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फंस गया 80 हजार सीटों पर बीटीसी का प्रवेश
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 31 May 2016 02:10 AM IST
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प्रदेश के सरकारी एवं निजी बीटीसी कॉलेजों में खाली बीटीसी प्रशिक्षण की 80 हजार सीटों का प्रवेश फंस गया है। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से बीटीसी प्रवेश-2015 के लिए शासन से अनुमति नहीं मिलने से बीटीसी की खाली सीटों पर प्रवेश नहीं हो पा रहा है। परीक्षा नियामक की ओर से शासन के पास मई में प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने का प्रस्ताव भेजा गया था।
प्रदेश में इस समय कुल 63 जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) एवं 1415 निजी बीटीसी कॉलेज हैं। सरकारी डायट में कुल मिलाकर 10450 सीटें खाली हैं। इसके साथ 1034 निजी बीटीसी कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया पहले से चल रही है, जबकि 381 बीटीसी कॉलेजों में प्रवेश के लिए शासन से अनुमति मिल चुकी है। इस प्रकार कुल मिलाकर 1415 निजी बीटीसी कॉलेजों में 50 सीट के हिसाब से कुल मिलाकर 70750 सीटें आती हैं।
इस प्रकार सरकारी एवं निजी कॉलेजों कुल मिलाकर 82200 सीटें खाली हैं। पहले से प्रवेश की समस्या को लेकर परेशान निजी बीटीसी कॉलेजों के प्रबंधन की इस कारण से परेशानी बढ़ गई है। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से होने वाला बीटीसी प्रवेश फंस गया है। शासन की ओर से प्रवेश प्रक्रिया को हरी झंडी नहीं दिखाए जाने के कारण परीक्षा नियामक की ओर से प्रदेश के सरकारी एवं निजी बीटीसी कॉलेजों की 80 हजार सीटों पर प्रवेश नहीं हो पा रहा है।
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प्रदेश में इस समय कुल 63 जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) एवं 1415 निजी बीटीसी कॉलेज हैं। सरकारी डायट में कुल मिलाकर 10450 सीटें खाली हैं। इसके साथ 1034 निजी बीटीसी कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया पहले से चल रही है, जबकि 381 बीटीसी कॉलेजों में प्रवेश के लिए शासन से अनुमति मिल चुकी है। इस प्रकार कुल मिलाकर 1415 निजी बीटीसी कॉलेजों में 50 सीट के हिसाब से कुल मिलाकर 70750 सीटें आती हैं।
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इस प्रकार सरकारी एवं निजी कॉलेजों कुल मिलाकर 82200 सीटें खाली हैं। पहले से प्रवेश की समस्या को लेकर परेशान निजी बीटीसी कॉलेजों के प्रबंधन की इस कारण से परेशानी बढ़ गई है। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से होने वाला बीटीसी प्रवेश फंस गया है। शासन की ओर से प्रवेश प्रक्रिया को हरी झंडी नहीं दिखाए जाने के कारण परीक्षा नियामक की ओर से प्रदेश के सरकारी एवं निजी बीटीसी कॉलेजों की 80 हजार सीटों पर प्रवेश नहीं हो पा रहा है।
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