69 हजार शिक्षक भर्तीः एसटीएफ के रडार पर पहले से था शिक्षक भर्ती परीक्षा गिरोह का सरगना
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69 हजार शिक्षक भर्ती परीक्षा पास कराने के नाम पर रुपये वसूलने वाले गिरोह के 11 सदस्य अब तक जेल भेजे जा चुके हैं। इनमें सरगना पूर्व जिला पंचायत सदस्य व डॉक्टर केएल पटेल भी शामिल है। मामला की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को इसकी जांच एसटीएफ को सौंप दी गई। मामले में भले ही सरगना जेल भेजा जा चुका है लेकिन एसटीएफ उससे अच्छी तरह से वाकिफ है।
वह डेढ़ साल पहले ही एसटीएफ के रडार पर आ गया था जब रेलवे परीक्षाओं के दौरान पिछले साल फरवरी में सॉल्वर गिरोह पकड़ा गया था। शिवकुटी क्षे़त्र से गिरफ्तार सॉल्वर गिरोह के पांच सदस्यों ने पूछताछ में खुलासा किया था कि वह परीक्षाओं में सॉल्वर बैठाने का काम करते हैं। यह भी बताया था कि केएल पटेल समेत सात अन्य लोग हैं जो उन्हें अभ्यर्थी उपलब्ध कराते हैं।
जिसके बाद एसटीएफ के एसआई मनोज सिंह की जिस तहरीर पर शिवकुटी थाने में सॉल्वर गिरोह के पांच सदस्यों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया, उसमें केएल पटेल का भी नाम था। वह तभी से एसटीएफ के रडार पर आ गया था। माना जा रहा है कि मामले की जांच मिलने के बाद अब शिक्षक भर्ती के साथ ही एसटीएफ अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी उसकी संलिप्तिता की जांच करेगी।
एक और खास बात यह है कि शिक्षक भर्ती परीक्षा पास कराने वाले गिरोह के सदस्य के तौर पर जेल भेजे गए संतोष बिंद निवासी प्रतापगढ़ का नाम भी एसटीएफ की ओर से फरवरी में सॉल्वर गिरोह पकड़े जाने के दौरान आ चुका है और उसकी भी जानकारी मामले की विवेचना कर रही शिवकुटी पुलिस को एसटीएफ टीम ने दी थी।
7 फरवरी को पिछले साल पकड़ा गया था सॉल्वर गिरोह
5 सदस्य शिवकुटी से एसटीएफ ने पकड़े थे
7 मददगारों के नाम सामने आए थे जिनमें केएल पटेल, संतोष बिंद भी थे शामिल
69 हजार शिक्षक भर्ती परीक्षा मामले में दोनों हाल ही में भेजे गए हैं जेल