैं।
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