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गंगा में अब भी गिर रहा 57 नालों का पानी
Allahabad
Updated Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
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इलाहाबाद। मेलाधिकारी ने भी मान लिया है कि गंगा में जबरदस्त प्रदूषण है और 57 नालों का पानी सीधे गंगा में गिर रहा है। मंगलवार को इस मामले में हिन्दू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने मेलाधिकारी का घेराव किया तो उन्होंने कहा कि महाकुंभ शुरू होने से पहले ही वह इसके लिए व्यवस्था जरूर करेंगे और गंगा का जल पूरी तरह निर्मल किया जाएगा।
गंगा में सीवर का पानी लगातार गिरने का मुद्दा अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया। मंगलवार के अंक में इस संबंध हकीकत लोगों के सामने रखी गई है। इसी मसले पर मंच के कार्यकर्ताओं ने मेलाधिकारी मणि प्रसाद मिश्रा को घेरा और मांग की कि सीवर का पानी गंगा में जाने से तत्काल रोका जाए। इस दौरान मेलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जो सीवर और नाले अभी तक बह रहे थे वह अंग्रेजों के समय से हैं। वर्ष 2005-06 से जेएनएनयूआरएम के तहत सीवर और ड्रेनेज का कार्य हो रहा है। सीवर सिस्टम शुरू होने पर गंगा में प्रदूषण रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने माना कि वर्तमान में 57 नालों का पानी सीधे गंगा में गिर रहा है, जबकि अन्य बड़े-छोटे नालों की भी चिह्नित किया गया है जिनका पानी गंगा में जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पांच एसटीपी और इतने ही पंपिंग स्टेशन से नालों एवं सीवर के पानी को ट्रीट करने की व्यवस्था की जा रही है। कुछ में ट्रीटमेंट का काम चल भी रहा है। बताया कि बलुआघाट पंपिंग स्टेशन पर आधुनिक पंप लगाया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने गंगा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों को ट्रीटमेंट के बाद ही गंगा के पानी में बीओडी और सीओडी का तय मानक निर्धारित करने का निर्देश दिया। उधर, राष्ट्रीय बंधुत्व पार्टी की बैठक में अध्यक्ष गणेशजी त्रिपाठी ने भी गंगा को स्वच्छ करने की मांग की। उन्होंने एसटीपी को तत्काल पूरा कराके चालू कराने तथा गंगा-यमुना में सीवर का पानी जाने से रोकने की भी मांग की।
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गंगा में सीवर का पानी लगातार गिरने का मुद्दा अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया। मंगलवार के अंक में इस संबंध हकीकत लोगों के सामने रखी गई है। इसी मसले पर मंच के कार्यकर्ताओं ने मेलाधिकारी मणि प्रसाद मिश्रा को घेरा और मांग की कि सीवर का पानी गंगा में जाने से तत्काल रोका जाए। इस दौरान मेलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जो सीवर और नाले अभी तक बह रहे थे वह अंग्रेजों के समय से हैं। वर्ष 2005-06 से जेएनएनयूआरएम के तहत सीवर और ड्रेनेज का कार्य हो रहा है। सीवर सिस्टम शुरू होने पर गंगा में प्रदूषण रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने माना कि वर्तमान में 57 नालों का पानी सीधे गंगा में गिर रहा है, जबकि अन्य बड़े-छोटे नालों की भी चिह्नित किया गया है जिनका पानी गंगा में जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि पांच एसटीपी और इतने ही पंपिंग स्टेशन से नालों एवं सीवर के पानी को ट्रीट करने की व्यवस्था की जा रही है। कुछ में ट्रीटमेंट का काम चल भी रहा है। बताया कि बलुआघाट पंपिंग स्टेशन पर आधुनिक पंप लगाया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने गंगा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों को ट्रीटमेंट के बाद ही गंगा के पानी में बीओडी और सीओडी का तय मानक निर्धारित करने का निर्देश दिया। उधर, राष्ट्रीय बंधुत्व पार्टी की बैठक में अध्यक्ष गणेशजी त्रिपाठी ने भी गंगा को स्वच्छ करने की मांग की। उन्होंने एसटीपी को तत्काल पूरा कराके चालू कराने तथा गंगा-यमुना में सीवर का पानी जाने से रोकने की भी मांग की।
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