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आरओ-एआरओ मुख्य परीक्षा में 82 फीसदी अभ्यर्थी शामिल
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अभ्यर्थियों से पूछा गया, कितने वर्ष में लगता है महाकुंभ
आरओ-एआरओ मुख्य परीक्षा शुरू, पहले दिन 82.33 फीसदी रही उपस्थिति
स्तरीय रहा सामान्य अध्ययन का पेपर, इतिहास, भूगोल के सवाल लगे कठिन
प्रयागराज। समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ)-2017 की मुख्य परीक्षा भी महाकुंभ से अछूती नहीं रही। रविवार को पहले सत्र में हुई सामान्य अध्ययन की परीक्षा में अभ्यर्थियों से पूछा गया कि महाकुंभ मेला प्राय: कितने वर्ष में आयोजित किया जाता है। इसके चार विकल्पों 10 वर्ष, 12 वर्ष, 14 वर्ष एवं 16 वर्ष में से अभ्यर्थियों को किसी एक विकल्प का चयन करना था।
सामान्य अध्ययन में समसामयिक मुद्दों से जड़े सवाल अभ्यर्थियों को आसान लगे। मुख्य परीक्षा के पहले दिन प्रथम सत्र में सामान्य अध्ययन एवं द्वितीय सत्र में सामान्य हिंदी व आलेखन एवं सामान्य शब्द ज्ञान व व्याकरण की परीक्षा थी। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से लखनऊ के 27 केंद्रों में परीक्षा आयोजित की जा रही है। मुख्य परीक्षा के लिए 12974 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं और इनमें से 10682 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। यानी कुल उपस्थिति 82.33 फीसदी रही।
अभ्यर्थियों के अनुसार दोनों पालियों में पेपर स्तरीय थे और त्रुटिरहित भी। सामान्य अध्ययन के पेपर में तकरीबन सभी खंडों से सवाल पूछे गए। इतिहास और भूगोल से आए सवाल कठिन लगे लेकिन लोक प्रशासन और समसामयिक मुद्दों से जुड़े सवाल आसान थे। अभ्यर्थियों से सामान्य अध्ययन के पेपर में यह भी पूछा गया कि जीएसटी किस तरह का कर है? दूसरी पाली की परीक्षा में हिंदी व्याकरण से जुड़े 30 सवाल पूछे गए, जिनमें आठ से दस सवाल काफी कठिन थे। पत्र लेखन के तहत हिंदी से अंग्रेजी और अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद के पांच-पांच सवाल आए। तीन से चार अनुवाद कठिन थे। आरओ/एआरओ मुख्य परीक्षा के तहत सोमवार को पहली पाली में निबंध का पेपर है।
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आरओ-एआरओ मुख्य परीक्षा शुरू, पहले दिन 82.33 फीसदी रही उपस्थिति
स्तरीय रहा सामान्य अध्ययन का पेपर, इतिहास, भूगोल के सवाल लगे कठिन
प्रयागराज। समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ)-2017 की मुख्य परीक्षा भी महाकुंभ से अछूती नहीं रही। रविवार को पहले सत्र में हुई सामान्य अध्ययन की परीक्षा में अभ्यर्थियों से पूछा गया कि महाकुंभ मेला प्राय: कितने वर्ष में आयोजित किया जाता है। इसके चार विकल्पों 10 वर्ष, 12 वर्ष, 14 वर्ष एवं 16 वर्ष में से अभ्यर्थियों को किसी एक विकल्प का चयन करना था।
सामान्य अध्ययन में समसामयिक मुद्दों से जड़े सवाल अभ्यर्थियों को आसान लगे। मुख्य परीक्षा के पहले दिन प्रथम सत्र में सामान्य अध्ययन एवं द्वितीय सत्र में सामान्य हिंदी व आलेखन एवं सामान्य शब्द ज्ञान व व्याकरण की परीक्षा थी। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से लखनऊ के 27 केंद्रों में परीक्षा आयोजित की जा रही है। मुख्य परीक्षा के लिए 12974 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं और इनमें से 10682 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। यानी कुल उपस्थिति 82.33 फीसदी रही।
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अभ्यर्थियों के अनुसार दोनों पालियों में पेपर स्तरीय थे और त्रुटिरहित भी। सामान्य अध्ययन के पेपर में तकरीबन सभी खंडों से सवाल पूछे गए। इतिहास और भूगोल से आए सवाल कठिन लगे लेकिन लोक प्रशासन और समसामयिक मुद्दों से जुड़े सवाल आसान थे। अभ्यर्थियों से सामान्य अध्ययन के पेपर में यह भी पूछा गया कि जीएसटी किस तरह का कर है? दूसरी पाली की परीक्षा में हिंदी व्याकरण से जुड़े 30 सवाल पूछे गए, जिनमें आठ से दस सवाल काफी कठिन थे। पत्र लेखन के तहत हिंदी से अंग्रेजी और अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद के पांच-पांच सवाल आए। तीन से चार अनुवाद कठिन थे। आरओ/एआरओ मुख्य परीक्षा के तहत सोमवार को पहली पाली में निबंध का पेपर है।
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