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कॉलेजों ने केंद्रीय कमेटी से मांग स्पेशल ग्रांट
Updated Tue, 14 Nov 2017 09:18 PM IST
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कॉलेजों ने केंद्रीय कमेटी से मांगी स्पेशल ग्रांट
कमेटी के सदस्यों ने शिक्षक , छात्र नेताओं के साथ की बैठक
इविवि में इंजनियरिंग और मेडिकल फैकल्टी का मुद्दा भी उठा
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरटी) की ओर से गठित कमेटी से कॉलेजों ने स्पेशल ग्रांट दिए जाने की मांग की है। कमेटी के सभी छह सदस्यों ने मंगलवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के गेस्ट हाउस में इविवि और संघटक महाविद्यालयों के शिक्षकों के साथ बैठक की। इस दौरान स्पेशल ग्रांट समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात हुई। कमेटी ने ज्यादातर मांगों पर अपनी सहमति जताई। कमेटी के सदस्य बुधवार को अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे और यह रिपोर्ट सीधे मंत्रालय को सौंपेंगे।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (ऑटा) और इलाहाबाद विश्वविद्यालय संघटक महाविद्यालय शिक्षक संघ (ऑक्टा) के पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में मुद्दा उठाया गया कि ओबीसी आरक्षण लागू होने के बाद विश्वविद्यालय और संघटक महाविद्यालयों में 54 फीसदी सीटें बढ़ा दी गईं। छात्रों की संख्या तो बढ़ गई लेकिन इस अनुपात में शिक्षक की संख्या नहीं बढ़ी। सीटें बढ़ने के बाद शिक्षकों की कोई नियुक्ति नहीं हुई। छात्रों की संख्या बढ़ने के बाद इविवि और महाविद्यालयों में ढांचागत सुविधाओं में विस्तार की जरूरत है। ये काम स्पेशल ग्रांट मिलने पर ही संभव हैं। मांग की गई कि शिक्षकों की भर्ती के किए नए पद सृजित किए जाएं। कमेटी के सदस्यों को यह भी बताया गया कि शिक्षक भर्ती रोकने के लिए कुछ लोग बेवजह धांधली का आरोप लगा रहे हैं जबकि इविवि और कॉलेजों को शिक्षकों की जरूरत है। सदस्यों को बताया गया कि इविवि और कॉलेजों के विकास के लिए काफी पहले 50 करोड़ रुपये मिले थे लेकिन उसका उपयोग नहीं हो सका और रकम वापस चली गई।
इसके अलावा विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग और मेडिकल फैकल्टी के प्रस्तावित निर्माण के तहत जमीन खरीदने और निर्माण के लिए बजट की मांग की गई। साथ ही कॉलेजों में पीएचडी कराए जाने की व्यवस्था को लागू किए जाने की मांग उठी। वहीं, इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शिक्षकों को डेट ऑफ एलिजिबिलिटी के आधार पर प्रमोशन और वेतन दिए जाने का मुद्दा उठा। बैठक में ऑटा अध्यक्ष प्रो. रामवेसक दुबे, उपाध्यक्ष प्रो. एआर सिद्दीकी, ऑक्टा अध्यक्ष डॉ. सुनील कांत मिश्र, महासचिव डॉ. उमेश प्रताप सिंह, उपाध्यक्ष डॉ. धीरेंद्र द्विवेदी, कोषाध्यक्ष डॉ. केवी श्रीवास्तव, संयुक्त सचिव डॉ. राजेश समेत संघटक महाविद्यालयों के 40 से अधिक शिक्षक मौजूद रहे।
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हॉस्टलों, विज्ञान संकाय, लाइब्रेरी का किया निरीक्षण
कमेटी के सदस्यों ने हॉस्टलों और विज्ञान संकाय का निरीक्षण भी किया। कमेटी के दो सदस्यों ने छात्रसंघ अध्यक्ष अवनीश यादव के साथ एफसीआई बिल्डिंग, लाइब्रेरी, कैंटीन का निरीक्षण किया। इस दौरान अध्यक्ष ने कमेटी के सदस्यों को छात्रों की समस्याओं से भी अवगत कराया। अध्यक्ष ने लाइब्रेरी में पुस्तकों की कमी का मुद्दा उठाया। कमेटी के सदस्यों ने पुस्तकालय में स्थापित ई लैब भी देखी। वहीं, कमेटी के बाकी चार सदस्यों ने पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्र के साथ एसएसएल हॉस्टल, हिंदू हॉस्टल, विजयनगरम हॉल, विज्ञान संकाय में गणित, भौतिक और बायोटेक्नोलॉजी विभाग का निरीक्षण किया। कमेटी के सदस्यों ने हॉस्टलों की बदतर हालत देखी। साथ ही विजयनगरम हॉल में सुंदरीकरण का अधूरा पड़ा काम भी देखा। एमएससी बायोटेक्नोलॉजी के छात्र मनीष पांडेय और अन्य छात्रों ने कमेटी के सदस्यों को बायोटेक्नोलॉजी विभाग में व्याप्त खामियां गिनाईं।
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महामंत्री, पूर्व अध्यक्ष ने गिनाई ढेरों खामियां
छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष रोहित मिश्र और छात्रसंघ के वर्तमान महामंत्री निर्भय द्विवेदी ने कमेटी के सदस्यों से अलग से मुलाकात की। पूर्व अध्यक्ष रोहित ने शिक्षक भर्ती में धांधली का मुद्दा उठाया। रोहित ने कमेटी के सदस्यों को बताया कि जिस चयन समिति ने सीएमपी डिग्री कॉलेज में भौतिकी विषय में शिक्षकों का चयन किया, उसी समिति ने श्याम प्रसाद मुखर्जी डिग्री कॉलेज में भौतिकी विषय में शिक्षक भर्ती के लिए इंटरव्यू लिया। यह आरोप भी लगाया कि इससे चयन समिति की गोपनीयता समाप्त हो गई है और अब यहां भी गड़बड़ी होने की पूरी आशंका है। वहीं, छात्रसंघ महामंत्री निर्भय द्विवेदी ने कमेटी के सदस्यों को बताया कि सत्र पूरा होने में चार माह बाकी रह गए हैं और हॉस्टल आवंटन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। इविवि प्रशासन ने हॉस्टल की फीस में कई गुना बढ़ोतरी कर दी है और छात्रों से शुल्क जमा करा लिया है लेकिन उन्हें हॉस्टल नहीं मिल रहा। हॉस्टलों में फर्नीचर की भी कमी है।
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कर्मचारियों ने कमेटी को सौंपा ज्ञापन
विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष कानन दासगुप्ता के नेतृत्व में कमेटी को ज्ञापन सौंपा। वहीं, इलाहाबाद विश्वविद्यालय मिनिस्टीरियल एंड टेक्निकल स्टाफ यूनियन के पूर्व महामंत्री ओपी गुप्ता ने भी कमेटी को ज्ञापन दिया। उन्होंने कर्मचारियों के वेतन का मुद्दा उठाया। साथ ही पे पैरिटी के एरियर का 90 फीसदी भुगतान तत्काल किए जाने, इविवि स्वास्थ्य केंद्रों में रिक्त पदों पर नियुक्ति किए जाने, सभी संवर्ग के कर्मचारियों का पद रिक्तता की तिथि से पदोन्नति के जरिये भरे जाने, परिसर में महिला कर्मचारियों के लिए अलग से शौचालय निर्माण कराए जाने की मांग की गई।
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कमेटी के सदस्यों ने शिक्षक , छात्र नेताओं के साथ की बैठक
इविवि में इंजनियरिंग और मेडिकल फैकल्टी का मुद्दा भी उठा
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरटी) की ओर से गठित कमेटी से कॉलेजों ने स्पेशल ग्रांट दिए जाने की मांग की है। कमेटी के सभी छह सदस्यों ने मंगलवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के गेस्ट हाउस में इविवि और संघटक महाविद्यालयों के शिक्षकों के साथ बैठक की। इस दौरान स्पेशल ग्रांट समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात हुई। कमेटी ने ज्यादातर मांगों पर अपनी सहमति जताई। कमेटी के सदस्य बुधवार को अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे और यह रिपोर्ट सीधे मंत्रालय को सौंपेंगे।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (ऑटा) और इलाहाबाद विश्वविद्यालय संघटक महाविद्यालय शिक्षक संघ (ऑक्टा) के पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में मुद्दा उठाया गया कि ओबीसी आरक्षण लागू होने के बाद विश्वविद्यालय और संघटक महाविद्यालयों में 54 फीसदी सीटें बढ़ा दी गईं। छात्रों की संख्या तो बढ़ गई लेकिन इस अनुपात में शिक्षक की संख्या नहीं बढ़ी। सीटें बढ़ने के बाद शिक्षकों की कोई नियुक्ति नहीं हुई। छात्रों की संख्या बढ़ने के बाद इविवि और महाविद्यालयों में ढांचागत सुविधाओं में विस्तार की जरूरत है। ये काम स्पेशल ग्रांट मिलने पर ही संभव हैं। मांग की गई कि शिक्षकों की भर्ती के किए नए पद सृजित किए जाएं। कमेटी के सदस्यों को यह भी बताया गया कि शिक्षक भर्ती रोकने के लिए कुछ लोग बेवजह धांधली का आरोप लगा रहे हैं जबकि इविवि और कॉलेजों को शिक्षकों की जरूरत है। सदस्यों को बताया गया कि इविवि और कॉलेजों के विकास के लिए काफी पहले 50 करोड़ रुपये मिले थे लेकिन उसका उपयोग नहीं हो सका और रकम वापस चली गई।
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इसके अलावा विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग और मेडिकल फैकल्टी के प्रस्तावित निर्माण के तहत जमीन खरीदने और निर्माण के लिए बजट की मांग की गई। साथ ही कॉलेजों में पीएचडी कराए जाने की व्यवस्था को लागू किए जाने की मांग उठी। वहीं, इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शिक्षकों को डेट ऑफ एलिजिबिलिटी के आधार पर प्रमोशन और वेतन दिए जाने का मुद्दा उठा। बैठक में ऑटा अध्यक्ष प्रो. रामवेसक दुबे, उपाध्यक्ष प्रो. एआर सिद्दीकी, ऑक्टा अध्यक्ष डॉ. सुनील कांत मिश्र, महासचिव डॉ. उमेश प्रताप सिंह, उपाध्यक्ष डॉ. धीरेंद्र द्विवेदी, कोषाध्यक्ष डॉ. केवी श्रीवास्तव, संयुक्त सचिव डॉ. राजेश समेत संघटक महाविद्यालयों के 40 से अधिक शिक्षक मौजूद रहे।
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हॉस्टलों, विज्ञान संकाय, लाइब्रेरी का किया निरीक्षण
कमेटी के सदस्यों ने हॉस्टलों और विज्ञान संकाय का निरीक्षण भी किया। कमेटी के दो सदस्यों ने छात्रसंघ अध्यक्ष अवनीश यादव के साथ एफसीआई बिल्डिंग, लाइब्रेरी, कैंटीन का निरीक्षण किया। इस दौरान अध्यक्ष ने कमेटी के सदस्यों को छात्रों की समस्याओं से भी अवगत कराया। अध्यक्ष ने लाइब्रेरी में पुस्तकों की कमी का मुद्दा उठाया। कमेटी के सदस्यों ने पुस्तकालय में स्थापित ई लैब भी देखी। वहीं, कमेटी के बाकी चार सदस्यों ने पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्र के साथ एसएसएल हॉस्टल, हिंदू हॉस्टल, विजयनगरम हॉल, विज्ञान संकाय में गणित, भौतिक और बायोटेक्नोलॉजी विभाग का निरीक्षण किया। कमेटी के सदस्यों ने हॉस्टलों की बदतर हालत देखी। साथ ही विजयनगरम हॉल में सुंदरीकरण का अधूरा पड़ा काम भी देखा। एमएससी बायोटेक्नोलॉजी के छात्र मनीष पांडेय और अन्य छात्रों ने कमेटी के सदस्यों को बायोटेक्नोलॉजी विभाग में व्याप्त खामियां गिनाईं।
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महामंत्री, पूर्व अध्यक्ष ने गिनाई ढेरों खामियां
छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष रोहित मिश्र और छात्रसंघ के वर्तमान महामंत्री निर्भय द्विवेदी ने कमेटी के सदस्यों से अलग से मुलाकात की। पूर्व अध्यक्ष रोहित ने शिक्षक भर्ती में धांधली का मुद्दा उठाया। रोहित ने कमेटी के सदस्यों को बताया कि जिस चयन समिति ने सीएमपी डिग्री कॉलेज में भौतिकी विषय में शिक्षकों का चयन किया, उसी समिति ने श्याम प्रसाद मुखर्जी डिग्री कॉलेज में भौतिकी विषय में शिक्षक भर्ती के लिए इंटरव्यू लिया। यह आरोप भी लगाया कि इससे चयन समिति की गोपनीयता समाप्त हो गई है और अब यहां भी गड़बड़ी होने की पूरी आशंका है। वहीं, छात्रसंघ महामंत्री निर्भय द्विवेदी ने कमेटी के सदस्यों को बताया कि सत्र पूरा होने में चार माह बाकी रह गए हैं और हॉस्टल आवंटन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। इविवि प्रशासन ने हॉस्टल की फीस में कई गुना बढ़ोतरी कर दी है और छात्रों से शुल्क जमा करा लिया है लेकिन उन्हें हॉस्टल नहीं मिल रहा। हॉस्टलों में फर्नीचर की भी कमी है।
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कर्मचारियों ने कमेटी को सौंपा ज्ञापन
विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष कानन दासगुप्ता के नेतृत्व में कमेटी को ज्ञापन सौंपा। वहीं, इलाहाबाद विश्वविद्यालय मिनिस्टीरियल एंड टेक्निकल स्टाफ यूनियन के पूर्व महामंत्री ओपी गुप्ता ने भी कमेटी को ज्ञापन दिया। उन्होंने कर्मचारियों के वेतन का मुद्दा उठाया। साथ ही पे पैरिटी के एरियर का 90 फीसदी भुगतान तत्काल किए जाने, इविवि स्वास्थ्य केंद्रों में रिक्त पदों पर नियुक्ति किए जाने, सभी संवर्ग के कर्मचारियों का पद रिक्तता की तिथि से पदोन्नति के जरिये भरे जाने, परिसर में महिला कर्मचारियों के लिए अलग से शौचालय निर्माण कराए जाने की मांग की गई।