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रूह आफजा पर लगेगा साढ़े 12 प्रितित टैक्स
Updated Tue, 10 Jul 2018 01:12 AM IST
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रूह आफ़जा पर साढ़े 12 प्रतिशत ही लगेगा टैक्स
0 चार प्रतिशत टैक्स लगाने की मांग खारिज, हाईकोर्ट ने फ्रूट प्रोटक्ट नहीं शर्बत है रूह आफ़जा
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने मेसर्स हमदर्द (वक्फ) लेबोरेट्रीज के लोकप्रिय शर्बत रूह आफ़जा पर टैक्स लगाने के मामले में कहा है कि यह फ्रूट ड्रिंक या फ्रूट जूस नहीं है और यह फ्रूट प्रोसेसिंग से बना भी नहीं है। यह चीनी युक्त सीरप या शर्बत मात्र है। इस लिए इस पर चार के बजाए 12.5 प्रतिशत टैक्स लगाना उचित है। कोर्ट ने रूह आफजा को शर्बत मानते हुए साढ़े 12 प्रतिशत टैक्स लगाने के अधिकरण के आदेश को वैध करार दिया है और हमदर्द कंपनी की पुनरीक्षण याचिकाओं को खारिज कर दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति एसपी केशरवानी ने गाजियाबाद की मेसर्स हमदर्द (वक्फ ) लैबोरेट्रीज कंपनी की 22 याचिकाओं को एक साथ तय करते हुए दिया है। याची कंपनी का कहना था कि शर्बत रूह आफजा फल से बना है। इसलिए इस पर चार प्रतिशत टैक्स लगना चाहिए। मगर कामर्शियल टैक्स अधिकरण ने इसे फ्रूट प्रोडक्ट नहीं माना और कहा कि सिंथेटिक व चीनी से निर्मित होने के नाते यह शर्बत है और फल से बना न होने के कारण टैक्स छूट की श्रेणी का प्रोडक्ट नहीं है। इसलिए इस पर साढ़े 12 फीसदी टैक्स लगाना उचित है।
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रूह आफ़जा पर साढ़े 12 प्रतिशत ही लगेगा टैक्स
0 चार प्रतिशत टैक्स लगाने की मांग खारिज, हाईकोर्ट ने फ्रूट प्रोटक्ट नहीं शर्बत है रूह आफ़जा
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने मेसर्स हमदर्द (वक्फ) लेबोरेट्रीज के लोकप्रिय शर्बत रूह आफ़जा पर टैक्स लगाने के मामले में कहा है कि यह फ्रूट ड्रिंक या फ्रूट जूस नहीं है और यह फ्रूट प्रोसेसिंग से बना भी नहीं है। यह चीनी युक्त सीरप या शर्बत मात्र है। इस लिए इस पर चार के बजाए 12.5 प्रतिशत टैक्स लगाना उचित है। कोर्ट ने रूह आफजा को शर्बत मानते हुए साढ़े 12 प्रतिशत टैक्स लगाने के अधिकरण के आदेश को वैध करार दिया है और हमदर्द कंपनी की पुनरीक्षण याचिकाओं को खारिज कर दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति एसपी केशरवानी ने गाजियाबाद की मेसर्स हमदर्द (वक्फ ) लैबोरेट्रीज कंपनी की 22 याचिकाओं को एक साथ तय करते हुए दिया है। याची कंपनी का कहना था कि शर्बत रूह आफजा फल से बना है। इसलिए इस पर चार प्रतिशत टैक्स लगना चाहिए। मगर कामर्शियल टैक्स अधिकरण ने इसे फ्रूट प्रोडक्ट नहीं माना और कहा कि सिंथेटिक व चीनी से निर्मित होने के नाते यह शर्बत है और फल से बना न होने के कारण टैक्स छूट की श्रेणी का प्रोडक्ट नहीं है। इसलिए इस पर साढ़े 12 फीसदी टैक्स लगाना उचित है।
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