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शहर भर में हादसों की सड़क
Allahabad
Updated Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
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इलाहाबाद। पीडब्ल्यूडी, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई, बिजली विभाग और नगर निगम ने शहर भर में हादसों की सड़क तैयार कर ली है। स्टेनली रोड पर शनिवार रात हुए हादसे में दो युवकों की मौत ने कुंभ से जुडे़ अरबों रुपए के काम को कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया है। बिना किसी योजना के उल्टे-सीधे प्रोजेक्ट बनाकर सड़क को गिट्टी और डामर से पोत दिया गया। चौड़ीकरण के नाम पर भी यही हुआ। विभागों में आपसी तालमेल न होने के कारण शहर भर में विकास कार्यों के नाम पर सिर्फ पैसे की बर्बादी हुई। डिवाइडर नहीं बनाए गए। सड़कें इतनी चौड़ी कर दी गईं कि रोड पटरी गायब हो गई। कई जगह चौड़ी की गई सड़कों पर पहले से लगे बिजली, टेलीफोन के खंभे वहीं छोड़ दिए गए। कई जगह सड़क को इतना चौड़ा कर दिया कि सड़क के किनारे स्थित गहरे नालों की सड़क से दूरी मीटर से घटकर सेंटीमीटर में पहुंच गई। मेनहोल की उंचाई इतनी बढ़ा दी गई कि सड़क नीचे हो गई। सड़क चौड़ीकरण के बाद पोल शिफ्टिंग तो कर दी गई लेकिन तमाम जगह स्ट्रीट लाइटें नहीं लगाई गईं। ये तमाम खामियां हादसों की वजह भी बनी और अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो हादसों की वजह बनती रहेंगी। स्टेनली रोड पर दो युवकों की मौत के मामले में पीडब्ल्यूडी के अवर एवं सहायक अभियंता के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया। हालांकि सिर्फ दो अभियंताओं पर कार्रवाई से हालात नहीं सुधरने वाले। यहां पूरे शहर की हालत ही बदतर बनी हुई है और इसके लिए जिम्मेदार अभियंताओं, अफसरों को कोई कार्रवाई नहीं की गई।
भिड़ने के लिए छोड़ दिए बीचो-बीच पोल
बालसन चौराहे से सोहबतियाबाग की ओर सौ कदम आगे बढ़ते ही गोल्डेन जुबली की ओर जाने वाले मोड़ पर ही सड़क के बीचो-बीच साइनेज बोर्ड का पोल छोड़ दिया गया है। ऐसे में जॉर्जटाउन की तरफ से जवाहर लाल नेहरू रोड और सोहबतियाबाग की तरफ से बालसन चौराहा जाने वाले वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा हर वक्त मंडराता रहता है। सिविल लाइंस में सरदार पटेल मार्ग को चौड़ा किया गया लेकिन सड़क किनारे लगे ट्रांसफार्मर को शिफ्ट नहीं किया गया। ऐसे में रात के अंधेरे में तेज गति से चलने वाले वाहन चालकों को थोड़ा सा भी धोखा हुआ तो हादसे का शिकार हो जाएंगे। ये तो कुछ उदाहरण हैं, पूरे शहर में बिजली विभाग, बीएसएसएन की लापरवाही सड़कों पर हादसे को आमंत्रण दे रही है।
अंधेरे में अंदाज से फर्राटा भर रहे वाहन
जवाहर लाल नेहरू रोड पर सड़क चौड़ीकरण के बाद पोल शिफ्टिंग का काम हो गया। स्टेनली रोड पर भी पोल शिफ्ट कर दिए गए लेकिन ज्यादातर जगह शिफ्ट किए गए पोल पर स्ट्रीट लाइटें नहीं लगाई गईं और जहां लगाई गईं, वहां लाइटें नहीं जल रही हैं। सड़क को इतना चौड़ा कर दिया है कि वाहन की लाइट से अंदाज लगा पाना मुश्किल है कि सड़क कितनी चौड़ी है। सड़क किनारे रोड पटरी भी गायब हो गई है। सड़क में न तो कोई डिवाइडर है और न ही किनारे पर कोई संकेतक। अगर सामने से कोई वाहर दूसरी पटरी पर तेज गति से आया तो दूसरे वाहन को सड़क पर और किनारे जाना पड़ेगा जबकि किनारे पेड़ लगे हुए हैं। ऐसे में स्ट्रीट लाइटें न जलने और तमाम खामियों के कारण थोड़ा भी चूके तो पेड़ या सामने से आने वाले वाहन से टक्कर हो सकती है और बड़ा हादसा हो सकता है।
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धोखा हुआ तो सीधे नाले में गिरेंगे
शहर भर में सड़कें तो चौड़ी कर दी गईं लेकिन उससे होने वाले नुकसान के बारे में न तो किसी ने सोचा और न ही समस्या से निपटने के लिए कोई योजना बनाई। उदाहरण सबके सामने है। स्टेनली रोड को चौड़ा किया गया लेकिन नाले की पुलिया को चौड़ा करना अफसर भूल गए। नतीजा कि धोखा दो युवक शनिवार रात नाले गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। इसी तरह जवाहर लाल नेहरू रोड पर विवेकानंद चौराहे से गवर्नमेंट प्रेस चौराहे की तरफ बढ़ते ही चंद कदम पर सड़क किनारे एक नाला है। सड़क को इतना चौड़ा कर दिया गया कि उसका किनारा नाले तक पहुंच गया। सीमेट्री रोड मिंटो पार्क से बैरहना चौराहा की तरफ आने पर चौराहे के किनारे स्थित नाला भी सड़क चौड़ी होने के बाद खतरनाक हो गया है। इन जगहों पर वाहन चालकों को थोड़ा भी धोखा हुआ तो सीधे नाले में गिरेंगे।
नहीं देखा मेनहोल तो हादसा तय
शहर भर में चौड़ी की गई सड़कों पर फर्राटा भरने वाले वाहन चालकों की नजर थोड़ी भी चूकी तो हादसा तय है। विवेकानंद चौराहा से सरदार पटेल मार्ग पर मुड़ते ही सड़क से सात-आठ इंच ऊंचा मेनहोल हादसे को दावत दे रहा है। जॉर्जटाउन में मदन मोहन मालवीय मार्ग, सिविल लाइंस में महत्मागांधी मार्ग, स्टेनली रोड सहित तमाम मार्गों पर भी मेनहोल सड़क से ऊंचा हो गया है। ऐसे में तेज गति से चलने वाले वाहन चालकों को रात के अंधेरे में मेनहोल नहीं दिखा और वाहन उससे टकराया तो हादसा तय है।
शहर रोड पटरी-डिवाइडर की जरूरत
महाकुंभ की तैयारियों के तहत शहर भर में प्रमुख मार्गों को चौड़ा कर दिया गया है। जवाहर लाल नेहरू रोड और स्टेनली रोड को सबसे ज्यादा चौड़ा किया गया है। दोनों ही राजकीय मार्ग हैं और रात के वक्त भी दोनों मार्गों पर ट्रैफिक का जबर्दस्त लोड रहता है। ऐसे में सड़क पर डिवाइडर और रोड पटरी न होने के कारण वाहन चालकों के साथ पैदल चलने वालों पर भी खतरा मंडरा रहा है। डिवाइडर न होने के कारण वाहन अक्सर दूसरी लेन में चले जाते हैं या सड़क के काफी किनारे पर पहुंच जा रहे हैं। ऐसे में सड़क किनारे पैदल चलने वालों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है। इसके बावजूद पीडब्ल्यूडी ने कुंभ से पहले डिवाइडर बनाने को इरादा ही छोड़ दिया है। अफसर अब कुंभ के बाद डिवाइडर बनाने की बात कर रहे हैं लेकिन इसका जवाब किसी के पास नहीं कि तब तक हादसों को कैसे रोका जाएगा।
‘स्टेनली रोड पर हुआ हादसा गंभीर मसला है। मजिस्ट्रेट से मामले की जांच कराई जा रही है। शहर के अन्य इलाकों में भी सड़क चौड़ीकरण, पोल शिफ्टिंग, रोड पटरी को लेकर शिकायतें आई हैं। कार्यदायी संस्थाओं और उनके अभियंता को 30 नवंबर तक का पूरा करने की हिदायत दी गई है। साथ ही चेतावनी भी दी गई है कि सरकारी विभागों के कारण कोई हादसा हुआ तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।’
देवेश चतुर्वेदी, कमिश्नर
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भिड़ने के लिए छोड़ दिए बीचो-बीच पोल
बालसन चौराहे से सोहबतियाबाग की ओर सौ कदम आगे बढ़ते ही गोल्डेन जुबली की ओर जाने वाले मोड़ पर ही सड़क के बीचो-बीच साइनेज बोर्ड का पोल छोड़ दिया गया है। ऐसे में जॉर्जटाउन की तरफ से जवाहर लाल नेहरू रोड और सोहबतियाबाग की तरफ से बालसन चौराहा जाने वाले वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा हर वक्त मंडराता रहता है। सिविल लाइंस में सरदार पटेल मार्ग को चौड़ा किया गया लेकिन सड़क किनारे लगे ट्रांसफार्मर को शिफ्ट नहीं किया गया। ऐसे में रात के अंधेरे में तेज गति से चलने वाले वाहन चालकों को थोड़ा सा भी धोखा हुआ तो हादसे का शिकार हो जाएंगे। ये तो कुछ उदाहरण हैं, पूरे शहर में बिजली विभाग, बीएसएसएन की लापरवाही सड़कों पर हादसे को आमंत्रण दे रही है।
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अंधेरे में अंदाज से फर्राटा भर रहे वाहन
जवाहर लाल नेहरू रोड पर सड़क चौड़ीकरण के बाद पोल शिफ्टिंग का काम हो गया। स्टेनली रोड पर भी पोल शिफ्ट कर दिए गए लेकिन ज्यादातर जगह शिफ्ट किए गए पोल पर स्ट्रीट लाइटें नहीं लगाई गईं और जहां लगाई गईं, वहां लाइटें नहीं जल रही हैं। सड़क को इतना चौड़ा कर दिया है कि वाहन की लाइट से अंदाज लगा पाना मुश्किल है कि सड़क कितनी चौड़ी है। सड़क किनारे रोड पटरी भी गायब हो गई है। सड़क में न तो कोई डिवाइडर है और न ही किनारे पर कोई संकेतक। अगर सामने से कोई वाहर दूसरी पटरी पर तेज गति से आया तो दूसरे वाहन को सड़क पर और किनारे जाना पड़ेगा जबकि किनारे पेड़ लगे हुए हैं। ऐसे में स्ट्रीट लाइटें न जलने और तमाम खामियों के कारण थोड़ा भी चूके तो पेड़ या सामने से आने वाले वाहन से टक्कर हो सकती है और बड़ा हादसा हो सकता है।
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धोखा हुआ तो सीधे नाले में गिरेंगे
शहर भर में सड़कें तो चौड़ी कर दी गईं लेकिन उससे होने वाले नुकसान के बारे में न तो किसी ने सोचा और न ही समस्या से निपटने के लिए कोई योजना बनाई। उदाहरण सबके सामने है। स्टेनली रोड को चौड़ा किया गया लेकिन नाले की पुलिया को चौड़ा करना अफसर भूल गए। नतीजा कि धोखा दो युवक शनिवार रात नाले गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। इसी तरह जवाहर लाल नेहरू रोड पर विवेकानंद चौराहे से गवर्नमेंट प्रेस चौराहे की तरफ बढ़ते ही चंद कदम पर सड़क किनारे एक नाला है। सड़क को इतना चौड़ा कर दिया गया कि उसका किनारा नाले तक पहुंच गया। सीमेट्री रोड मिंटो पार्क से बैरहना चौराहा की तरफ आने पर चौराहे के किनारे स्थित नाला भी सड़क चौड़ी होने के बाद खतरनाक हो गया है। इन जगहों पर वाहन चालकों को थोड़ा भी धोखा हुआ तो सीधे नाले में गिरेंगे।
नहीं देखा मेनहोल तो हादसा तय
शहर भर में चौड़ी की गई सड़कों पर फर्राटा भरने वाले वाहन चालकों की नजर थोड़ी भी चूकी तो हादसा तय है। विवेकानंद चौराहा से सरदार पटेल मार्ग पर मुड़ते ही सड़क से सात-आठ इंच ऊंचा मेनहोल हादसे को दावत दे रहा है। जॉर्जटाउन में मदन मोहन मालवीय मार्ग, सिविल लाइंस में महत्मागांधी मार्ग, स्टेनली रोड सहित तमाम मार्गों पर भी मेनहोल सड़क से ऊंचा हो गया है। ऐसे में तेज गति से चलने वाले वाहन चालकों को रात के अंधेरे में मेनहोल नहीं दिखा और वाहन उससे टकराया तो हादसा तय है।
शहर रोड पटरी-डिवाइडर की जरूरत
महाकुंभ की तैयारियों के तहत शहर भर में प्रमुख मार्गों को चौड़ा कर दिया गया है। जवाहर लाल नेहरू रोड और स्टेनली रोड को सबसे ज्यादा चौड़ा किया गया है। दोनों ही राजकीय मार्ग हैं और रात के वक्त भी दोनों मार्गों पर ट्रैफिक का जबर्दस्त लोड रहता है। ऐसे में सड़क पर डिवाइडर और रोड पटरी न होने के कारण वाहन चालकों के साथ पैदल चलने वालों पर भी खतरा मंडरा रहा है। डिवाइडर न होने के कारण वाहन अक्सर दूसरी लेन में चले जाते हैं या सड़क के काफी किनारे पर पहुंच जा रहे हैं। ऐसे में सड़क किनारे पैदल चलने वालों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है। इसके बावजूद पीडब्ल्यूडी ने कुंभ से पहले डिवाइडर बनाने को इरादा ही छोड़ दिया है। अफसर अब कुंभ के बाद डिवाइडर बनाने की बात कर रहे हैं लेकिन इसका जवाब किसी के पास नहीं कि तब तक हादसों को कैसे रोका जाएगा।
‘स्टेनली रोड पर हुआ हादसा गंभीर मसला है। मजिस्ट्रेट से मामले की जांच कराई जा रही है। शहर के अन्य इलाकों में भी सड़क चौड़ीकरण, पोल शिफ्टिंग, रोड पटरी को लेकर शिकायतें आई हैं। कार्यदायी संस्थाओं और उनके अभियंता को 30 नवंबर तक का पूरा करने की हिदायत दी गई है। साथ ही चेतावनी भी दी गई है कि सरकारी विभागों के कारण कोई हादसा हुआ तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।’
देवेश चतुर्वेदी, कमिश्नर