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पूर्व मंत्री पर दर्ज होगी प्राथमिकी
Updated Thu, 04 Jan 2018 01:25 AM IST
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पूर्व बसपा मंत्री अयोध्या पाल पर दर्ज होगी एफआईआर
0 23 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन हड़पने का आरोप
0 हाईकोर्ट में प्रदेश सरकार ने दिया आश्वासन, सीबीआई जांच के लिए दाखिल की गई थी याचिका
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
बसपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे अयोध्या प्रसाद पाल के खिलाफ प्रदेश सरकार प्राथमिकी दर्ज कराएगी। पूर्वमंत्री पर 23 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन हड़पने का आरोप है। इसकी जांच सीबीआई से कराने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई थी। याचिका पर सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया कि पूर्व मंत्री के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस जांच करेगी।
सरकार के इस आश्वासन के बाद मामले की सुनवाई कर रही मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति सुनीत कुमार की पीठ ने याचिका निस्तारित कर दी। याची धर्मेंद्र की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि अयोध्या प्रसाद ने मंत्री रहते हुए फतेहपुर और अन्य जिलों में करीब 23 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन हड़प ली है। इस मामले की जांच लोकायुक्त और विजलेंस से कराई जा चुकी है पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, क्योंकि अयोध्या पाल ने बसपा छोड़कर सपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। बसपा के बाद सूबे में सपा की सरकार बनी और वह कार्रवाई से बच गए। अपर महाधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी का कहना था कि विजलेंस जांच पूरी हो चुकी है। जांच में आरोपों की पुष्टि हुई है। सरकार एक सप्ताह के भीतर अयोध्या पाल कि खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएगी।
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0 23 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन हड़पने का आरोप
0 हाईकोर्ट में प्रदेश सरकार ने दिया आश्वासन, सीबीआई जांच के लिए दाखिल की गई थी याचिका
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
बसपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे अयोध्या प्रसाद पाल के खिलाफ प्रदेश सरकार प्राथमिकी दर्ज कराएगी। पूर्वमंत्री पर 23 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन हड़पने का आरोप है। इसकी जांच सीबीआई से कराने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई थी। याचिका पर सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया कि पूर्व मंत्री के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस जांच करेगी।
सरकार के इस आश्वासन के बाद मामले की सुनवाई कर रही मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति सुनीत कुमार की पीठ ने याचिका निस्तारित कर दी। याची धर्मेंद्र की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि अयोध्या प्रसाद ने मंत्री रहते हुए फतेहपुर और अन्य जिलों में करीब 23 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन हड़प ली है। इस मामले की जांच लोकायुक्त और विजलेंस से कराई जा चुकी है पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, क्योंकि अयोध्या पाल ने बसपा छोड़कर सपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। बसपा के बाद सूबे में सपा की सरकार बनी और वह कार्रवाई से बच गए। अपर महाधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी का कहना था कि विजलेंस जांच पूरी हो चुकी है। जांच में आरोपों की पुष्टि हुई है। सरकार एक सप्ताह के भीतर अयोध्या पाल कि खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएगी।
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