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सुविधा के बजाए फॉर्म-3बी ने खड़ी कर दी दुविधा
Updated Mon, 07 Aug 2017 01:48 AM IST
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सुविधा के बजाए फॉर्म-3बी ने खड़ी कर दी दुविधा
0 जीएसटी के तहत वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में की गई है इसकी व्यवस्था
0 शनिवार को जीएसटी की वेबसाइट पर हुआ अपलोड, व्यापारी बता रहे जटिल
0 20 अगस्त तक फॉर्म-3बी में ऑनलाइन भरना होगा कारोबार का ब्योरा
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। जीएसटी में व्यापारियों को जुलाई का रिटर्न दाखिल करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में फॉर्म-3बी की सुविधा दी गई है लेकिन यह फॉर्म भरना उनके लिए मुसीबत गया है। व्यापारी इस फॉर्म को काफी जटिल बता रहे हैं। ग्रामीण इलाकों के बाजारों में जहां व्यापारी अभी जीएसटी के बारे में ही खास नहीं जानते, वहां यह फॉर्म भरना बेहद कठिन है।
जीएसटी के तहत व्यापारियों को हर माह की 10 तारीख तक ऑनलाइन जीएसटीआर 01 दाखिल करना है। यह रिटर्न फॉर्म उपलब्ध न होने के कारण ने फॉर्म-3बी की सुविधा दी। इसके तहत जुलाई के कारोबार का ब्योरा अगस्त में पांच से 20 अगस्त तक तथा अगस्त माह का ब्योरा 10 सितंबर तक ऑनलाइन भरना है। जीएसटी व्यवस्था नहीं होने के कारण व्यापारियों की दिक्कतों को देखते हुए सरकार ने दावा किया कि फॉर्म-3बी सरल होगा। इसे शनिवार को जीएसटी पोर्टल पर अपलोड भी कर दिया गया। व्यापारियों को जुलाई माह का ब्योरा इसी फॉर्म के जरिए 20 अगस्त तक दाखिल करना है। शनिवार को अपलोड फॉर्म जब व्यापारियों ने देखा तो उनका माथा ठनक गया। व्यापारी इसे भी काफी जटिल मान रहे हैं।
कागज व्यापारी संतोष पनामा, सीमेंट कारोबारी केके अग्रवाल, हार्डवेयर कारोबार सलामत उल्ला अंसारी का कहना है कि फॉर्म-3बी भले एक्सेल शीट की भांति हो लेकिन इसमें कारोबार से संबंधित इतना ज्यादा ब्योरा मांगा गया है, जिसे पूरा कर पाना आसान नहीं हैं। सीए से संपर्क कर कुछ व्यापारी तो इसे किसी तरह भर लेंगे लेकिन गांवों, कस्बों के वे व्यापारी जिन्हें अभी जीएसटी के बारे में ही ज्यादा जानकारी नहीं है। उनका कहना है कि फॉर्म-3बी सरल होना चाहिए।
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फॉर्म-3बी के बाद भी भरना होगा जीएसटीआर-1
इलाहाबाद। जुलाई और अगस्त के कारोबार का ब्योरा फॉर्म-3बी के जरिए ऑनलाइन भरने भर से राहत नहीं मिल जाएगी। इसके बाद जीएसटीआर-1 में भी 10 सितंबर तक जुलाई एवं अगस्त का ब्योरा दाखिल करना होगा। हर माल तय समय पर जीएसटीआर-1 भरने के बाद ही जीएसटीआर-2 एवं जीएसटीआर-3 ऑटोमेटिक जनरेट होगा, जिसके जरिए व्यापारी सालाना रिटर्न दाखिल कर सकेंगे।
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‘व्यापारियों को फॉर्म-3बी से घबराने की जरूरत नहीं है। इसमें कारोबार का ब्योरा भरते समय किसी तरह की गलती हो जाती है कि उसे सुधार भी सकते हैं। जीएसटी की जटिलताओं को देखते हुए ही जुलाई एवं अगस्त का रिटर्न दाखिल करने के लिए फॉर्म-3बी की व्यवस्था दी गई है।’ डॉ. पवन जायसवाल, सदस्य जीएससी सलाहकार परिषद
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0 जीएसटी के तहत वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में की गई है इसकी व्यवस्था
0 शनिवार को जीएसटी की वेबसाइट पर हुआ अपलोड, व्यापारी बता रहे जटिल
0 20 अगस्त तक फॉर्म-3बी में ऑनलाइन भरना होगा कारोबार का ब्योरा
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। जीएसटी में व्यापारियों को जुलाई का रिटर्न दाखिल करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में फॉर्म-3बी की सुविधा दी गई है लेकिन यह फॉर्म भरना उनके लिए मुसीबत गया है। व्यापारी इस फॉर्म को काफी जटिल बता रहे हैं। ग्रामीण इलाकों के बाजारों में जहां व्यापारी अभी जीएसटी के बारे में ही खास नहीं जानते, वहां यह फॉर्म भरना बेहद कठिन है।
जीएसटी के तहत व्यापारियों को हर माह की 10 तारीख तक ऑनलाइन जीएसटीआर 01 दाखिल करना है। यह रिटर्न फॉर्म उपलब्ध न होने के कारण ने फॉर्म-3बी की सुविधा दी। इसके तहत जुलाई के कारोबार का ब्योरा अगस्त में पांच से 20 अगस्त तक तथा अगस्त माह का ब्योरा 10 सितंबर तक ऑनलाइन भरना है। जीएसटी व्यवस्था नहीं होने के कारण व्यापारियों की दिक्कतों को देखते हुए सरकार ने दावा किया कि फॉर्म-3बी सरल होगा। इसे शनिवार को जीएसटी पोर्टल पर अपलोड भी कर दिया गया। व्यापारियों को जुलाई माह का ब्योरा इसी फॉर्म के जरिए 20 अगस्त तक दाखिल करना है। शनिवार को अपलोड फॉर्म जब व्यापारियों ने देखा तो उनका माथा ठनक गया। व्यापारी इसे भी काफी जटिल मान रहे हैं।
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कागज व्यापारी संतोष पनामा, सीमेंट कारोबारी केके अग्रवाल, हार्डवेयर कारोबार सलामत उल्ला अंसारी का कहना है कि फॉर्म-3बी भले एक्सेल शीट की भांति हो लेकिन इसमें कारोबार से संबंधित इतना ज्यादा ब्योरा मांगा गया है, जिसे पूरा कर पाना आसान नहीं हैं। सीए से संपर्क कर कुछ व्यापारी तो इसे किसी तरह भर लेंगे लेकिन गांवों, कस्बों के वे व्यापारी जिन्हें अभी जीएसटी के बारे में ही ज्यादा जानकारी नहीं है। उनका कहना है कि फॉर्म-3बी सरल होना चाहिए।
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फॉर्म-3बी के बाद भी भरना होगा जीएसटीआर-1
इलाहाबाद। जुलाई और अगस्त के कारोबार का ब्योरा फॉर्म-3बी के जरिए ऑनलाइन भरने भर से राहत नहीं मिल जाएगी। इसके बाद जीएसटीआर-1 में भी 10 सितंबर तक जुलाई एवं अगस्त का ब्योरा दाखिल करना होगा। हर माल तय समय पर जीएसटीआर-1 भरने के बाद ही जीएसटीआर-2 एवं जीएसटीआर-3 ऑटोमेटिक जनरेट होगा, जिसके जरिए व्यापारी सालाना रिटर्न दाखिल कर सकेंगे।
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‘व्यापारियों को फॉर्म-3बी से घबराने की जरूरत नहीं है। इसमें कारोबार का ब्योरा भरते समय किसी तरह की गलती हो जाती है कि उसे सुधार भी सकते हैं। जीएसटी की जटिलताओं को देखते हुए ही जुलाई एवं अगस्त का रिटर्न दाखिल करने के लिए फॉर्म-3बी की व्यवस्था दी गई है।’ डॉ. पवन जायसवाल, सदस्य जीएससी सलाहकार परिषद