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हरे पेड़ां की कटाई पर डीएम मथुरा से जवाब तलब
Updated Thu, 24 Aug 2017 08:59 PM IST
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हरे पेड़ों की कटाई पर डीएम मथुरा से जवाब तलब
0 सिकरा मार्ग के चौड़ीकरण में काटे गए हरे पेड़
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने मथुरा-वृंदावन के सिकरा मार्ग का चौड़ीकरण करने के दौरान हरे पेड़ काटे जाने के मामले में डीएम मथुरा से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने वन विभाग के अधिकारियों को भी हलफनामा दाखिल कर पक्ष रखने का निर्देश दिया है। मथुरा के मधुमंगल दास शुक्ला की जनहित याचिका पर न्यायमूर्ति अरुण टंडन और न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी की पीठ सुनवाई कर रही है। कोर्ट ने अधिकारियों से पूछा है कि चौड़ीकरण के दौरान कितने हरे पेड़ काटे गए और उनके स्थान पर कितने लगाए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई पांच सितंबर को होगी।
याचिका में कहा गया है कि केंद्र सरकार की अनुमति के बिना हजारों की संख्या में पेड़ काटे गए। इसकी भरपाई के लिए जिला प्रशासन ने एक भी पेड़ नहीं लगाया है। गैर सरकारी संगठनों ने जो पेड़ लगाए थे उनमें से ज्यादातर सूख गए हैं। डीएम ने जो जानकारी दी है वह सही नहीं है। डीएम के हलफनामे में कहा गया कि 2010-11 में दो हजार पेड़ लगाए गए थे। मथुरा वृंदावन में कुल 4950 पेड़ लगाए गए। याचिका का कहना है कि पेड़ों की कटाई संरक्षित वन क्षेत्र में की गई है। जिस पर कोर्ट ने वन विभाग को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
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0 सिकरा मार्ग के चौड़ीकरण में काटे गए हरे पेड़
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने मथुरा-वृंदावन के सिकरा मार्ग का चौड़ीकरण करने के दौरान हरे पेड़ काटे जाने के मामले में डीएम मथुरा से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने वन विभाग के अधिकारियों को भी हलफनामा दाखिल कर पक्ष रखने का निर्देश दिया है। मथुरा के मधुमंगल दास शुक्ला की जनहित याचिका पर न्यायमूर्ति अरुण टंडन और न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी की पीठ सुनवाई कर रही है। कोर्ट ने अधिकारियों से पूछा है कि चौड़ीकरण के दौरान कितने हरे पेड़ काटे गए और उनके स्थान पर कितने लगाए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई पांच सितंबर को होगी।
याचिका में कहा गया है कि केंद्र सरकार की अनुमति के बिना हजारों की संख्या में पेड़ काटे गए। इसकी भरपाई के लिए जिला प्रशासन ने एक भी पेड़ नहीं लगाया है। गैर सरकारी संगठनों ने जो पेड़ लगाए थे उनमें से ज्यादातर सूख गए हैं। डीएम ने जो जानकारी दी है वह सही नहीं है। डीएम के हलफनामे में कहा गया कि 2010-11 में दो हजार पेड़ लगाए गए थे। मथुरा वृंदावन में कुल 4950 पेड़ लगाए गए। याचिका का कहना है कि पेड़ों की कटाई संरक्षित वन क्षेत्र में की गई है। जिस पर कोर्ट ने वन विभाग को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
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