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सरकारी वकीलों की नई सूची पर घमासान
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सरकारी वकीलों की नई सूची पर घमासान
0 नए नियुक्त वकीलों को ज्वाइन कराया पर काम नहीं दिया
0 कई खांटी भाजपाई किए गए बाहर, हाईकोर्ट के बाहर से नियुक्तियां करने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। सरकारी वकीलों की नई सूची को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सूची से पार्टी के कई पदाधिकारियों को बाहर किए जाने से घमासान की स्थिति पैदा हो गई है। विरोध के कारण नए नियुक्त राज्य विधि अधिकारियों को ज्वाइन तो करा लिया गया मगर उनको ड्यूटी नहीं दी गई। लखनऊ में तो नवनियुक्त विधि अधिकारियों को ज्वाइन भी नहीं कराया गया है। कहा जा रहा है कि इन अधिकारियों को ड्यूटी देने के लिए कोई दिशा निर्देश महाधिवक्ता की ओर से अभी तक नहीं मिला है। चर्चा यह भी है कि नई सूची को महाधिवक्ता की अध्यक्षता में बनी कमेटी के सामने नहीं रखा गया और न ही महाधिवक्ता को विश्वास में लिया गया।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि नई सूची में संगठन से जुड़े कई सक्रिय कार्यकर्ताओं को बाहर कर दिया गया। कई ऐसे लोगों को सूची में जगह दी गई है, जो पद की योग्यता नहीं रखते या कचहरियों में वकालत करते रहे हैं। यहां पंजीकरण कराकर कभी कभार ही आते हैं। इस संबंध में महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया मगर उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।
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0 नए नियुक्त वकीलों को ज्वाइन कराया पर काम नहीं दिया
0 कई खांटी भाजपाई किए गए बाहर, हाईकोर्ट के बाहर से नियुक्तियां करने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। सरकारी वकीलों की नई सूची को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सूची से पार्टी के कई पदाधिकारियों को बाहर किए जाने से घमासान की स्थिति पैदा हो गई है। विरोध के कारण नए नियुक्त राज्य विधि अधिकारियों को ज्वाइन तो करा लिया गया मगर उनको ड्यूटी नहीं दी गई। लखनऊ में तो नवनियुक्त विधि अधिकारियों को ज्वाइन भी नहीं कराया गया है। कहा जा रहा है कि इन अधिकारियों को ड्यूटी देने के लिए कोई दिशा निर्देश महाधिवक्ता की ओर से अभी तक नहीं मिला है। चर्चा यह भी है कि नई सूची को महाधिवक्ता की अध्यक्षता में बनी कमेटी के सामने नहीं रखा गया और न ही महाधिवक्ता को विश्वास में लिया गया।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि नई सूची में संगठन से जुड़े कई सक्रिय कार्यकर्ताओं को बाहर कर दिया गया। कई ऐसे लोगों को सूची में जगह दी गई है, जो पद की योग्यता नहीं रखते या कचहरियों में वकालत करते रहे हैं। यहां पंजीकरण कराकर कभी कभार ही आते हैं। इस संबंध में महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया मगर उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।
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