{"_id":"8-23280","slug":"Allahabad-23280-8","type":"story","status":"publish","title_hn":"परीक्षा केंद्र बनाने की दोबारा शुरू हुई कवायद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परीक्षा केंद्र बनाने की दोबारा शुरू हुई कवायद
Allahabad
Updated Mon, 10 Dec 2012 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इलाहाबाद। यूपी बोर्ड परीक्षा केंद्र निर्धारण का काम एक बार फिर से पिछड़ गया है। शासन की ओर से 2012 की परीक्षा से डिबार किए गए 906 स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाने के निर्णय के बाद अब नए सिरे से कॉलेजों से उनके यहां मौजूद संसाधनों की जानकारी मांगी गई है। स्कूलों से जानकारी मिलने के बाद परीक्षा केंद्रों को अंतिम रूप देने का काम शुरू होगा। ऐसे में परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में अब देरी तय है। बोर्ड के सूत्रों ने बताया कि जिला स्कूल निरीक्षकों से अब नए सिरे से सूची तैयार करने को कहा गया है।
शासन की ओर से दागी स्कूलों के दवाब में आकर 2012 की परीक्षा से डिबार स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाने का निर्णय लेने के बाद केंद्रों की नई सूची मांगी गई है। अब इन स्कूलों में मौजूद संसाधनों के साथ परीक्षा के दौरान पूर्व में हुई परेशानियों के हल करने पर जोर होगा। यह जिम्मेदारी जिला समिति पर होगी। परीक्षा केंद्रों के निर्धारण के लिए जिला समिति को तय समय सीमा पूरी होने के बाद भी कोई कवायद शुरू नहीं होने पर शासन ने डिबार परीक्षा केंद्रों को बहाल करने का फैसला लिया है। अधिकांश केंद्रों के डिबार कर दिए जाने के बाद जिला समिति की परेशानी बढ़ गई थी। शासन की ओर से तिथि बढ़ाने के बाद अब मंडलीय समिति को परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में परेशानी हो सकती है।
विज्ञापन
शासन की ओर से दागी स्कूलों के दवाब में आकर 2012 की परीक्षा से डिबार स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाने का निर्णय लेने के बाद केंद्रों की नई सूची मांगी गई है। अब इन स्कूलों में मौजूद संसाधनों के साथ परीक्षा के दौरान पूर्व में हुई परेशानियों के हल करने पर जोर होगा। यह जिम्मेदारी जिला समिति पर होगी। परीक्षा केंद्रों के निर्धारण के लिए जिला समिति को तय समय सीमा पूरी होने के बाद भी कोई कवायद शुरू नहीं होने पर शासन ने डिबार परीक्षा केंद्रों को बहाल करने का फैसला लिया है। अधिकांश केंद्रों के डिबार कर दिए जाने के बाद जिला समिति की परेशानी बढ़ गई थी। शासन की ओर से तिथि बढ़ाने के बाद अब मंडलीय समिति को परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में परेशानी हो सकती है।
विज्ञापन