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69000 teacher vacancy : शिक्षक बनने के फेर छोड़ दी नौकरी, अब काउंसलिंग का कर रहे इंतजार 

Wed, 19 Jan 2022 11:12 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 19 Jan 2022 11:12 PM IST
सार

69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षित वर्ग हेतु 68 सौ अभ्यर्थियों की चयन सूची बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा 5 जनवरी 2022 को जारी की गई। सूची जारी होने के बाद तमाम अभ्यर्थियों ने अपनी प्राइवेट और सरकारी नौकरी छोड़ दी।

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69000 teacher vacancy: left job to become a teacher, now waiting for counseling
Teacher Recruitment 2021 - फोटो : Social media

विस्तार

69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षित वर्ग के लिए 68 सौ अभ्यर्थियों की सूची जारी होने के बाद प्रक्रिया ठप पड़ी। अभ्यर्थी काउंसलिंग की तिथि घोषित होने का इंतजार कर रहे हैं लेकिन विभाग में कोई सुगबुगाहट ही नहीं है।

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अभ्यर्थी बेसिक शिक्षा विभाग में काउंसलिंग तिथि घोषित करने को लेकर चक्कर लगा रहे हैं लेकिन अफसर भी चुप्पी साधे हैं। कुछ अभ्यर्भी सरकारी नौकरी तो कुछ प्राइवेट नौकरी छोड़कर आए हैं। अब वह काउंसलिंग तिथि घोषित न होने से अधर में फंसे हुए हैं। 
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69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षित वर्ग हेतु 68 सौ अभ्यर्थियों की चयन सूची बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा 5 जनवरी 2022 को जारी की गई। सूची जारी होने के बाद तमाम अभ्यर्थियों ने अपनी प्राइवेट और सरकारी नौकरी छोड़ दी। जबकि बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से अभी तक काउंसलिंग शेड्यूल जारी नहीं किया गया है।
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इन अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर उन्हें पता होता कि सूची जारी करने के बाद विभाग काउंसलिंग तिथि और नियुक्ति पत्र देने में विलंब करेगा तो वह अभी नौकरी छोड़कर नहीं आते। इन अभ्यर्थियों के सामने आर्थिक परेशानी भी उठानी पड़ रही है। अब ये अभ्यर्थी न इधर के हुए न उधर के। उनकी मांग है कि बेसिक शिक्षा विभाग तत्काल काउंसलिंग की तिथि घोषित करे। 

टीईटी परीक्षा के बाद तेज होगा शिक्षक भर्ती आंदोलन
टीईटी परीक्षा के बाद युवा मंच कार्यकर्ता शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर आंदोलन तेज करेंगे। युवा मंच अध्यक्ष अनिल सिंह ने प्रदेश सरकार निशाना साधते हुए कहा कि जब महज 7 हजार अभ्यर्थियों वाली पीसीएस मुख्य परीक्षा को कोविड की वजह से स्थगित किया जा सकता है, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की सभी परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया।

शिक्षण संस्थान पहले से ही बंद हैं। ऐसे में सरकार लाखों युवाओं की जिंदगी को खतरे में डालकर टीईटी परीक्षा कराने की जिद पर अड़ी है। अगर टीईटी परीक्षा कराने की जिद पर सरकार अड़ी है तो प्रदेश के युवा भी टीईटी परीक्षा के बाद 97 हजार शिक्षक भर्ती के विज्ञापन के लिए आंदोलन तेज करेेंगे।

प्रवेश प्रक्रिया रोकने पर जताई नाराजगी 
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ भवन पर छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर बुधवार को 547 वे दिन भी छात्रनेता अजय यादव सम्राट के अगुवाई में आंदोलन जारी रहा। अनशनकारियों ने इविवि में प्रवेश प्रक्रिया बंद करने पर आक्रोश जाहिर किया है। छात्रनेताओं का कहना है कि कि कोरोना का बहाना बनाकर विश्वविद्यालय बंद कर दिया है गया।

देश के दूसरे सभी विश्वविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में विश्वविद्यालय को बंद कर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इस दौरान नवनीत यादव, मसूद अंसारी, हरेंद्र यादव, आदित्य कुमार, अभिषेक यादव, शिव शंकर सरोज, ललित सिंह, सुधीर यादव, सलमान इलाहाबादी आदि लोग उपस्थित रहे।

समावेशी शिक्षा आज की मांग
प्रयागराज। एसएस खन्ना महिला महाविद्यालय के बीएड संकाय में सत्र 2021-23 की नवप्रवेशी छात्राओं के लिए बुधवार को ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इविवि में शिक्षाशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. धनंजय यादव ने कहा शिक्षा का सर्वोच्च ध्येय अधिगमकर्ता का चहुंमुखी विकास है। मूल्य आधारित एवं समावेशी शिक्षा आज के समय की मांग है। स्वागत उप प्राचार्या डॉ. नीरजा सचदेव किया। डॉ. मंजरी शुक्ला ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान अपर्णा यादव, प्रणाली पटेल, श्वेता सिंह, दृष्टि केसरवानी, सत्यम स्वरूप आदि उपस्थित रहीं।

शिक्षाविदों ने साझा किए विचार
ईश्वर शरण पीजी कालेज के अंग्रेजी विभाग में बुधवार को दो दिवसीय व्याख्यानमाला का समापन हुआ। महाराजा सूरजमल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी नई दिल्ली की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. जिंदगी कुमारी ने नोबेल पुरस्कार विजेता रविंद्र नाथ टैगोर के उपन्यास होम एंड द वर्ल्ड और दूसरा प्रेमचंद द्वारा लिखित द गिफ्ट आफ ए काऊ के व्याख्यान से हुआ।

उन्होंने कहा कि होम एंड द वर्ल्ड में बाहरी दुनिया के साथ घर के संबंध को दर्शाया गया है। द गिफ्ट आफ ए काऊ में मुंशी प्रेमचंद के तत्कालीन समाज के आलोचनात्मक टिप्पणी पर प्रकाश डाला। इंटीग्रल यूनिवर्सिटी लखनऊ की डॉ. एस आबिदि ने भी अपने विचार साझा किए। इस दौरान प्राचार्य प्रो. आनंद शंकर सिंह, कार्यक्रम संयोजिका डॉ. अनुजा सलूजा, डॉ. विजय तिवारी, डॉ. शाइस्ता इरशाद, शोध छात्रा अपूर्वा और शैलजा आदि उपस्थित रहीं।

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